खतरे में जान: गुजरात के 11554 अस्पतालों में से केवल 349 के पास ही फायर एनओसी

खतरे में जान: गुजरात के 11554 अस्पतालों में से केवल 349 के पास ही फायर एनओसी
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में कोरोना कोविड सेंटर में रविवार को लगी थी आग.

आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में हुए हादसे से पहले अहमदाबाद (Ahmedabad) के श्रेय अस्पताल में भी ऐसा ही एक हादसा देखने को मिला था. इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 10, 2020, 12:48 PM IST
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सूरत. आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh)  के विजयवाड़ा में कोरोना वायरस (Coronavius)  उपचार केंद्र में बदले गए एक होटल में रविवार को आग लगने से हुई 10 मरीजों की मौत ने कई अस्पतालों की पोल खोल दी है. आंध्र प्रदेश में हुए हादसे से पहले अहमदाबाद (Ahmedabad)  के श्रेय अस्पताल में भी ऐसा ही एक हादसा देखने को मिला था. इस हादसे के बाद अब अहमदाबाद के भी अस्पतालों की जांच तेज कर दी गई है. शुरुआती जांच में पता चला है कि राज्यभर में 11554 से अधिक अस्पतालों में सिर्फ 3.20 फीसदी के पास ही फायर की एनओसी है. इसका मतलब साफ है कि राज्य के केवल 349 अस्पताल ही ऐसे हैं जो सुरक्षा के मापदंड में खरे उतरते हैं.

इस मामले में सबसे ज्यादा दयनीय स्थिति अहमदाबाद के अस्पतालों की है. यहां पर 31 अस्पतालों को कोविड अस्पताल घोषित किया गया है लेकिन दुख की बात ये है इनमें से एक के पास भी फायर सेफ्टी की व्यवस्था नहीं है. इसी तरह सूरत की सूरत की बात करें तो यहां पर 12 कोविड अस्पताल बगैर फायर एनओसी के ही चलाए जा रहे हैं. इन अस्पतालों को नोटिस भी जारी किया जा चुका है.

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सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पूरे राज्य में कोरोना के इलाज के लिए सरकार की ओर से 127 निजी अस्पतालों का चयन किया गया है जिसमें से 55 अस्पतालों के पास फायर एनओसी नहीं है. गौरतलब है कि रविवार को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में हुए हादसे की तरह ही अहमदाबाद के श्रेय अस्पताल में आग लग गई थी. इस हादसे में 8 कोरोना मरीजों की मौत हो गई थी.
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