जम्मू-कश्मीर: पुलिस पार्टी पर हुए आतंकी हमले में एक पुलिसकर्मी शहीद, दो अन्य घायल

आतंकी हमले में घायल हुए दो अन्य पुलिसकर्मियों की हालत गंभीर बताई जा रही है जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है.

News18Hindi
Updated: June 20, 2018, 11:08 PM IST
जम्मू-कश्मीर: पुलिस पार्टी पर हुए आतंकी हमले में एक पुलिसकर्मी शहीद, दो अन्य घायल
(फाइल फोटो- शहीद तनवीर अहमद)
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Updated: June 20, 2018, 11:08 PM IST
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के पंपोर इलाके में एक पुलिस पार्टी पर हुए आतंकी हमले में एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया है. आतंकी हमले में घायल हुए दो अन्य पुलिसकर्मियों की हालत गंभीर बताई जा रही है जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है. पुलिस ने इलाके की नाकेबंदी कर ली है. आतंकियों की तलाश जारी है. शहीद पुलिसकर्मी का नाम तनवीर अहमद बताया जा रहा है.

गौरतलब है, पिछले कुछ समय के दौरान कश्मीर घाटी में आतंकवादियों की संख्या में भारी इज़ाफा हुआ है. खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल 170 आतंकवादी कश्मीर में मौजूद है. इसमें से हिजबुल के 102, लश्कर के 47, जैश के 11, अल-बद्र के 2 और अंसारुल गजावत ए हिन्द के 6 आतंकवादी हैं. इन 170 आतंकवादियों में से 50 विदेशी मूल के हैं, यानी पाकिस्तानी आतंकवादियों की तादात भी कम नहीं है.

पिछले पांच सालों में रमजान महीने के मुकाबले इस साल रमजान के दौरान जो युवा आतंकवाद में शामिल हुए उनकी तादाद दोगुने से ज्यादा रही. इस साल जब सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन का फैसला रमजान के पवित्र महीने के दौरान लागू था, तो करीब 40 युवाओं ने आतंकवाद का रास्ता चुना, जबकि पिछले साल इसी समय लगभग 16 युवक आतंकी बने थे. यानी जब कश्मीर में सुरक्षाबल कोई ऑपरेशन नहीं चला रहे थे तो आतंकवादी युवाओं को भर्ती करने में जुटे थे और यही वजह है कि उनकी तादात 40 जा पहुंची.

आतंकवादी हर हाल में सरकार को गलत साबित करना चाहते थे, इसीलिए तीन तरीके के हमलों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी दर्ज की गई. रमजान के पाक महीने में अगर पिछले साल 7 ग्रेनेड हमले हुए थे तो इस साल बढ़कर 23 हो गए. इसी वक्त पिछले साल वेपन स्नैचिंग की महज एक वारदात हुई थी, जो इस साल बढ़कर 8 पहुंच गई. फायरिंग की घटना रमजान के महीने में पिछले साल 7 थी जो इस साल बढ़कर 15 पहुंच गई. बेशक पत्थरबाजी की घटना 122 से घटकर 87 हो गई लेकिन उसकी बड़ी वजह ये थी कि कोई नया ऑपरेशन नहीं चल रहा था जिस वजह से स्थानीय लोगों ने विरोध नही किया.
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