वायुसेना ने ऑपरेशन बंदर से पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी कैंप में मचाई थी तबाही

पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर आत्मघाती हमला किया था. 14 फरवरी को हुए इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे.

News18.com
Updated: June 22, 2019, 7:19 AM IST
वायुसेना ने ऑपरेशन बंदर से पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी कैंप में मचाई थी तबाही
भारतीय वायुसेना ने 'ऑपरेशन बंदर' कोड की मदद से पाक को दिया था करारा जवाब (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)
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Updated: June 22, 2019, 7:19 AM IST
पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक कर जैश-ए-मोहम्मद के कैंप को ध्वस्त कर दिया था. इस हमले में कई आतंकियों के भी मारे जाने की खबर आई थी. यह पहला ऐसा मौका था, जब भारतीय वायुसेना ने पाक सीमा में घुसकर आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, इसकी गोपनीयता बरकरार रखने के लिए मिशन को 'ऑपरेशन बंदर' नाम दिया गया था.

पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमला किया था. 14 फरवरी को हुए इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. इसके ठीक 13वें दिन भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश के ठिकाने पर हमला किया था. न्‍यूज एजेंसी एएनआई ने वायुसेना के हवाले से बताया कि हमले की गोपनीयता को बरकरार रखने के लिए इस ऑपरेशन को 'ऑपरेशन बंदर' नाम दिया गया था.



सूत्रों ने कहा कि 'बंदर' नाम इसलिए दिया गया क्‍योंकि बंदरों की हमेशा से ही भारत के युद्ध इतिहास में अहम भूमिका रही है. रामायण काल में भी भगवान राम की सेना के सेनापति हनुमान थे. जिन्‍होंने लंका में घुसकर उसे तहस-नहस कर दिया था.

एयर स्‍ट्राइक

पुलवामा हमले के बाद जब भारतीय वायुसेना के मिराज विमानों ने 26 फरवरी को सुबह 3:30 बजे तड़के खैबरपख्तुनवा के बालाकोट में जैश के आतंकी कैंप को तबाह किया. इसके बाद सबसे पहले आईएसपीआर के डीजी ने ख़ुद ट्वीट कर भारतीय वायुसेना के विमानो के पाकिस्तान में घुसकर पेलोड गिराने की बात कही थी. लेकिन किसी भी तरह के नुकसान से इनकार किया था. साथ ही उस इलाके में मीडिया को ले जाने की भी बात कही थी लेकिन इस दौरे को करवाने में पूरा एक महीने का समय लग गया. इसी से साफ हो जाता है की कैसे पाकिस्तान की सेना ने पूरे इलाके को पहले जैसा कराने में एक महीने का समय लगा दिया.

'घुसपैठ कम हुई तो मानेंगे आतंकियों पर लगी लगाम'

बता दें कि बालाकोट में भारत की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान अब दुनिया भर को यह बताने में जुटा है कि उसकी जमीन पर कोई भी आंतकी कैंप संचालित नहीं हो रहा है. दुनिया भर में अपनी जमीन पर आतंक को पलने की छूट देने वाले पाकिस्तान ने दावा किया था कि उनसे अपनी जमीन पर आतंकी कैंप बंद करा दिए हैं.
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हालांकि भारतीय सेना ने इसे पड़ोसी मुल्क का दिखावा और धोखा माना है. जब आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत से इससे जुड़े सवाल किए गए तो उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकी कैंप बंद किए हैं या नहीं इसकी सत्यता जांचने का कोई तरीका नहीं है.

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उन्होंने कहा कि हम अपनी सीमाओं की निगरानी जारी रखेंगे. जिसका मतलब साफ है कि भारत अपनी सुरक्षा व्यवस्था को पाकिस्तान के दावों के बावजूद भी हल्का नहीं करेगा. पाकिस्तान ने कई बार कहा है कि उसकी सरजमीं पर टेरर कैंप नहीं हैं. लेकिन जब अमेरिका और भारत दबाव बनाने की बात कहते हैं तो पाकिस्तान कड़े एक्शन लेने का दिखावा करने लगता है.

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