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70 सालों तक भारत में थे 47 हजार वेंटिलेटर्स, पीएम केयर्स फंड से एकसाथ आए 50 हजार

पीएम केयर फंड को लेकर कई सवाल उठ रहे थे

पीएम केयर फंड को लेकर कई सवाल उठ रहे थे

द सेंटर फॉर डिसीज डायनेमिक्स, इकोनॉमिक्स एंड पॉलिसी की रिपोर्ट में इस बात का पता चला है कि पीएम केयर्स फंड (PM Cares Fund) का पैसा कहां कहां खर्च हुआ और इसे देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) की लड़ाई के लिए किन संसाधनों में लगाया गया.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) से लड़ाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के पीएम केयर्स फंड (PM Cares Fund) को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सीडीडीईटी (CDDET) की एक रिपोर्ट में कई खुलासे हुए हैं. द सेंटर फॉर डिसीज डायनेमिक्स, इकोनॉमिक्स एंड पॉलिसी की रिपोर्ट में इस बात का पता चला है कि पीएम केयर्स फंड का पैसा कहां-कहां खर्च हुआ और इसे देश में कोरोना की लड़ाई के लिए किन संसाधनों में लगाया गया.

पीएम केयर्स फंड के इस्तेमाल को लेकर इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 2000 करोड़ रुपये 50,000 मेड इन इंडिया वेंटिलेटर दिए गए. एक हजार करोड़ रुपये प्रवासियों के कल्याण के लिए दिए गए. सौ करोड़ रुपये वैक्सीन बनाने के लिए दिए गए. देश में पहले 47,000 वेंटिलेंटर्स थे. पीएम केयर्स से देश में 50,000 वेंटिलेटर एक बार में आए.

किस तरह PMNRF से अलग है PM केयर्स फंड
वहीं पीएम केयर्स, पीएमएनआरएफ (PMNRF) से किस प्रकार अलग है इस बात का भी पता चला है. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष का उपयोग मुख्य रूप से प्राकृतिक आपदा के कारण संकट में पड़े व्यक्तियों/ परिवारों की मदद करने में विकसित हुआ है. पीएमएनआरएफ में कोविड-19 जैसी स्थिति से एक संगठित तरीके से निपटने के लिए कोई प्रावधान नहीं है.
पीएम केयर्स स्वास्थ्य सेवा या फार्मास्युटिकल सुविधाओं को अपग्रेड करने, अन्य बुनियादी ढांचे, प्रासंगिक अनुसंधान की फंडिंग आदि से एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल में राहत या सहायता का समर्थन देता है. ये PMNRF के अंतर्गत नहीं आते हैं.



बोर्ड में होते हैं ये सदस्य
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष के बोर्ड में - प्रधानमंत्री, कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष, निजी उद्योगों के प्रतिनिधि होते हैं. पीएम केयर्स के बोर्ड में: प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री-सभी पदाधिकारी होते हैं.

ये कंपनी करेगी पीएम केयर्स का ऑडिट
जब कंपनी अधिनियम के प्रावधान के तहत पीएमएनआरएफ के ऑडिटर्स को बदलने का समय आया था, तो मोदी सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 के अंत में इसे मैसर्स एसएआरसी एंड एसोसिएट्स को पीएमएनआरएफ के ऑडिटर के रूप में नियुक्त किया था. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष का ऑडिट साल 2018-19 से M/s SARC & Associates कर रही है यही पीएम केयर्स का भी ऑडिट करेगी.

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