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JKCA Money Laundering Case: पिता की संपत्ति जब्त करने के ED के एक्शन पर भड़के उमर अब्दुल्ला, बोले- कोर्ट में जाएंगे

उमर ने कहा कि कुर्क की जाने वाली संपत्तियों में से हालिया निर्मित एक इमारत 2003 से पहले की है.  (फाइल फोटो)
उमर ने कहा कि कुर्क की जाने वाली संपत्तियों में से हालिया निर्मित एक इमारत 2003 से पहले की है. (फाइल फोटो)

JKCA Money Laundering Case: नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के नेता उमर अब्दुल्ला (Omar Abdulla) ने कहा कि सभी आरोप निराधार हैं और इनसे अदालत में लड़ेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 19, 2020, 10:31 PM IST
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नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdulla) ने शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) द्वारा उनके पिता की संपत्तियों की अस्थायी कुर्की के आदेश को "निराधार" करार दिया और आश्चर्य जताया कि पैतृक संपत्ति को अपराध से हासिल संपत्ति के रूप में कैसे देखा जा सकता है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला (Omar Abdulla) ने इस संबंध में कई ट्वीट किए, जिनमें उन्होंने कहा, ‘‘उनके पिता फारूक अब्दुल्ला इसको लेकर अपने वकीलों के संपर्क में हैं और इन सभी निराधार आरोपों से अदालत में लड़ेंगे.’’

उन्होंने कहा कि सभी को लगता है कि वह निर्दोष हैं और मीडिया की अदालत या भाजपा के प्रबंधित सोशल मीडिया की अदालत के विपरीत वह निष्पक्ष जांच के हकदार हैं. उमर ने आश्चर्य व्यक्त किया कि कुर्क की जाने वाली संपत्तियों में से अधिकतर 1970 के दशक के हैं, जिनमें सबसे हालिया निर्मित एक इमारत 2003 से पहले की है. उन्होंने कहा, कुर्की को सही नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने कहा कि उनके पिता को मीडिया के माध्यम से जेकेसीए मामले में चल रही जांच में उनकी संपत्तियों की कुर्की के बारे में पता चला. उमर ने कहा, "कितने आश्चर्य की बात है कि उनके पिता को कोई आधिकारिक नोटिस या दस्तावेज मिलने से पहले ही मीडिया को जब्ती के बारे में बता दिया गया."

मनी लॉन्ड्रिंग का मामला 2002 से 2011 के बीच का                                                           दरअसल जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोशिएसन (JKCA) मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) की 11.86 करोड़ की संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय ने जब्त कर ली है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख नेता के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम कथित वित्तीय गड़बड़ियों के मामले खंगाल रही है. ये सारे मामले जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोशिएसन में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े हैं. सीबीआई ने 2018 में फारूक अब्दुल्ला और तीन अन्य के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी. जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोशिएसन में 2002 से 2011 के बीच का ये मामला लगभग 43.69 करोड़ कथित अनियमितताओं से जुड़ा है.





ईडी ने दावा किया है कि 2006 से 2012 के दौरान फारूक अब्दुल्ला ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए जेकेसीए के फंड का दुरुपयोग किया. एजेंसी का दावा है कि 45 करोड़ से ज्यादा की रकम पर कथित रूप से हाथ साफ किया गया है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता की सीज की गई संपत्तियों में तीन आवासीय, एक वाणिज्यिक संपत्तियों के साथ और चार प्लाट भी शामिल हैं. इन सभी संपत्तियों की कीमत 11.86 करोड़ है, जबकि मार्केट वैल्यू 60 से 70 करोड़ की है.

NC ने मामले को गुपकर डिक्लरेशन से जोड़ा
अक्टूबर 2020 में फारूक अब्दुल्ला से इस बारे में दो बार पूछताछ हो चुकी है. नेशनल कॉन्फ्रेंस इस पूरी जांच प्रक्रिया को राज्य में स्पेशल स्टेटस के मुद्दे पर सभी पार्टियों को एक मंच पर लाने से जोड़कर देख रही है.

84 वर्षीय अब्दुल्ला की पार्टी के प्रवक्ता ने कहा, ''ईडी की तरफ से लेटर गुपकार डिक्लरेशन के तहत कश्मीर में पीपुल्स एलायंस की घोषणा के बाद आया है. ये स्पष्ट संकेत है कि पूरा मामला राजनीतिक प्रतिशोध से जुड़ा है.''
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