इंजीनियर्स डे: भारत की पहली एंटी सैटेलाइट मिसाइल को समर्पित स्टैम्प लॉन्च किया गया

इंजीनियर्स डे: भारत की पहली एंटी सैटेलाइट मिसाइल को समर्पित स्टैम्प लॉन्च किया गया
भारत में हर साल एम विश्वेश्वरैया के जन्मदिन को 'इंजीनियर्स डे' के रूप में मनाया जाता है.

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल (NSA Ajit Doval) द्वारा जारी किया गया ये स्टैम्प देश की पहली एंटी सैटेलाइट मिसाइल (A-SAT) को समर्पित है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 15, 2020, 8:41 PM IST
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नई दिल्ली. इंजीनियर्स डे पर मंगलवार को भारत की पहली एंटी-सैटेलाइट मिसाइल (A-SAT) को समर्पित एक स्टैम्प जारी किया गया. इस अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी मौजूद थे. गौरतलब है कि भारत में हर साल एम विश्वेश्वरैया (Mokshagundam Visvesvaraya) के जन्मदिन को 'इंजीनियर्स डे' (Engineers Day) के रूप में मनाया जाता है. वह एक सिविल इंजीनियर और राजनेता भी थे. उनका जन्‍म मैसूर ( Mysore) में 15 सितंबर, 1861 को हुआ था.

1955 में विश्वेश्वरैया को 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया. एक ऐसे समय में जब बेहतर इंजीनियरिंग सुविधाएं नहीं थीं, तब एम. विश्वेश्वरैय्या ने ऐसे विशाल बांध का निर्माण पूरा करवाया, जो भारत में इंजीनियरिंग की अद्भुत मिसाल माना जाता है. देश के विकास में इंजीनियर्स की अहमियत को नकारा नहीं जा सकता. मैसूर में किए गए एम विश्वेश्वरैया के कामों की वजह से उन्‍हें मॉर्डन मैसूर का पिता कहा जाता है.


विश्वेश्वरैया ने कई नदी, बांध और पुलों का निर्माण किया था. विश्वेश्वरैया के बाद भारत में इंजीनियर्स की बाढ़ आ गई. एक वक्त तो ऐसा भी आया कि उत्तर भारत के हर घर में एक इंजीनियर तो मिल ही जाता था. हालांकि इंजीनियरिंग का क्रेज अभी भी जारी है. भारत हर साल 15 लाख इंजीनियर्स प्रोड्यूस करता है.
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