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शादी से कुछ घंटे पहले प्रेमी के साथ फरार हुई दुल्हन, तो दूल्हे ने रचाई बहन के साथ शादी

सीडीपीओ ने कहा कि लड़की ने अपने माता-पिता के घर में रहने और परीक्षा में बैठने का विकल्प चुना.. (file pic)
सीडीपीओ ने कहा कि लड़की ने अपने माता-पिता के घर में रहने और परीक्षा में बैठने का विकल्प चुना.. (file pic)

अधिकारी ने कहा कि जयपटना पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में मालपाड़ा गांव की दुल्हन मंगलवार शाम को 26 वर्षीय दूल्हे के साथ शादी से कुछ घंटे पहले अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई जिसके बाद उसके माता-पिता उसकी नाबालिग बहन की दूल्हे से शादी करने को राजी हो गए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 18, 2021, 10:49 PM IST
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भवानीपटना. ओडिशा के कालाहांडी जिले में इंतजार कर रहे दूल्हे को छोड़कर एक दुल्हन अपने प्रेमी के साथ भाग गई, जिसके बाद उसकी 15 वर्षीय छोटी बहन की शादी दूल्हे के साथ हो गई. एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि बाल-विवाह गैरकानूनी है इसीलिए पुलिस ने लड़की को उसके ससुराल में रहने की अनुमति नहीं दी.

अधिकारी ने कहा कि जयपटना पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में मालपाड़ा गांव की दुल्हन मंगलवार शाम को 26 वर्षीय दूल्हे के साथ शादी से कुछ घंटे पहले अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई जिसके बाद उसके माता-पिता उसकी नाबालिग बहन की दूल्हे से शादी करने को राजी हो गए. कालाहांडी जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुकांति बेहरा ने बताया कि कक्षा 10 की परीक्षा की तैयारी कर रही बच्ची को छुड़ाकर उसके भाई को सौंप दिया गया.

उन्होंने कहा कि दुल्हन के माता-पिता और दूल्हे के परिवार को इस बात की जानकारी नहीं थी कि बाल विवाह गैरकानूनी है. सीडीपीओ ने कहा कि लड़की ने अपने माता-पिता के घर में रहने और परीक्षा में बैठने का विकल्प चुना. बेहरा ने कहा,‘‘दोनों परिवारों के लिए एक परामर्श सत्र का आयोजन किया गया था. उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया. वे 18 वर्ष की विवाह योग्य आयु प्राप्त करने से पहले लड़की की शादी को गंभीरता से नहीं लेने पर सहमत हुए.”



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अधिकारी ने कहा कि घटना के बारे में पूछे जाने पर लड़की के पिता ने दावा किया कि वह साथियों के दबाव के कारण अपनी छोटी बेटी की शादी कराने के लिए सहमत हो गए. उन्‍होंने कहा कि बाल संरक्षण अधिकारी और पुलिस के कहने पर उन्‍होंने बेटी के बालिग होने तक इस शादी को मान्‍यता नहीं देने का निर्णय लिया है.

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बाल विवाह वाली 30 प्रतिशत लड़कियां कभी स्‍कूल नहीं गईं : नेशनल फैमिली हेल्‍थ सर्वे
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 से पता चलता है कि 15 से 19 साल के बीच की वे लड़कियां जिनकी शादी तय कानूनी उम्र से पहले हुई थी, उनमें 30.8 प्रतिशत कभी स्कूल नहीं गईं. जबकि 21.9 प्रतिशत ने प्राथमिक स्तर तक पढ़ाई की. सेकेंडरी लेवल तक पढ़ाई करने वाली ऐसी लड़कियां जिनकी शादी 18 साल से पहले हुई महज 10.2 प्रतिशत ही हैं. ऐसी लड़कियां जिनकी शादी उच्च शिक्षा के बाद भी 18 साल से पहले हुई मात्र 2.4 प्रतिशत है. रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि बाल विवाह की शिकार ज्यादातर लड़कियां जो 15-19 साल के बीच की हैं, उनमें 31.5 प्रतिशत मां भी बन चुकी हैं. बाल विवाह की शिकार लड़कियों मे एक चौथाई 15 से 16 साल के बीच की हैं.
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