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ओला, उबर की सर्ज प्राइसिंग पर ममता सरकार हुई सख्त, नोटिस भेजकर मांगा जवाब

फाइल फोटो
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पता चला है कि ओला और उबर के खिलाफ राज्य परिवहन विभाग को 100 से अधिक शिकायतें मिली हैं, जिनमें कहा गया है कि दोनों कंपनियां 2 से 10 किलोमीटर की छोटी-छोटी दूरियों के लिए भी हद से ज्यादा किराया वसूल कर रही हैं.

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पश्चिम बंगाल सरकार को ओला और उबर के हद से ज्यादा किराया वसूलने की कई शिकायतें मिली हैं, जिसके बाद ममता सरकार ने ओला और उबर से  स्पष्टीकरण मांगते हुए उन्हें अपनी किराया नीति स्पष्ट करने के लिए कहा है.

पता चला है कि ओला और उबर के खिलाफ राज्य परिवहन विभाग को 100 से अधिक शिकायतें मिली हैं, जिनमें कहा गया है कि दोनों कंपनियां 2 से 10 किलोमीटर की छोटी-छोटी दूरियों के लिए भी हद से ज्यादा किराया वसूल रही हैं.

न्यूज 18 से इस जानकारी की पुष्टि करते हुए बंगाल के परिवहन मंत्री सुवेन्द्र अधिकारी ने कहा, “छोटी दूरियों के लिए भी हद से ज्यादा किराया वसूलने के बाद हमने ओला और उबर को अपनी किराया नीति स्पष्ट करने के लिए कहा है.”



सुवेन्द्र अधिकारी ने आगे कहा, “हमने उन्हें जवाब देने के लिए 15 दिन का वक्त दिया है और उनके जवाब के आधार पर ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्हें अपने किराए को उचित सिद्ध करना है, क्योंकि शहरों और कस्बों में लोगों की शिकायतों में अचनाक वृद्धि हुई है."
सूत्रों के अनुसार सरकार ओला, उबर की सर्ज प्राइसिंग (पीक टाइम पर किराया बढ़ जाना) की जांच कराएगी.

निजी बैंक  के कर्मचारी सौनक मैती के कहा, "मैं नियमित तौर पर उबर से यात्रा करता हूं. शुरू में किराए सामान्य थे, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से मुझे लग रहा है कि वे मनमाना किराया ले रहे हैं. ऐसा लगता है कि उन्होंने समय और स्थान के अनुसार किराया लेने की योजना बनाई है. व्यस्त घंटों में किराया अचानक बढ़ जाता है. अगर आप शाम के समय पार्क स्ट्रीट (स्ट्रीट फूड के लिए प्रसिद्ध जगह) में हैं तो किराया बहुत ज्यादा होगा, लेकिन उसी वक्त अगर आप बेल्गोरिया अथवा बारसाट (शहर की उत्तरी सीमाएं) में हैं तो किराया बहुत कम होगा."

सौनक ने आगे कहा, “कभी-कभी किराया चार गुना तक बढ़ जाता है. एक बार रात को नौ बजे ‘पार्क स्ट्रीट’ से ‘न्यू टाउन’ के बीच 15 किलोमीटर की दूरी के लिए उबर 700 रुपये किराया दिखा रहा था. मुझे पता है कि तेल के दाम बढ़ गए हैं लेकिन इसके बाद भी इनके किराया के पीछे कोई लॉजिक नहीं है.”

सूत्रों ने बताया कि राज्य परिवहन विभाग ने ओला और उबर को 30 सवालों की एक प्रश्नावली भेजी है. इसमें सवाल किया गया है कि किराया को किस आधार पर बढ़ाया जाता है, क्या ओला और उबर के पास इस मैकेनिज्म (सर्ज प्राइसिंग) के लिए कोई विशेषज्ञ हैं.

परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य जनता के लिए बेहतरीन परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि जो भी मुद्दे हैं उन्हें जल्द सुलझा लिया जाएगा. वहीं ओला और उबर के अधिकारियों से इस मामले पर प्रतिक्रिया लेने के लिए बात नहीं हो सकी.
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