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कोरोना वैक्सीनेशन : 2 नवंबर से 'हर घर दस्तक' टीकाकरण, जानें कहां-कहां अभी भी 50 फीसदी से कम लगा है टीका

कोरोना वैक्सीनेशन : 2 नवंबर से 'हर घर दस्तक' टीकाकरण, जानें कहां-कहां अभी भी 50 फीसदी से कम लगा है टीका

इस अभियान के तहत सरकार का विशेष ध्यान उन 48 जिलों में रहेगा, जहां वैक्सीन की पहली डोज 50% से कम हुई है.

इस अभियान के तहत सरकार का विशेष ध्यान उन 48 जिलों में रहेगा, जहां वैक्सीन की पहली डोज 50% से कम हुई है.

Har Ghar Dastak Vaccination Campaign: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने इस महाभियान के बारे में बताया था कि राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ विस्तार से चर्चा हुई. आने वाले दिनों में हम हर घर दस्तक महाअभियान शुरू करेंगे. अगले 1 महीने तक घर-घर जाकर ऐसे 12 करोड़ लोगों को चिह्नित किया जाएगा जिन्होंने दूसरी डोज़ नहीं लगवाई, उन्हें वैक्सीन लगाई जाएगी. देश में 48 ज़िलों को चिह्नित किया गया है जहां पहली डोज़ 50% से कम लोगों को लगाई गई है. वहां विशेष अभियान के तहत वैक्सीनेशन किया जाएगा. इस पर विस्तार से चर्चा हुई है.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच भारत में किसी भी नागरिक का वैक्सीनेशन न छूटे इसके लिए सरकार द्वारा 2 नवंबर से ‘हर घर दस्तक’ वैक्सीनेशन महाभियान चलाया जाएगा. इस अभियान के तहत 18 साल से ऊपर के जो लोग वैक्सीनेशन से छूट गए हैं या फिर जिनको दूसरी खुराक नहीं लगी है उन्हें उनके घर पर ही कोरोना वैक्सीन दी जाएगी. त्योहारी सीजन में कोरोना के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया है. सरकार का कहना है कि इस अभियान के जरिए उन लोगों का वैक्सीनेशन हो सकेगा जिन्होंने अभी तक पहली डोज या फिर दूसरी डोज नहीं लगवाई है.

सरकारी आंकड़ों के अनुसार कोविड-19 टीके की पहली खुराक ले चुके 11 करोड़ से अधिक लोगों ने दो खुराकों के बीच निर्धारित अंतराल समाप्त होने के बाद भी दूसरी खुराक नहीं लगवाई है. आंकड़े बताते हैं कि छह सप्ताह से अधिक समय से 3.92 करोड़ से अधिक लाभार्थियों ने दूसरी खुराक नहीं ली है. इसी तरह करीब 1.57 करोड़ लोगों ने चार से छह सप्ताह देरी से और 1.5 करोड़ से अधिक ने दो से चार सप्ताह देरी से कोविशील्ड या कोवैक्सीन की अपनी दूसरी खुराक नहीं ली है. जानकारों का कहना है कि निम्नलिखित कारणों के कारण आम लोग वैक्सीन लगवाने से बच रहे हैं.

– दिहाड़ी पर काम करने वाले सोचते हैं कि वैक्सीन लेने के बाद उनके काम पर असर पड़ेगा.
– कई लोग ऐसे भी जिन्हें लगता है कि वैक्सीन की एक खुराक ले ली है और ये काफी है.
– बुजुर्ग और दिव्यांग जन भी वैक्सीन के लिए सेंटर पर जाने में परहेज कर रहे हैं.

ऐसे सभी लोगों को वैक्सीन जब उनके घर के दरवाजे पर ही मिलेगी ताकि वैक्सीनेशन कवरेज तेजी से हो सकेगा. आईसीएमआर के पूर्व महानिदेशक एनके गांगुली ने न्यूज18 इंडिया को बताया कि ये बहुत फायदेमंद होगा. ये यूनिक अभियान है. डोर टू डोर वैक्सीनेशन नहीं हो पाता है क्योंकि लॉजिस्टिक्स काफी डिफिकल्ट है इसका इस अभियान में जिसमें जोर दिया जाएगा कि जिन्होंने वैक्सीन की एक भी डोज नहीं ली है उन्हें डोज दिया जाए और जिन्होंने दूसरी डोज नहीं ली है, उन्हें दूसरी डोज दी जाए. भारत में 10 करोड़ से ज्यादा ऐसे लोग हैं जिन्होंने समय निकल जाने के बाद भी दूसरी खुराक नहीं ली है.

ये भी पढ़ेंः- Covid-19 Vaccination: सुप्रीम कोर्ट में याचिका- कोवैक्सीन की डोज लेने वालों को मिले कोविशील्ड लगवाने की परमिशन

13 राज्यों के 48 जिलों में कोरोना वैक्सीनेशन की पहली खुराक 50% से कम

1-झारखंड 9
2-मणिपुर 8
3-नागालैंड 8
4-महाराष्ट्र 6
5-अरुणाचल 6
6-मेघालय 4
7-दिल्ली 1
8-असम 1
9-बिहार 1
10-छत्तीसगढ़ 1
11-हरियाणा 1
12-मिजोरम 1
13-तमिलनाडु में 1 जिले का वैक्सीनेशन परफॉर्मेंस काफी खराब है.

वैक्सीनेशन के साथ नियमों का पालन है जरूरी
जानकारों का मानना है कि त्योहारों का सीजन है ऐसे वक्त में कोविड नियमों का पालन करने के साथ ही टीके पर फोकस करना जरूरी है. अभी कई फेस्टिवल्स हैं तो काफी ध्यान रखना पड़ेगा. दिसंबर के आखिर तक 18 साल से ऊपर की 94 करोड़ की आबादी का वैक्सीनेशन पूरा करना है. यही वजह है कि सरकार की कोशिश है कि वैक्सीनेशन से कोई न छूट जाए.

Tags: Corona vaccine, Corona vaccine news, Corona Vaccine Update, Coronavirus vaccine

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