बजट सत्र से पहले राजनीतिक दलों के साथ बैठक करेंगे ओम बिरला और वैंकेया नायडू

बजट सत्र से पहले राजनीतिक दलों के साथ बैठक करेंगे ओम बिरला और वैंकेया नायडू
संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा और उस दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संबोधित करेंगे.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) निचले सदन में सभी दलों के नेताओं के साथ 30 जनवरी को शाम साढ़े छह बजे बैठक करेंगे. वहीं वैंकेया नायडू (Venkaiya Naidu) ने 31 जनवरी को शाम साढ़े चार बजे उपराष्ट्रपति भवन में सभी दलों के नेताओं संग बैठक करेंगे.

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नई दिल्ली. संसद के बजट सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) ने 30 जनवरी को विभिन्न राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई है जबकि राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू (M Venkaiah Naidu) ने 31 जनवरी को अपने आवास पर राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई है.

सरकार ने भी 30 जनवरी को सुबह सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई है. सूत्रों ने बताया कि इन बैठकों का उद्देश्य संसद के आगामी सत्र के दौरान सदन में कामकाज सुचारू रूप से संपन्न कराना है. राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने उच्च सदन में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को बैठक के लिये आमंत्रित किया है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी ऐसी ही बैठक बुलाई है.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला निचले सदन में सभी दलों के नेताओं के साथ 30 जनवरी को शाम साढ़े छह बजे बैठक करेंगे. वहीं नायडू ने 31 जनवरी को शाम साढ़े चार बजे उपराष्ट्रपति भवन में सभी दलों के नेताओं संग बैठक करेंगे.



सदन में ये मुद्दे उठा सकता है विपक्ष
गौरतलब है कि पिछले दो सत्रों के दौरान राज्यसभा में कामकाज की उत्पादकता शत प्रतिशत रही. हालांकि, संसद का बजट सत्र इस बार हंगामेदार रहने की संभावना है जहां विपक्ष संशोधित नागरिकता कानून के अलावा एनपीआर और एनआरसी के मुद्दे को जोरदार ढंग से उठा सकता है. इसके अलावा अर्थव्यवस्था सहित कई अन्य मुद्दे भी उठाये जा सकते हैं.

उल्लेखनीय है कि संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा और उस दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संबोधित करेंगे. सत्र 11 फरवरी तक चलेगा. इसके बाद एक अंतराल के बाद इसका दूसरा हिस्सा 2 मार्च से शुरू होकर 3 अप्रैल तक चलेगा.

कांग्रेस ने नेताओं संग की बैठक
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में सोमवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई जिसमें संसद के आगामी बजट सत्र में संशोधित नागरिकता कानून(सीएए), एनआरसी और एनपीआर के साथ ही आर्थिक मंदी एवं बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने तथा अन्य विपक्षी दलों को भी साथ लेने का निर्णय हुआ.

ये नेता हुए शामिल
सोनिया के आवास पर हुई पार्टी की रणनीति बनाने वाली समिति की इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, अधीर रंजन चौधरी, के. सुरेश और कई अन्य नेता शामिल हुए.

सूत्रों ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, "इस बैठक में संसद के आगामी सत्र में आम सीएए, एनआरसी, एनपीआर, बेरोजगारी,बदहाल अर्थव्यवस्था और सरकारी दमन जैसे मुद्दों को संसद के दोनों सदनों में आक्रामक ढंग से उठाने और अन्य विपक्षी दलों को साथ लेने का निर्णय हुआ."

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