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जीनोम टेस्टिंग के लिए सैम्पल, होम आइसोलेशन की निगरानी: जानें ओमिक्रॉन पर केंद्र ने राज्यों से क्या कहा

जीनोम टेस्टिंग के लिए सैम्पल, होम आइसोलेशन की निगरानी: जानें ओमिक्रॉन पर केंद्र ने राज्यों से क्या कहा

कोरोना के नए वेरिएंट 'ओमिक्रॉन' की पहचान सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में हुई थी. (सांकेतिक तस्वीर)

कोरोना के नए वेरिएंट 'ओमिक्रॉन' की पहचान सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में हुई थी. (सांकेतिक तस्वीर)

Omicron Coronavirus Variant: वैज्ञानिकों का कहना है कि 'ओमिक्रॉन' वेरिएंट कई बार उत्परिवर्तन का नतीजा है. कोविड के अधिक संक्रामक स्वरूप बी.1.1.1.529 के बारे में पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन को सूचित किया गया था. ओमिक्रॉन को कोरोना वायरस के विभिन्न स्वरूपों में सबसे खतरनाक माना जा रहा है. डब्ल्यूएचओ ने 26 नवंबर को इसे 'चिंताजनक' स्वरूप बताते हुए ओमिक्रॉन नाम दिया.

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    नई दिल्ली. कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमिक्रॉन (Coronavirus New Variant Omicron) को लेकर केंद्र ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को जांच में तेजी लाने और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की प्रभावी निगरानी करने की मंगलवार को सलाह दी. केंद्र ने साथ ही कहा कि ऐसा नहीं है कि सार्स-सीओवी-2 का ओमिक्रॉन स्वरूप आरटी-पीसीआर (RT-PCR) और आरएटी जांच (Rapid Antigen Test) की पकड़ में नहीं आता. केंद्र ने यह भी कहा कि ओमिक्रॉन स्वरूप का कोई मामला अभी देश में सामने नहीं आया है.

    कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन स्वरूप के मामले कई देशों में सामने आने के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ डिजिटल तरीके से एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक में कोविड-19 के खिलाफ जनस्वास्थ्य प्रतिक्रिया उपायों और तैयारियों की समीक्षा की गई. ओमिक्रॉन को कोरोना वायरस के विभिन्न स्वरूपों में सबसे खतरनाक माना जा रहा है.

    केंद्र ने राज्यों को दिये ये दिशानिर्देश:

    राज्यों से जांच दिशानिर्देशों को सख्ती से लागू करते हुए जांच बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आरटी-पीसीआर अनुपात को बनाए रखते हुए प्रत्येक जिले में पर्याप्त जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया. इस बात पर जोर दिया गया कि 'जोखिम वाले' देशों से आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और विशिष्ट श्रेणी के यात्रियों के नमूने की पहले दिन और आठवें दिन जांच ईमानदारी से की जानी चाहिए. 'जोखिम वाले' देशों के अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आरटी-पीसीआर की जांच रिपोर्ट उपलब्ध होने तक हवाई अड्डों पर इंतजार करने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है.
    राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उन क्षेत्रों की निरंतर निगरानी करने की सलाह दी गई जहां हाल ही में संक्रमित मामले सामने आए हैं. उन्हें कहा गया है कि सभी पॉजिटिव मामलों के नमूनों को शीघ्र जीनोम अनुक्रमण के लिए निर्दिष्ट आईएनएसएसीओजी ((इंडियन सार्स-सीओवी-2 कंसोर्टियम ऑन जिनोमिक्स) लैब में भेजें. उन्हें 'जोखिम वाले' देशों के यात्रियों के घरों का भौतिक दौरा करके घर पर पृथकवास वाले मामलों की प्रभावी और नियमित निगरानी करने के लिए कहा गया है.
    आठवें दिन जांच के बाद निगेटिव पाये गए व्यक्तियों की स्थिति की भी राज्य प्रशासन द्वारा भौतिक निगरानी की जानी है. राज्यों को स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे (आईसीयू, आक्सीजन आपूर्ति वाले बिस्तर, वेंटिलेटर, आदि की उपलब्धता) की तैयारी सुनिश्चित करने और ग्रामीण क्षेत्रों और बाल चिकित्सा मामलों पर ध्यान देने के साथ आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं स्वास्थ्य प्रणाली तैयारी (ईसीआरपी-द्वितीय) को लागू करने के लिए भी कहा गया है."
    'जोखिम वाले' देशों के अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आरटी-पीसीआर की जांच रिपोर्ट उपलब्ध होने तक हवाई अड्डों पर इंतजार करने के लिए तैयार रहने की सलाह दी जा रही है. 'जोखिम वाले' (26 नवंबर तक अपडेट) के रूप में वर्गीकृत देशों में यूरोपीय देश, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरिशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इज़रायल शामिल हैं.
    राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को स्वीकृत प्रेशर स्विंग एड्सॉर्पशन (पीएसए) ऑक्सीजन उत्पन्न करने वाले संयंत्रों के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए काम करने के साथ-साथ साजो-सामान, दवाओं, ऑक्सीजन सिलेंडर आदि की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है. राज्यों को सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के विवरण सहित संक्रमित यात्रियों की सूची के लिए हवाईअड्डा स्वास्थ्य अधिकारियों (एपीएचओ) और 'एयर सुविधा' पोर्टल के साथ समन्वय करने और प्रभावी निगरानी के लिए उनके समर्थन को मजबूत करने के लिए कहा गया है.
    राज्य प्रशासन, बीओआई अधिकारियों, एपीएचओ, पोर्ट स्वास्थ्य अधिकारियों (पीएचओ) और लैंड बॉर्डर क्रॉसिंग ऑफिसर (एलबीसीओ) के बीच प्रभावी और समय पर समन्वय पर बल दिया गया है. अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए आज मध्यरात्रि से लागू होने वाले नये दिशानिर्देशों का सुचारू रूप से कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए राज्यों को संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करने की सलाह दी गई है.
    देश में किसी भी वीओसी (Variant of Concern) के प्रसार का पता लगाने और उस पर नजर रखने के लिए राज्य निगरानी अधिकारी द्वारा दैनिक निगरानी के लिए निर्देशित किया गया है. इसमें कहा गया है कि विज्ञान आधारित जानकारी के नियमित प्रसार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के माध्यम से जनता के साथ साझा किया जाना चाहिए.

    Tags: Coronavirus, Omicron variant

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