दीपावली पर गाय के गोबर से बने दीयों से घर होंगे रोशनः कथीरिया

कथीरिया ने बताया,
कथीरिया ने बताया, "विदेशों में लोगों ने गाय के गोबर से बने उत्पाद खरीदने में रुचि दिखाई है" (फाइल फोटो, AP)

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (National Kamdhenu Commission) के राष्ट्रीय अध्यक्ष (National President) व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. वल्लभ भाई कथीरिया ने कहा, "इससे गौरक्षा (Cow protection) व गाय के कल्याण तथा विकास (Cow welfare and development) को बढ़ावा मिलेगा. अब तक हमारे देश में लोग दुधारू (दूध देने वाली) गाय के संरक्षण की बातें करते आए हैं.

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नई दिल्ली. राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (National Kamdhenu Commission) ने गाय के गोबर (Cow Dung) से दीये और मूर्तियां (Diyas and Sculptures) बनाने की अनूठी पहल शुरू की है, जिससे दूध न देने वाली गायों (Non-milch cows) के संरक्षण में भी मद्द मिलेगी तथा दीपावली के मौके पर लोग चीन (China) से आयातित दीपों की जगह इन दीपकों से अपने घरों को जगमगा सकेंगे. आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष (National President) व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. वल्लभ भाई कथीरिया ने बताया, "गुजरात (Gujarat) में गाय के गोबर से बड़े पैमाने पर मशीनों व सांचों के जरिए दीपक, लक्ष्मी-गणेश (Lakshmi-Ganesh) की मूर्तियां, शुभ-लाभ सरीखे प्रतीक व चाभी के गुच्छे तैयार किए गए हैं, जिन्हें जल्दी ही राष्ट्रीय स्तर पर बिक्री (Nationwide Sales) के लिए उपलब्ध कराया जाएगा."

उन्होंने कहा, "इससे गौरक्षा (Cow protection) व गाय के कल्याण तथा विकास (Cow welfare and development) को बढ़ावा मिलेगा. अब तक हमारे देश में लोग दुधारू (दूध देने वाली) गाय के संरक्षण की बातें करते आए हैं. मगर इस कोशिश से दूध न देने वाली बूढ़ी व दूसरी तमाम गायों के गोबर (Cow Dung) का भी सदुपयोग किया जा सकता है." कथीरिया ने बताया, "विदेशों में लोगों ने गाय के गोबर से बने उत्पाद (Cow Dung made Product) खरीदने में रुचि दिखाई है."

यह कदम गायों की रक्षा करेगा और लोगों को रोजगार भी देगा
कथीरिया ने बताया, "जहां यह कदम गायों की रक्षा करके उन्हें उपयोगी बनाने में मदद करेगा, वहीं वह बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराएगा. "आयोग के अध्यक्ष ने यह भी कहा, "इसका धर्म या संगठन से कुछ लेना-देना नहीं है, बल्कि यह तो लोगों की आय बढ़ाने वाला एक अहम कदम है."
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दीपावली का त्योहार 14 नवंबर को मनाया जाना है. केंद्र सरकार ने फरवरी 2019 में कामधेनु आयोग के गठन को मंजूरी दी थी और कथीरिया को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया था. यह आयोग पशु विकास के कार्यक्रमों को दिशा देने का काम करता है.
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