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Opinion: द्रौपदी मुर्मू का राष्‍ट्रपति बनना पीएम नरेंद्र मोदी की व्‍यापक रणनीति का हिस्‍सा

भारत की राष्‍ट्रपति 64 साल की द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के मयूरभंज जिले में रहने वाले एक संथाल आदिवासी परिवार से आती हैं.

भारत की राष्‍ट्रपति 64 साल की द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के मयूरभंज जिले में रहने वाले एक संथाल आदिवासी परिवार से आती हैं.

Opinion: मोदी कैबिनेट ने देश में 15 नवंबर को बिरसा मुंडा की जयंती 'जनजातीय गौरव दिवस' के रूप में मनाए जाने का भी फैसला ...अधिक पढ़ें

मार्टिन लुथर किंग ने कहा था कि ‘एक सच्चा लीडर लोगों के विचारों के पीछे नहीं चलता,बल्कि वो लोगों के विचारों को बदल देता है.’ पीएम नरेंद्र मोदी के कामकाज का विश्लेषण करने पर ऐसा ही प्रतीत होता है. द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति के उम्मीदवार को लेकर के चयन और फिर उनकी जीत को बड़ी जीत में तब्दील करने की रणनीति पीएम नरेंद्र मोदी के कामकाज की एक बानगी है.

इस पृष्ठभूमि से आती है देश की प्रथम नागरिक

64 साल की द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के मयूरभंज जिले में रहने वाले एक संथाल आदिवासी परिवार से आती हैं. राजनीति में आने से पहले वो एक स्कूल में पढ़ाती थीं. गोंड और भील के बाद संथाल देश के तीसरे सबसे बड़े आदिवासी समुदाय हैं. 2011 की जनगणना के मुताबिक देश में उनकी कुल आबादी 70 लाख से ज्यादा है. ये पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड समेत सात राज्यों में पाए जाते हैं. ऐतिहासिक रूप से ये मूल रूप से खेती बाड़ी और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर रहे हैं.आदिवासी समुदायों में सामान्य रूप से शिक्षा का स्तर अच्छा नहीं होता और संथाल इस संदर्भ में विशेष रूप से पिछड़े हुए हैं. इनके आर्थिक हालात अच्छे नहीं होते और देश में अधिकांश संथाल गरीब हैं. 2011 की जनगणना के मुताबिक पश्चिम बंगाल के संथालों में साक्षरता दर सिर्फ 54.72 प्रतिशत थी. ऐसे में इस समाज की महिला को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठाकर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहीं ना कहीं संथाल समेत सभी आदिवासियों को एक विशेष सम्मान दिया है.

आदिवासियों के लिए पीएम ने किया था यह काम

मोदी कैबिनेट ने देश में 15 नवंबर को बिरसा मुंडा की जयंती ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाए जाने का भी फैसला लिया था. अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, ‘भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती 15 नवंबर को पड़ती है. उनको ‘धरती आबा’ के नाम से भी जाना जाता है. क्या आप जानते हैं कि इसका क्या अर्थ है? इसका अर्थ है पृथ्वी के पिता.

आधी आबादी के लिए भी पीएम मोदी ने उठाए हैं कई कदम

देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर एक महिला के चयन के साथ-साथ पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल में महिलाओं के उत्थान के लिए भी कई कदम उठाए हैं. इसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जनधन योजना में महिलाओं का विशेष ध्यान उज्जवला योजना शौचालय का निर्माण मातृत्व अवकाश की अवधि को 6 महीने का किया जाना आदि शामिल है.

बीजेपी के युवा नेता मनोज यादव का मानना है कि पीएम नरेंद्र मोदी सबका साथ सबका विकास की अपनी नीति को लेकर के प्रतिबद्ध हैं और इसमें समाज के शोषित और वंचित वर्ग को वे प्राथमिकता रखते हैं. राष्ट्रपति पद के लिए नाम तय करते समय पीएम नरेंद्र मोदी ने इन बातों का विशेष ध्यान रखा और आज द्रौपदी मुर्मू देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनने जा रही है. मनोज यादव मानते हैं कि दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के दर्शन को चरितार्थ करने का काम आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस ऐतिहासिक फैसले ने किया है.

(डिस्‍क्‍लेमर- ये लेखक के निजी विचार हैं. )

Tags: Beti Bachao-beti Padhao, Draupadi murmu, Narendra modi, Pm narendra modi

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