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AIADMK का झंडा लेकर चेन्नई पहुंचीं शशिकला, कहा- झंडे पर रोक लगाना, पार्टी के डर को दिखाता है

जेल की सजा काट कर तमिलनाडु पहुंचीं शशिकला (Photo-ANI)
जेल की सजा काट कर तमिलनाडु पहुंचीं शशिकला (Photo-ANI)

Sasikala Arrival in Chennai: AIADMK से निष्कासित नेता वी के शशिकला के समर्थकों ने कहा कि जब 2017 में वह जेल भेजी गई थीं तब वह पार्टी की महासचिव थीं, ऐसे में उनके पार्टी का झंडा इस्तेमाल करने में कुछ भी गलत नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 8, 2021, 10:27 PM IST
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(प्रकाश पंडियन एंड नंदा)

बेंगलुरु. तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता (J Jayalalitha) की करीबी रहीं और पार्टी से निष्कासित नेता वीके शशिकला (VK Sasikala) का सोमवार को तमिलनाडु (Tamilnadu) में भव्य स्वागत किया गया. जैसा कि आशंका जताई जा रही थी शशिकला का काफिला मुश्किल में फंस गया. उनकी गाड़ी को तमिलनाडु और कर्नाटक की सीमा पर कृष्णागिरि में रोक लिया गया. तमिलनाडु पुलिस ने गाड़ी में एआईएडीएमके (AIADMK) का झंडा लगाने के आरोप में नोटिस जारी किया. एआईएडीएमके आलाकमान ने शशिकला की गाड़ी में झंडा लगाने पर तब भी आपत्ति जताई थी जब वह जेल से बाहर आई थीं.

काफिले की गाड़ियों और समर्थकों की भीड़ के चलते कम आवाज में सुनाई दे रहे माइक्रोफोन में शशिकला ने कृष्णागिरि में कहा- "मैं तमिल भाषा, तमिल संस्कृति और तमिल लोगों को प्यार करने के लिए बाध्य हूं लेकिन मैं कभी उत्पीड़न के चलते दबूंगी नहीं. मैं सक्रिय राजनीति में हिस्सा लूंगी." एआईएडीएमके के कदमों पर शशिकला ने कहा- लोग यह समझेंगे कि सरकार ने जया मेमोरियल को क्यों बंद कर दिया. सरकार का मेरी गाड़ी में झंडा लगाने से रोकना मौजूदा एआईएडीएमके व्यवस्था के डर को जाहिर करता है.



शशिकला दो अन्य लोगों के साथ आय से अधिक संपत्ति के मामले में फरवरी 2017 से जेल में सजा काट रहीं थीं, 2017 में जयललिता भी इस मामले में आरोपी थीं. शशिकला इस वर्ष 27 जनवरी को रिहा हो गई थीं लेकिन कोविड-19 संक्रमण के चलते वह अस्पताल में भर्ती थीं.
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AIADMK के नेता कर चुके हैं पुलिस में शिकायत
हरी साड़ी पहने शशिकला गाड़ी की आगे की सीट पर बैठकर एआईएडीएमके का झंडा लहरा रही थीं. पिछले कई दिनों में एआईएडीएमके के कई मंत्रियों ने शशिकला द्वारा पार्टी का झंडा इस्तेमाल करने को लेकर पुलिस के पास कई शिकायतें दर्ज कराई हैं. लेकिन शिकायतों को नजरअंदाज करते हुए शशिकला रिजॉर्ट से एआईएडीएमके के झंडे के साथ ही निकलीं. उनके समर्थकों ने कहा कि जब 2017 में वह जेल भेजी गई थीं तब वह पार्टी की महासचिव थीं, ऐसे में पार्टी का झंडा इस्तेमाल करने में कुछ भी गलत नहीं है.

वहीं एआईएडीएमके के मंत्री और वरिष्ठ नेता शशिकला के तमिलनाडु में प्रवेश करने के साथ ही हाशिये पर आ गए हैं. जब शशिकला जेल भेजी गई थीं तब सभी मंत्री उनके पैरों में गिर गए थे और उनसे पार्टी का कार्यभार संभालने का अनुरोध किया था. लेकिन शशिकला के जेल जाने के बाद चीजें बदल गईं.

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शशिकला के तमिलनाडु में प्रवेश करने के दौरान उनकी गाड़ी के पीछे 30 गाड़ियां थीं, जबकि सैकड़ों पुलिसकर्मी तमिलनाडु की सीमा में दाखिल होने के लिए उनका इंतजार कर रहे थे.

एएमएमके के प्रवक्ता वीएमएस मुस्तफा ने कहा कि "झंडे को इस्तेमाल करने के लिए कोई पॉलिसी हो या ना हो हम फिर भी झंडे का इस्तेमाल करेंगे. कैडर्स उनके राज्य में दाखिल होने का इंतजार कर रहे हैं."

वहीं शशिकला को पार्टी मुख्यालय या मरीना बीच स्थित जयललिता मेमोरियल में जाने से रोकने के लिए चेन्नई में एआईएडीएमके के मुख्यालय, जयललिता मेमोरियल पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. 2017 में चेन्नई छोड़ने के समय भी शशिकला मेमोरियल गई थीं और वहां उन्होंने स्मारक पर माथा टेका था.

ऐसा कहा जा रहा है कि शशिकला, चेन्नई पहुंचने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन के आवास पर भी जा सकती हैं. (चेन्नई में पूर्णिमा मुरली के इनपुट सहित)
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