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Opinion| मुस्लिम महिलाओं से आंगनवाड़ी कर्मियों तक, यूं नए वोटर्स को लुभाने में जुटी BJP

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Updated: September 20, 2018, 7:14 PM IST
Opinion| मुस्लिम महिलाओं से आंगनवाड़ी कर्मियों तक, यूं नए वोटर्स को लुभाने में जुटी BJP
गैर-परंपरागत वोटों को लुभा रही है बीजेपी

सरकार के ताजा फैसलों में बीजेपी की एक तलाश दिखाई देती है, जो चुनावों से पहले जमीनी स्तर पर बिखरे हुए वोटों को जुटाने की कोशिश है.

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  • Last Updated: September 20, 2018, 7:14 PM IST
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शेखर अय्यर
केंद्र सरकार ने हाल ही में कुछ बड़े फैसले किए हैं, जो कि हाशिये पर जी रहे गरीब और पिछड़े तबकों के लिए नरेंद्र मोदी सरकार की फ़िक्र को दिखाता है. इन फैसलों में सरकार की ओर से अध्यादेश जारी कर तीन तलाक कानून लागू किए जाने से लेकर आंगनवाड़ी की महिला कर्मियों का वेतन बढ़ाना शामिल है.

सरकार के इन फैसलों में बीजेपी की एक तलाश भी दिखाई देती है, जो चुनावों से पहले जमीनी स्तर पर बिखरे हुए वोटों को जुटाने की कोशिश है. फिर चाहे ये वंचित मुस्लिम महिलाएं हों या ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनवाड़ी कर्मचारी महिलाएं. इनमें बड़ी संख्या में वोटर्स शामिल हैं, जिन्हें बीजेपी नज़रअंदाज नहीं करना चाहती. पार्टी इस तरह हर एक वोट का ध्यान रख रही है.

बीजेपी ने बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के लिए टी-20 प्लान का भी ऐलान किया है, जिसमें आखिरी छोर तक के कार्यकर्ता को 20 वोटर्स मनाने का टारगेट दिया गया है. ये भले एक बूंद हो लेकिन अगर इसे गंभीरता से लिया जाता है, तो इनसे पूरा समंदर भर सकता है.

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सरकार के इन फैसलों का आकलन दिखाता है कि वह गैर-परंपरागत वोटर्स की लुभाने के लिए समाज के उस तबके में पहुंचना चाहती है, जो लंबे समय तक हाशिए पर रहे हैं. सत्ताधारी पार्टी में पहले से ही चर्चा जोरों पर है कि 2019 के चुनावों में 300 लोकसभा सीटों पर ग्रामीण इलाकों के वोट सबसे ज्यादा अहम होंगे.

शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में बाकी की 200 सीटें इस बार एक बड़ी चुनौती हैं, जहां आशाओं से भरा मध्यम वर्ग रहता है. चुनावों में किया गया 'अच्छे दिन' का वादा कई लोगों के लिए अभी भी दूर की कौड़ी है. ऐसे में 2014 के चुनावों का जादू दोबारा दोहरना थोड़ा अनिश्चित लगता है.
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बीजेपी चीफ अमित शाह ने 17 सितंबर को नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर एक लेख में सरकार की इस नई पहल की अहमियत के बारे में ज़िक्र किया है. अमित शाह ने प्रधानमंत्री के महिला कार्यकर्ताओं से संवाद की प्रशंसा की, जो कि सुदूर इलाकों में हेल्थ वर्कर्स के तौर पर काम करती हैं. सरकार ने उनके लिए वेतन में बढ़ोतरी का ऐलान किया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले अमित शाह ने कहा, "जबसे मुझे उनके साथ काम करने का अवसर मिला है, मैंने नरेंद्र मोदी में एक शानदार खूबी देखी है. सरकार में हो या संगठन में, वह किसी भी भूमिका में काम करने वाले लोगों को प्रेरित करते हैं और खास अनुभव कराते हैं."

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बीजेपी अपनी चुनौती के सामने समाज के हर तबके को खास अनुभव कराना चाहती है. अमित शाह निश्चित ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता महिलाओं और आशा वर्कर्स के वेतन बढ़ाने के सरकार के फैसले को रेखांकित कर रहे थे. ये वेतन बढ़ोतरी अगले महीने से लागू होगी. आंगनवाड़ी और आशा वर्कर्स ने किसानों के साथ मिलकर 5 सितंबर को दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने यह फैसला करने की घोषणा की.

मौजूदा समय में देश भर में 5 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और 9.38 लाख आशा वर्कर्स हैं. वे अक्सर पेमेंट और भत्तों में होने वाली देरी का सामना करते हैं. ये एक बड़ी संख्या है अगर वेतन बढ़ोतरी को एक सकारात्मक असर के तौर पर देखा जाए. कई केंद्रीय मंत्रियों ने केंद्र की तरफ से उनके लिए इस दिवाली गिफ्ट की अहमियत बताना शुरू कर दिया.

इसी तरह अध्यादेश के जरिये तीन तलाक संबंधी कानून लागू करने को लेकर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद की घोषणा ने भी इस फैसले के राजनीतिक अहमियत के संकेत दिए हैं. ये कानून एक साल से ज्यादा समय तक अड़चनों का सामना करता रहा.

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First published: September 20, 2018, 5:10 PM IST
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