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'ऑपरेशन कमल': कांग्रेस ने की 'गैरकानूनी' कर्नाटक सरकार की बर्खास्तगी की मांग, सुरजेवाला का तीखा प्रहार

News18Hindi
Updated: November 13, 2019, 7:02 PM IST
'ऑपरेशन कमल': कांग्रेस ने की 'गैरकानूनी' कर्नाटक सरकार की बर्खास्तगी की मांग, सुरजेवाला का तीखा प्रहार
रणदीप सुरजेवाला ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बीजेपी के 'ऑपरेशन कमल' के बुलबुले की ढोल की पोल खोलने वाला बताया है (फाइल फोटो, PTI)

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को कर्नाटक (Karnataka) के पूर्व स्पीकर केआर रमेश कुमार के कांग्रेस-जेडीएस के 17 विधायकों को अयोग्य ठहराने के फैसले को सही ठहराया है लेकिन उन्हें राज्य में 5 दिसंबर को होने वाले उपचुनावों (By-polls) में भाग लेने की अनुमति दे दी है.

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  • Last Updated: November 13, 2019, 7:02 PM IST
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बेंगलुरु. कांग्रेस (Congress) ने कर्नाटक के 17 विधायकों को सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) द्वारा अयोग्य ठहराए जाने के फैसले का स्वागत किया है. कांग्रेस ने कहा है कि कर्नाटक (Karnataka) में बीजेपी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार गैरकानूनी तरीके से शासन चला रही है.

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) ने इसके बाद कहा कि फैसले ने बीजेपी के 'ऑपरेशन कमल' की ढोल की पोल खोल दी है. सुरजेवाला ने मांग की है कि येडियुरप्पा के नेतृत्व वाली सरकार को कर्नाटक में 'बेशर्मी और अवैध ढंग' से कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (JDS) की सरकार गिराने के लिए बर्खास्त कर दिया जाए.

'बीजेपी ने JDS और कांग्रेस की चुनी हुई सरकार को बेशर्मी और अवैध ढंग से गिराया था'
सुरजेवाला ने अपने ट्वीट में लिखा, "सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का यह फैसला 'दलबदलू विधायकों' को अयोग्य घोषित करता है और इसने बीजेपी के 'ऑपरेशन कमल' (Operation Kamal) की ढोल की पोल खोल दी है. इससे यह साबित हो गया है कि बीजेपी ने जनता दल सेक्युलर (JDS) और कांग्रेस की चुनी हुई सरकार को बेशर्मी और अवैध ढंग से गिराया था. येडियुरप्पा सरकार एक अवैध सरकार है और इसे बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए."

रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर ऑपरेशन कमल की आलोचना की है (ट्वीट)


पूर्व स्पीकर के फैसले के एक हिस्से को कर दिया सुप्रीम कोर्ट ने खारिज
कांग्रेस (Congress) की कर्नाटक ईकाई ने भी सरकार को गैरकानूनी बताया था और इसे बर्खास्त करने की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कर्नाटक (Karnataka) विधानसभा के पूर्व स्पीकर केआर रमेश कुमार के कांग्रेस-जेडीएस के 17 विधायकों को अयोग्य ठहराने के फैसले को सही ठहराया है लेकिन उन्हें राज्य में 5 दिसंबर को होने वाले उपचुनावों में भाग लेने की अनुमति दे दी है.ऐसे में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने तत्कालीन स्पीकर के फैसले के उस हिस्से को खारिज कर दिया जिसके जरिए विधायकों को कर्नाटक की 15वीं विधानसभा के आखिरी तक यानी 2023 तक अयोग्य माना जाएगा.

कांग्रेस ने किया सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत
हालांकि कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने बीजेपी से कहा है, 'अगर उसके अंदर कोई नैतिकता बची है' तो वह अयोग्य घोषित हुए विधायकों को चुनाव लड़ने के लिए टिकट न दे. वहीं पार्टी कांग्रेस के विधानसभा दल (CLP) के नेता सिद्धरमैया ने कहा है कि फैसला दलबदलू विधायकों के लिए एक सबक है जो कि आने वाले 5 दिसंबर के उपचुनाव में लोगों को सबक सिखाएगा. सिद्धरमैया ने कहा है कि फैसले ने पूर्व स्पीकर के फैसले के काफी हिस्से को बनाए रखा है, ऐसे में वो फैसले का स्वागत करते हैं.

बता दें कि अयोग्य घोषित विधायकों में से 14 कांग्रेस (Congress) के और 3 विधायक जनता दल सेक्युलर (JDS) के हैं.

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First published: November 13, 2019, 6:55 PM IST
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