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Omicron Fear: ओमिक्रॉन खतरे के बीच आखिर क्यों पीएम मोदी ने बूस्टर डोज की घोषणा की, जानें मुख्य कारण

Omicron Fear: ओमिक्रॉन खतरे के बीच आखिर क्यों पीएम मोदी ने बूस्टर डोज की घोषणा की, जानें मुख्य कारण

ओमिक्रॉन के तेजी से बढ़ते केसेस ने बूस्टर खुराक की जरूरत की तरफ सबका ध्यान खींच दिया है. (फाइल फोटो)

ओमिक्रॉन के तेजी से बढ़ते केसेस ने बूस्टर खुराक की जरूरत की तरफ सबका ध्यान खींच दिया है. (फाइल फोटो)

Why PM Modi announced booster dose, Booster Dose, Precaution Dose in India : ओमिकॉन (Omicron) के खतरे ने कई तरह की चिंताओं को जन्म दे दिया है. कोविड की डेल्टा लहर के दौरान दिल्ली और महाराष्ट्र बुरी तरह से प्रभावित हुए थे और अब एक बार फिर ओमिक्रॉन वेरिएंट से इन दोनों ही शहरों में हालात बदलने लगे हैं. महाराष्ट्र में हर दिन करीब 20 फीसदी संक्रमण के मामले अधिक आ रहे हैं जबकि वही दिल्ली में यह अनुपात 10 फीसदी के आसपास बना हुआ है.

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    नई दिल्ली: देश में एक बार फिर से कोरोना वायरस(Coronavirus) की लहर का खतरा मंडरा रहा है क्योंकि कोविड के नए वेरिएंट (Covid19 New Variant) की वजह से संक्रमण के मामलों के अचानक से तेजी आई है. देश में ओमिक्रॉन 517 मामले (Omicron in India) सामने आ चुके हैं. साल के आखिरी सप्ताह में कोरोना (Corona) के बढ़ते खतरे के बीच पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शनिवार को देश संबोधित किया. अपने 14 मिनट के भाषण में उन्होंने कई बड़ी घोषणाएं की. पीएम ने अपने भाषण के दौरान कोविड बूस्टर डोज (Booster Dose in India) का भी जिक्र किया जो कि पिछले कई महीनों से विशेषज्ञों, डॉक्टर्स और जनता के बीच चर्चा का कारण बना हुआ था.

    पीएम ने अपने छोटे से भाषण में कई घोषणाएं ऐसे समय पर की है जब ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि नए साल में 3 जनवरी 2022 से 15-18 साल के बच्चों को वैक्सीन लगाने का काम शुरु किया जाएगा और साथ ही 10 जनवरी से कॉमरेडिटी वाले और 60 साल से अधिक उम्र के लोग को Precaution Doses के देने की शुरुआत होगी.

    ओमिकॉन के खतरे ने कई तरह की चिंताओं को जन्म दे दिया है. कोविड की डेल्टा लहर के दौरान दिल्ली और महाराष्ट्र बुरी तरह से प्रभावित हुए थे और अब एक बार फिर ओमिक्रॉन वेरिएंट से इन दोनों ही शहरों में हालात बदलने लगे हैं. महाराष्ट्र में हर दिन करीब 20 फीसदी संक्रमण के मामले अधिक आ रहे हैं जबकि वही दिल्ली में यह अनुपात 10 फीसदी के आसपास बना हुआ है.

    यह भी पढ़ें-  क्या ओमिक्रॉन के मरीज को देना पड़ रहा है ऑक्सीजन सपोर्ट या फिर स्टेरॉयड?, LNJP के डॉक्टर ने बताई पूरी बात

    ओमिक्रॉन के तेजी से बढ़ते केसेस ने बूस्टर खुराक की जरूरत की तरफ सबका ध्यान खींच दिया है. विशेषज्ञों की मानें तो बूस्टर खुराक का उद्देश्य कोविड वैक्सीन की प्रभावशीलता को बनाए रखना है. न्यूज 18 ने शुक्रवार को ही अपने पाठकों और दर्शकों को बताया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने भारत में कोविड-19 के खिलाफ बूस्टर खुराक की आवश्यकता का आंकलन करना शुरू कर दिया है.

    बूस्टर खुराक के लिए अध्ययन में जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख संस्थान संस्थान ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (टीएचएसटीआई) की अध्यक्षता में 3000 से अधिक लोगों को शामिल किया गया जिन्हें लगभग छह महीने पहले वैक्सीन की डोनों डोज लग चुकी थी. इस अध्ययन में भारत में टीकाकरण में प्रयोग की जाने वाली कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पुतनिकवी तीनों ही वैक्सीन का इस्तेमाल किया गया था.

    एक अध्ययन में यह भी सामने आया है कि जिन लोगों को टीके लग चुके हैं उनकी एंटीबॉडी के स्तर में गिरावट दर्ज हुई है. इसलिए ऐसी आशंकाएं है कि टीके से बनने वाली प्रतिरक्षा आठ से नौ महीने बाद कमजोर हो जाती हैं और यही कारण है कि कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी को बढ़ावा देने के लिए एक नए टीकाकरण अभियान की जरूरत है. इसलिए जिन लोगों ने अप्रैल से पहले अपनी दूसरी खुराक ली होगी उन्हें Precautionary Doses की आवश्यकता हो सकती है.

    Tags: Booster Dose, Corona vaccination, Omicron, Pm narendra modi

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