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Opinion: कोरोना महामारी के दौरान पीएम मोदी ने जान और जहान दोनों को इस तरह बचाया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (न्‍यूज 18 हिंदी)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (न्‍यूज 18 हिंदी)

कोरोना महामारी के शुरुआत में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा था कि 'जान है तो जहान है' और फिर बाद में लोगों ...अधिक पढ़ें

कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के शुरुआत में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा था कि ‘जान है तो जहान है’ और फिर बाद में लोगों की जान और अर्थव्यवस्था दोनों को बचाने की बात कही थी. भारत में कोरोना की स्थिति को इन आंकड़ों से समझा जा सकता है. 30 मार्च 2022 को जारी किए गए आंकड़े के अनुसार 14704 एक्टिव केस हैं जबकि 42487410 लोग डिस्चार्ज हो चुके हैं जबकि 521101 लोगों की इससे मौत हो चुकी है साथ ही 1838241743 वैक्सीन के डोज लग चुके. इसके साथ ही साथ वैश्विक परिपेक्ष में भारत की स्थिति को स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के कुछ दिन पहले दिए बयान से समझा जा सकता है जिसमें उन्होंने कहा कि – ‘जब कीमती जीवन बचाने की बात आती है, तो हम कोविड-19 (COVID-19) के दुनिया के समग्र प्रबंधन की तुलना में 23 गुना बेहतर प्रबंधन करने में सफल रहे हैं. हमने दुनिया भर के 99 देशों को कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराई है. भारत ने 145 दिनों में 250 मिलियन खुराकें दी गई हैं. अभी, मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि हमने टीकाकरण की 181 करोड़ से अधिक डोज लगाए हैं.’

जानकारों का मानना है कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना प्रबंधन बेहतर तरीके से किया गया इसीलिए ना सिर्फ लोगों की जान बचाई गई बल्कि अर्थव्यवस्था को भी पटरी पर ले आया गया. जानकार मानते हैं कि बेहतर कोविड प्रबंधन का ही परिणाम है कि कोरोना महामारी के बाद अर्थव्यवस्था ट्रैक पर आ गई है और दिन प्रतिदिन नई ऊंचाइयों को छू रही है.

400 बिलियन डॉलर के गुड्स निर्यात लक्ष्य को हासिल किया

जानकार मानते हैं कि भारत में बेहतर कोविड प्रबंधन किया गया जिसके कारण वित्तीय वर्ष 2021-22 में भारत ने 400 बिलियन डॉलर के गुड्स का निर्यात लक्ष्य 9 दिन पहले ही पूरा कर लिया. 400 बिलियन डॉलर के गुड्स के निर्यात की यात्रा को देखें तो भारत प्रत्येक घंटे औसतन 4.6 करोड़ डॉलर की वस्तुओं का निर्यात करता है. वही प्रत्येक दिन लगभग एक बिलियन डॉलर के वस्तुओं का निर्यात किया जाता है जबकि औसतन लगभग 33 बिलियन डॉलर के वस्तुओं का निर्यात प्रति महीने किया जाता है.
जीएसटी कलेक्शन रिकॉर्ड स्तर पर

पीएम नरेंद्र मोदी के कुशल वित्तीय प्रबंधन के कारण कोरोना काल के बाद अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर लौट आई और जीएसटी कलेक्शन फरवरी महीने में 1,33,026 करोड़ का आंकड़ा छू गया. यह पिछले साल फरवरी महीने के जीएसटी कलेक्शन से 18 फ़ीसदी अधिक है जबकि 2020 के फरवरी महीने से 26 फीसदी अधिक है. गौरतलब है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में जीएसटी कलेक्शन पांचवी बार 1.30 लाख करोड़ से अधिक रहा.

यह भी रहे अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ीकरण के मुख्य कारण

जानकारों का मानना है कि प्रोडक्शन लिंक इंसेंटिव के कारण भी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है जिसे पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना के दौरान और प्रमुखता से लागू किया. किसानों के लिए उठाए गए विभिन्न कदम जिसमें किसान सम्मान निधि और एमएसपी पर खरीदी महत्वपूर्ण है इसे भी जानकार कोरोना के बाद अर्थव्यवस्था की मजबूती का मुख्य कारण मानते हैं. आंकड़ों की माने तो खरीफ विपणन सत्र 2021-22 तक अंतर्गत किसानों से अब तक 741 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की सरकारी खरीद की गई है, जिससे 105 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं. कुछ जानकार मानते हैं कि कोरोना काल में अन्न योजना ने जनता और कार्य बल को मजबूती दी. अभी तक सरकार गरीबों को मुफ्त राशन के लिए 2 लाख 60 हजार करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है और अगले 6 महीने में इस पर 80 हजार करोड़ रुपए और खर्च किए जाएंगे. इसके कारण लगभग 80 करोड़ लोगो और एक अलग मायने में कार्य शक्ति को संकट के समय खाद्यान उपलब्ध कराया गया.

(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है)

Tags: Corona Pandemic, Pm narendra modi

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