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OPINION: देश के विकास को रफ्तार देगी पीएम मोदी की गति शक्ति योजना

OPINION: देश के विकास को रफ्तार देगी पीएम मोदी की गति शक्ति योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की गतिशक्ति योजना की शुरुआत. फाइल फोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की गतिशक्ति योजना की शुरुआत. फाइल फोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्र में अष्टमी के दिन जब दिल्ली में 100 लाख करोड़ रुपये वाला पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान लॉन्‍च किया तो एकबारगी सबका ध्यान उन योजनाओं की ओर गया, जो दशकों से अधूरी पड़ी हैं या केवल कागजों में जीवित हैं.

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पलामू के रेडमा निवासी दीनानाथ तिवारी मंडल डैम पूरा होने की उम्मीद छोड़ चुके थे, लेकिन प्रधानमंत्री पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान लॉन्‍च होने के बाद उनकी आंखों में फिर से चमक आ गई है. उनकी उम्मीदों को फिर से पर लग गए हैं. कोयल नदी पर प्रस्तावित मंडल डैम अकेली परियोजना नहीं है, जिसे पूरा होने की बाट जोहते कितने लोग दुनिया छोड़ गए और खेतों में पानी आने की आस में कितने किसानों की आंखे पथरा गईं. पलामू के ही जपला सीमेंट कंपनी के जीर्णोद्धार का मामला भी ऐसा ही है, जो दशकों से नेताओं के चुनावी भाषण का अहम सवाल रहा है, लेकिन जनता अभी तक आश्वासनों की चाशनी चाट रही है. जमीन पर एक ईंट भी नहीं जोड़ी जा सकी.

पुरानी परियोजनाओं के बहुरेंगे दिन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्रि के अष्टमी के दिन जब दिल्ली में 100 लाख करोड़ रुपये वाला पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान लॉन्‍च किया तो एकबारगी सबका ध्यान उन योजनाओं की ओर गया, जो दशकों से अधूरी पड़ी हैं या केवल कागजों में जीवित हैं. इस फेहरिश्त में दर्जनों रेल लाइन, पुल निर्माण से लेकर सिंचाई और विद्युत परियोजनाएं शामिल हैं. कई कारखाने अपने जीर्णोद्धार के लिए सरकार की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने योजना लॉचिंग के समय इसकी उपादेयता और ऐसे मास्टर प्लान की अनिवार्यता को रेखांकित किया. उन्होंने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष की सौगात के तौर पर इसे लॉन्‍च करते हुए अगले 25 वर्ष के विकास की रूपरेखा सामने रख दी. साथ ही वर्षों से सरकारी कामकाज के तरीके को लेकर जनमानस में बैठी धारणा को भी बदलने का संकेत दिया.

जानें, कैसे काम करेगा PM गतिशक्ति प्लान
दरअसल, यह एक ऐसा कॉमन डिजिटल मंच है, जिसमें दर्जन भर से ज्यादा मंत्रालयों को जोड़ा गया है. इसरो द्वारा विकसित 16 मंत्रालयों के दो सौ से ज्यादा लेयर्स इसमें काम कर रहे हैं. गतिशक्ति मास्टर प्लान एक ऐसा मंच है, जहां सड़क से लेकर रेलवे, उड्डयन से लेकर कृषि मंत्रालय तक एक मंच से जुड़ेंगे. यहां उन प्रोजेक्ट की सूची होगी जो अभी चल रही हैं या जिनको आगामी दो से तीन सालों में पूरा होना है. सभी प्रोजेक्ट्स को जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (GIS) मोड में डाला गया है और जिन्हें 2024-25 तक पूरा होना है. जानकार मान रहे हैं कि एक सौ लाख करोड़ रुपये की ये योजना कई पुरानी योजनाओं की रि-पैकेजिंग है. इस मंच के जरिए अलग मंत्रालयों और विभागों के बीच रियल टाइम को-ऑर्डिनेशन होगा ताकि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके. इससे सभी विभागों के कामों की विजिबलिटी मिलेगी, साथ ही बेहतर समन्वय, प्लान, भूमि अधिग्रहण, राज्य सरकार से लेकर निजी कंपनियों तक के बीच बेहतरीन तालमेल का अवसर भी मिलेगा.

पीएम मोदी हैं बेहद आशान्वित
प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त के भाषण में लालकिले से प्रधानमंत्री गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान का ऐलान किया था. योजना के शुभारंभ के अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि गतिशक्ति योजना का टारगेट लॉजिस्टिक्स की लागत में कमी, कार्गो हैंडलिंग क्षमता को बढ़ाना और आवाजाही तेज करना है. पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान, भारत के इसी आत्मबल को, आत्मविश्वास को, आत्मनिर्भरता के संकल्प तक ले जाने वाला है. उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य सभी संबंधित विभागों को एक मंच पर जोड़कर परियोजनाओं को ज्यादा शक्ति और रफ्तार देना है. मंत्री पीयूष गोयल ने उदाहरण देकर बताया कि पोर्ट केवल शिपिंग का विषय नहीं होगा, इससे रेल और सड़क मंत्रालय भी जुड़ेगा.

भविष्य में किस तरह का होगा फायदा
प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के जरिए रियल टाइम के आधार पर योजनाओं से संबंधित सूचना, उसकी अद्यतन स्थिति और आंकड़ों की उपलब्धता आसान होगी. साथ ही कार्यों में पारदर्शिता आएगी. बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का काम बेहतर तरीके हो सकेगा, क्योंकि एक दूसरे विभाग पर दोष मढ़ने का विकल्प नहीं होगा. कोई कठिनाई या व्यावहारिक अड़चन आने की स्थिति में कई विभाग आपसी समन्वय से उसे दूर करने का प्रयास करेंगे. यानि मंत्रालयों के बीच सूचना और समन्वय की कमी दूर होगी.

पीएम मोदी का कनेक्टिविटी पर फोकस
प्रधानमंत्री मोदी कहते रहते हैं कि आगामी पांच वर्ष के भीतर देश में 200 से ज्यादा नए एयरपोर्ट और वॉटर एयरडोम बनने जा रहे हैं. एक हजार किलोमीटर लंबे नए मेट्रो रूट पर काम तेजी से जारी है. आज देशभर में 16,000 किमी से ज्यादा गैस पाइपलाइन पर काम चल रहा है. आगामी पांच से छह साल के अंदर सबके पूरा होने का लक्ष्य है. वे बताते हैं कि 2014 से पहले के 5 सालों में सिर्फ 3000 किलोमीटर रेलवे का बिजलीकरण हुआ था, बीते 7 सालों में हमने 24 हजार किलोमीटर से भी अधिक रेलवे ट्रैक का बिजलीकरण किया है. इसी तरह 2014 के पहले के 5 सालों में सिर्फ 1900 किलोमीटर रेल लाइनों का दोहरीकरण हुआ था. बीते 7 वर्षों में हमने 9 हजार किलोमीटर से ज्यादा रेल लाइनों की डबलिंग की है. 2014 के पहले के 5 सालों में सिर्फ 60 पंचायतों को ही ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जा सका था. बीते 7 वर्षों में हमने डेढ़ लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से कनेक्ट कर दिया है.

ऐसे होगा पैसे का इंतजाम
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019 के बजट भाषण में इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए 100 लाख करोड़ का बंदोबस्त करने का ऐलान किया था. वित्त मंत्री के मुताबिक अगले पांच वित्त वर्ष यानि 2020 से 2025 तक में इनको खर्च होना है. इसको नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP) का नाम दिया गया था. इसके लिए एक टास्क फोर्स बनाई गई थी. टास्क फोर्स ने पिछले साल अप्रैल में अपनी रिपोर्ट दी जिसमें सारे लंबित और भावी प्रोजेक्ट के लिए 111 लाख करोड़ के निवेश की जरूरत बताई. योजना की लागत का 61 फीसदी पैसा राज्य सरकारों और प्राइवेट प्लेयर्स से लिया जाएगाा. विस्तार में जाएं तो योजना के तहत खर्च होने वाले पैसों में 39 फीसदी केंद्र सरकार वहन करेगी. चालीस प्रतिशत संबंधित राज्य सरकारों को अपने खाते से देना होगा और बाकी बचे 21 फीसदी फंड प्राइवेट सेक्टर से जुटाया जाएगा.

(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है)

Tags: Narendra modi, Pm narendra modi, PM Narendra Modi Biopic

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