अनुच्छेद 370 पर सरकार का फैसला ‘विश्वासघात’, देंगे इसको चुनौती: उमर अब्दुल्ला

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह राज्य की जनता के साथ पूरी तरह विश्वासघात है. अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार यह फैसले एकतरफा, अवैध एवं असंवैधानिक है. नेशनल कॉन्फ्रेंस इन्हें चुनौती देगी.

भाषा
Updated: August 5, 2019, 3:01 PM IST
अनुच्छेद 370 पर सरकार का फैसला ‘विश्वासघात’, देंगे इसको चुनौती: उमर अब्दुल्ला
उमर अब्दुल्ला ने कहा, सरकार ने जम्मू-कश्मीर की जनता के साथ ‘विश्वासघात’ किया
भाषा
Updated: August 5, 2019, 3:01 PM IST
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 370 पर सरकार के कदम को ‘एकतरफा एवं चौंकाने वाला’ करार दिया है. उन्होंने कहा कि यह राज्य की जनता के साथ पूरी तरह विश्वासघात है. अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार यह फैसले एकतरफा, अवैध एवं असंवैधानिक है. नेशनल कॉन्फ्रेंस इन्हें चुनौती देगी.

गृह मंत्री अमित शाह ने संसद के दोनों सदनों में सोमवार को एक प्रस्ताव पेश किया कि अनुच्छेद 370 राज्य में लागू नहीं होगा. इस पर नाराजगी जताते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘आज किया गया भारत सरकार का एकतरफा एवं चौंकाने वाला निर्णय उस भरोसे के साथ पूरी तरह धोखा है जो जम्मू-कश्मीर के लोगों ने भारत में जताया था जब राज्य का 1947 में इसके साथ विलय हुआ था. ये फैसले दूरगामी एवं भयंकर परिणाम देने वाले होंगे. यह राज्य के लोगों के प्रति दिखाई गई आक्रामकता है जिसकी कल श्रीनगर में सर्वदलीय बैठक में आशंका जताई गई थी.”

उन्होंने कहा, ‘भारत सरकार ने इन विनाशकारी फैसलों की जमीन तैयार करने के लिए हाल के हफ्तों में धोखे एवं गोपनीयता का सहारा लिया. हमारी आशंकाएं दुर्भाग्यवश सच साबित हुईं जब भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर में उसके प्रतिनिधियों ने हमसे झूठ बोला कि कुछ भी बड़ा करने की योजना नहीं है.’

‘सरकार ने हमे कैद किया’

अब्दुल्ला ने कहा कि यह घोषणा तब की गई जब पूरे राज्य, खासकर घाटी, को छावनी में तब्दील कर दिया गया. उन्होंने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर के लोगों को लोकतांत्रिक आवाज देने वाले हम जैसे लोगों को कैद कर रख लिया गया है जहां लाखों सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की हुई है.’

‘सरकार के इस फैसले को देंगे चुनौती’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को निरस्त किया जाना राज्य के विलय पर मूलभूत सवाल खड़े करता है. क्योंकि यह इन अनुच्छेदों में शामिल शर्तों के आधार पर ही किया गया था. यह फैसले एकतरफा, अवैध एवं असंवैधानिक हैं और नेशनल कॉन्फ्रेंस इन्हें चुनौती देगी. आगे लंबी एवं मुश्किल जंग होने वाली है. हम उसके लिए तैयार हैं.
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First published: August 5, 2019, 2:59 PM IST
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