स्थानों के नाम बदलने का विरोध केवल 10% लोगों ने किया: तमिलनाडु के मंत्री

स्थानों के नाम बदलने का विरोध केवल 10% लोगों ने किया: तमिलनाडु के मंत्री
तमिलनाडु सरकार में तमिल राजकीय भाषा और तमिल संस्कृति मंत्री पंडियाराजन (फोटो- Twitter)

राज्य सरकार (State Government) ने गुरुवार को अपना वह आदेश वापस ले लिया था जिसमें राज्य में एक हजार से अधिक स्थानों के तमिल नामों के अंग्रेजी संस्करण (anglicised versions) को बदल कर शुद्ध तमिल नाम रखने का फैसला लिया गया था.

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चेन्नई. तमिलनाडु (Tamil Nadu) में स्थानों के तमिल नामों (Tamil Names) के अंग्रेजी संस्करण को बदलने का राज्य सरकार (State Government) का आदेश वापस लेने के एक दिन बाद मंत्री के पंडियाराजन (K Pandiarajan) ने शुक्रवार को कहा कि स्थानों के नाम बदलने के फैसले की आलोचना केवल दस प्रतिशत लोग कर रहे थे जो तमिल नहीं बोलते.

राज्य सरकार (State Government) ने गुरुवार को अपना वह आदेश वापस ले लिया था जिसमें राज्य में एक हजार से अधिक स्थानों के तमिल नामों के अंग्रेजी संस्करण (anglicised versions) को बदल कर शुद्ध तमिल नाम रखने का फैसला लिया गया था.

सोशल मीडिया पर प्रस्तावित नामों की अंग्रेजी वर्तनी की हुई खूब आलोचना
वापस लिए गए सरकारी आदेश के मुताबिक अन्य स्थानों के साथ कोयंबटूर का नाम बदल कर कोयमपुत्तूर, वेल्लोर के स्थान पर वीलूर और डिंडीगुल का नाम बदल कर तिनदुक्कल रखा जाना था.
सोशल मीडिया पर स्थानों के प्रस्तावित नए नामों की अंग्रेजी वर्तनी को लेकर खूब आलोचना हुई और कुछ लोगों ने इस फैसले के समय को लेकर भी अंगुली उठाई.



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1018 स्थानों के नाम बदलने के फैसले का देश के 90% लोगों ने किया स्वागत
तमिलनाडु सरकार में तमिल राजकीय भाषा और तमिल संस्कृति मंत्री (Tamil Culture Minister) पंडियाराजन ने शुक्रवार को कहा कि 1,018 स्थानों के नाम बदलने के फैसले का नब्बे प्रतिशत लोगों ने स्वागत किया था.

उन्होंने कहा, “इस निर्णय का विरोध केवल उन दस प्रतिशत लोगों ने किया जो अंग्रेजी (English) बोलते हैं और सामान्य रूप से तमिल नहीं बोलते.”

तमिल उच्चारण की प्रक्रिया को आसान बनायेगी सरकार
मंत्री ने कहा, "इस कदम का कुछ विरोध होना ही है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमने अपनी परियोजना को समाप्त कर दिया है. हमने केवल अभी के लिए सरकारी आदेश को वापस लिया है और कोरोना वायरस के खतरे की आशंका कम होने पर एक विस्तृत समीक्षा के बाद एक नया आदेश जारी किया जाएगा."

COVID-19 मामलों की स्क्रीनिंग और पहचान के लिए एक कार्यक्रम शुरू करने के बाद यहां टोंडियारपेट में पत्रकारों से बात करते हुए, उन्होंने कहा कि सरकार एक मानक लिप्यंतरण प्रोटोकॉल प्रकाशित करेगी, जो तमिल उच्चारण देने की प्रक्रिया को आसान बनायेगी.
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