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नवजात शिशुओं पर क्या है कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट का असर, एक्सपर्ट्स ने दिया जवाब

नवजात शिशुओं पर ओमिक्रॉन वेरिएंट का ज्यादा असर देखने को नहीं मिला है. (सांकेतिक तस्वीर)

नवजात शिशुओं पर ओमिक्रॉन वेरिएंट का ज्यादा असर देखने को नहीं मिला है. (सांकेतिक तस्वीर)

Coronavirus Omicron Variant: डॉ अरविंद तनेजा ने कहा, "वायरस बच्चों को हल्के ढंग से प्रभावित कर रहा है. यहां हल्के से मत ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने सोमवार को कहा कोरोना वायरस का नया वेरिएंट ‘ओमिक्रॉन’ बहुत हल्का व्यवहार कर रहा है और नवजात शिशुओं को शायद ही कभी संक्रमित कर रहा है. भारत में पिछले कुछ हफ्तों से कोविड-19 मामलों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है.

इसी के मद्देनजर साकेत स्थित मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में बाल रोग और संक्रामक रोग के मुख्य सलाहकार डॉ अरविंद तनेजा ने एएनआई को बताया, “यह वायरस बहुत हल्का व्यवहार कर रहा है और शायद ही नवजात शिशुओं को इस हद तक प्रभावित कर रहा है, यहां तक ​​कि जन्म देने वाली माताओं पर भी इसका ज्यादा असर देखने को नहीं मिल रहा. इस अवधि के दौरान जन्म लेने वाले बच्चों में कोई भी दोष नहीं मिला है.”

‘बच्चों को हल्के ढंग से प्रभावित कर रहा है ओमिक्रॉन’
उन्होंने कहा, “यह वायरस बच्चों को हल्के ढंग से प्रभावित कर रहा है. यहां हल्के से मतलब है कि उन्हें हल्की बहती नाक और खांसी हो रही है. कुछ मामलों में, तेज बुखार की सूचना मिली थी, लेकिन यह ओमिक्रॉन प्रभाव में तब्दील हो जाता है. यदि परिवार में किसी भी व्यक्ति की कोविड-19 जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो उन्हें खुद को होम क्वारंटाइन करना चाहिए. इस समय वायरस के प्रसार को रोकने के लिए यही एकमात्र एहतियात है.”

‘तीसरी लहर सुनामी की तरह आएगी और सुनामी की तरह चली भी जाएगी’
तनेजा ने कहा, “मेरा मानना ​​है कि एक बार जब वायरस घर में आता है, तो यह जंगल की आग की तरह फैलता है. तीसरी लहर दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख महानगरों में पहले ही पहुंच चुकी है. जनवरी में कुछ हफ्तों के भीतर, ओमिक्रॉन पर सवार हो तीसरी लहर सुनामी की तरह आएगी और सुनामी की तरह गायब भी हो जाएगी.”

डॉक्टर ने की PM मोदी के फैसले की तारीफ
डॉक्टर ने 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए कोविड-19 वैक्सीन की एहतियाती खुराक और 15-18 वर्ष की आयु के बीच के किशोरों के लिए टीके लगाने के प्रधानमंत्री के निर्णय की भी सराहना की. उन्होंने कहा, “इस आयु वर्ग में संक्रमण को कम करने के लिए टीकाकरण सबसे बेहतर जरिया है. वरिष्ठ नागरिक संक्रमण के उच्च जोखिम वाले समूहों की श्रेणी में आते हैं. प्रत्येक स्वास्थ्य सेवा, फ्रंटलाइन कार्यकर्ता, वरिष्ठ नागरिक और 15-18 वर्ष की आयु के किशोरों को पूरी तरह से टीका लगाया जाना चाहिए.”

लगाए गए टीकों की कुल संख्या 150 करोड़ से अधिक
देश में तीन जनवरी से 15 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा था कि कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अभियान में भारत को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है क्योंकि शुक्रवार को देश में अब तक लगाए गए टीकों की कुल संख्या 150 करोड़ से अधिक हो गई.

Tags: Coronavirus, Omicron

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