कोविड-19 प्रोटोकॉल पालन करते हुए कल एक दिन के लिए बुलाया गया केरल विधानसभा सत्र

कोविड-19 प्रोटोकॉल पालन करते हुए कल एक दिन के लिए बुलाया गया केरल विधानसभा सत्र
विधानसभा सत्र के दौरान कोविड से जुड़े प्रोटोकॉल का पालन किया जायेगा (फाइल फोटो)

स्पीकर (speaker) की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया, "इस सत्र के लिए प्रत्येक सदस्य की एक अलग सीट होगी ताकि सामाजिक दूरी (Social Distancing) बनाए रखी जा सके. सभी सदस्यों को एक सैनिटाइजर, मास्क और एक जोड़ी फेस शील्ड (Face Shield) के साथ-साथ ग्लव्स भी दिए जाएंगे."

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 23, 2020, 9:31 PM IST
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(नीतू रघुकुमार)

तिरुवनंतपुरम. केरल राज्य विधानसभा सत्र (Kerala state assembly session), जो सोमवार को एक दिन के लिए बुलाया जाएगा, उसमें कोविड-19 प्रोटोकॉल (Covid-19 Protocol) का कड़ाई से पालन किया जाएगा. विधायकों के सदन में प्रवेश करने से पहले एक मेडिकल टीम (medical team) की ओर से उनका एंटीजन परीक्षण (Antigen Testing) किया जाएगा. अध्यक्ष पी. श्रीरामकृष्णन ने कहा, यदि कोई विधायक एंटीजन टेस्टिंग में पॉजिटिव (positive) पाया भी जाता है, तो इसकी व्यवस्था की गई है कि वह सदस्य राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Polls) में मतदान कर सके और सत्र की अन्य कार्यवाही में भाग लिए बिना विधानसभा परिसर (assembly premises) से बाहर जा सके.

एंटीजन टेस्ट के लिए मेडिकल टीमें एमएलए क्वार्टर (MLA Quarters) और राज्य विधानसभा परिसर में भेजी जाएंगी. स्पीकर (Speaker) के कार्यालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि विधानसभा परिसर और आस-पास के क्षेत्रों को शुक्रवार को कीटाणुरहित (disinfected) कर दिया गया था और सत्र के लिए विशेष बैठने की व्यवस्था की गई थी. इसमें कहा गया, "इस सत्र के लिए प्रत्येक सदस्य की एक अलग सीट होगी ताकि सामाजिक दूरी (Social Distancing) बनाए रखी जा सके. सभी सदस्यों को एक सैनिटाइजर, मास्क और एक जोड़ी फेस शील्ड (Face Shield) के साथ-साथ ग्लव्स भी दिए जाएंगे."



कोविड-19 के चलते विधानसभा स्थगित किये जाने से नहीं पास हुआ था वित्त विधेयक
वित्त विधेयक 2020-21 को पारित करने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया था, जिसे पारित नहीं किया जा सका था क्योंकि राज्य विधानसभा को कोविड-19 महामारी के कारण 13 मार्च को स्थगित कर दिया गया था.

इस बार एक तूफानी सत्र होने की उम्मीद है क्योंकि विपक्ष, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के इस्तीफे की मांग कर रहा है. विपक्ष ने उनके कार्यालय पर भी सोने की तस्करी मामले से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोप लगाये हैं.

तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे के निजीकरण के खिलाफ आ सकता है प्रस्ताव
जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष के विधायक वीडी साठेसन ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए कम से कम दो दिन का समय मांगा था. लेकिन अध्यक्ष ने कहा कि इसके लिए केवल पांच घंटे आवंटित किए जाएंगे.

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LDF सरकार को केंद्र की ओर से उठाए गये तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे के निजीकरण के कदम के खिलाफ एक प्रस्ताव के लाने की संभावना है. केंद्र इसे अदनानी समूह को पट्टे पर सौंप रहा है.
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