ऑनलाइन जुआ : कोरोना महामारी में छुपी एक और महामारी

तमिलनाडु सरकार ने 20 नवंबर को ऑनलाइन जुए वाली वेबसाइटों पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए एक अध्यादेश जारी किया था

तमिलनाडु सरकार ने 20 नवंबर को ऑनलाइन जुए वाली वेबसाइटों पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए एक अध्यादेश जारी किया था

Online Gambling: केवल तमिलनाडु में ही नहीं बल्कि गुवाहाटी के लोग भी ऑनलाइन जुए के जाल में फंसते जा रहे हैं. कई युवा और व्यापारी अपना काफी पैसा गंवा चुके हैं और अभी भी हर रोज गंवा रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 17, 2020, 5:47 PM IST
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नई दिल्ली. एक प्राइवेट ऋण देने वाली कंपनी के दुर्व्यवहार और ऑनलाइन जुए से पैदा हुए तनाव के चलते एक माता पिता ने अपने बच्चों को मारने के बाद खुद को खत्म कर लिया, विल्लुपुरम ज़िले में 14 दिसंबर को घटी इस घटना ने पूरे गाँव को गहरे सदमे में डाल दिया है.

विल्लुपुरम ज़िले के वालवानुर के पास स्थित पुडुपलायम के रहने वाला एक व्यक्ति मोहन जोकि एक बढ़ई की दुकान चलाता है, ने एक साल पहले बैंक और प्राइवेट कंपनी से फर्नीचर बनाने का काम शुरू करने के लिए क़र्ज़ लिया था. इसकी वजह से, कहा जाता है कि उसके ऊपर लगभग 50 लाख का क़र्ज़ हो गया था. कोरोना महामारी के प्रकोप और इसके चलते लॉकडाउन हो जाने से उसका धंधा बिलकुल ठप्प हो गया. लेनदारों ने मूल रकम और ब्याज के लिए मोहन और उसके परिवार को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया जबकि वह क़र्ज़ चुकाने में पूर्णतः असमर्थ था.

मोहन पहले से ही ऑनलाइन जुए का आदी था और उसके बारे में बताया जा रहा है कि इस महामारी के दौरान वह ऑनलाइन रमी खेलने में खासी रकम गँवा चुका था. इस प्रकार से क़र्ज़ की रकम बढ़ कर काफी ज्यादा हो गयी. इस मामले में पुलिस गंभीर जांच पड़ताल कर रही है कि मोहन अपना क़र्ज़ चुकाने के लिए ऑनलाइन जुआ खेल रहा था या फिर ऑनलाइन जुआ खेलने के लिए उसने फिर से क़र्ज़ लिया था.

मगर यह इस तरह का अकेला मामला नहीं है. राज्य से इसी तरह का मामला कुछ हफ्ते पहले भी आया था जब एक बैंक कर्मचारी और एक छोटे व्यापारी ने आत्महत्या कर ली थी और दोनों मामलों में यह बात समान थी कि दोनों ऑनलाइन जुए के लती थे और इसके चलते क़र्ज़ में थे. इसी प्रकार से, जुलाई के महीने में एक 20 साल ले युवा ने खुद को फांसी पर लटका लिया क्योंकि वह एक ऑनलाइन जुए के एक एप्लीकेशन में 20000 रूपए हार गया था.

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स्थिति को देखते हुए, तमिलनाडु सरकार ने 20 नवंबर को ऑनलाइन जुए वाली वेबसाइटों पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए एक अध्यादेश जारी किया था जहां जुए के दांव खेले जाते हैं. पिछले सप्ताह, ऑनलाइन रमी फेडरेशन ( TORF) ने इसके सभी सदस्यों को राज्य के अंदर से खिलाड़ियों को ब्लॉक करना अनिवार्य कर दिया है.

इसका अर्थ है कि राज्य के अंदर के सभी खिलाड़ी इन वेबसाइटों पर लॉगिन कर सकेंगे लेकिन पैसे के बिना खेल सकेंगे. जो कोई भी ऑनलाइन जुआ खेलेगा उसके ऊपर 5000 रूपए का जुर्माना और 6 महीने की जेल हो सकती है.



केवल तमिलनाडु में ही नहीं बल्कि गुवाहाटी के लोग भी ऑनलाइन जुए के जाल में फंसते जा रहे हैं. कई युवा और व्यापारी अपना काफी पैसा गंवा चुके हैं और अभी भी हर रोज गंवा रहे हैं.

तेलंगाना की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है. तेलंगाना में जुआ खेलने वालों की और ऐसे लोगों की खासी तादाद है जो कार्ड के गेम जैसे रमी और पोकर में हर रोज पैसा लगाते हैं. बीते सितम्बर 25 को तेलंगाना सरकार ने 1974 के गेमिंग एक्ट में सुधार करते हुए एक अध्यादेश पारित किया था. राज्य में जुए पर प्रतिबन्ध के बावजूद, पुलिस को ऑनलाइन जुए से जुड़े हुए कुछ तार मिले हैं. जुए की लत के चलते लोग अभी भी अपना पैसा गँवा रहे हैं.

राजकोट से भी ऐसी एक घटना सामने आयी है जहां क्रुणाल मेहता नाम के एक युवा ने जुए में 75 लाख गंवाने के बाद आत्महत्या कर ली थी. यह बात उसके सुसाइड नोट से सामने आयी है. यह पाया गया कि कुणाल ऑनलाइन जुआ खेल रहा था जिसमें उसने 75 लाख गंवा दिए थे और इसी के चलते उसे यह गंभीर कदम उठाना पड़ा था. उसने यह रकम दोस्तों के डेबिट और क्रेडिट कार्ड से चुकाई थी.

साइबर गेम जो किसी भी दृष्टि से साइबर अपराधों से कम नहीं हैं, बड़ी तेजी से युवाओं और व्यापारियों को अपना शिकार बना रहा है. वह इन ऑनलाइन जुए के लती बन जाते हैं और अंत में परिवार की आर्थिक स्थिति को ताक पर रखकर अच्छी खासी रकम गँवा बैठते हैं.

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