OPINION: भ्रष्ट अधिकारियों पर मोदी सरकार का शिकंजा

केन्द्र की मोदी सरकार के प्रमोशन में 360 डिग्री नियम लागू होने से अधिकारियों के प्रमोशन में पारदर्शिता आई है. अब उन अधिकारियों को प्रमोशन नहीं मिलेगा, जिनकी जांच देश के किस्सी भी हिस्से में चल रही है.

Anil Rai | News18Hindi
Updated: September 7, 2019, 6:56 PM IST
OPINION: भ्रष्ट अधिकारियों पर मोदी सरकार का शिकंजा
सरकार ने 1 हजार से ज्यादा अफसरों की पहचान की है, जिन्होंने भ्रष्टाचार के जरिए अकूत संपत्ति इकठ्ठा कर रखी है.
Anil Rai
Anil Rai | News18Hindi
Updated: September 7, 2019, 6:56 PM IST
नई दिल्ली. मोदी -2 सरकार के 100 दिनों के कामकाज को देखें तो सबसे बड़ा असर भ्रष्टाचार पर देखने को मिला है. देश के आम लोगों में यह धारणा रही है कि भ्रष्टाचार में निचले स्तर के कर्मचारी तो पकड़े जात हैं, लेकिन भ्रष्टाचार का संरक्षण दे रहे बड़े अधिकारी बच निकलते हैं. हालांकि मोदी-2 सरकार ने आम लोगों की इस भ्रम को दूर किया है. भ्रष्टाचार पर वार करते हुए बड़े-बड़े नौकरशाहों पर शिकंजा कसा गया है. इनकम टैक्स और कस्टम से जुड़े 34 बड़े अधिकारियों को अब तक रिटायरमेंट दिया जा चुका है और उनके खिलाफ जांच जारी है. वहीं अखिल भारतीय सेवा के 1 हजार से ज्यादा अधिकारी सरकार की निगरानी में हैं.

कार्रवाई से पहले बनाया फुलप्रूफ प्लान
देश में पहली बार इंटेलिजेंस एजेंसियां सरकार में काम कर रहे अधिकारियों के भ्रष्टाचार पर नजर रख रही हैं. साथ ही जिन अफसरों के खिलाफ जबर रिटायरमेंट की कार्रवाई की गई है.  उनकी विभागीय पत्रावाली, उनके काम काज के तरीके, उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच, आय से अधिक संपत्ति के मामलों के साथ इंटेलिजेंस एजेंसियों से मिले इनपुट को भी आधार बनाया गया है. साफ है मोदी सरकार इन अधिकारियों को सजा देने से पहले पूरी तैयारी की और फुल प्रुफ प्लान बनाया. ताकि सिर्फ दोषी अधिकारियों पर ही कार्रवाई हो. साथ ही उन्हें आसानी से बचाव का रास्ता न मिल सके.

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केन्द्र की मोदी सरकार के प्रमोशन में 360 डिग्री नियम लागू होने से अधिकारियों के प्रमोशन में पारदर्शिता आई है.


500 से ज्यादा अफसरों पर हो सकती है कार्रवाई
मोदी सरकरा का भ्रष्टाचार के खिलाफ ये कार्रवाई  अभी मात्र शुरुआत है. सूत्रों की मानें तो आईबी से मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने 1 हजार से ज्यादा अफसरों की पहचान की है, जिन्होंने भ्रष्टाचार के जरिए अकूत संपत्ति इकठ्ठा कर रखी है.  इस लिस्ट में आईएएस, आईपीस, आईआरएस, समेत अखिल भारतीय सेवा से जुड़े हर कैडर के अधिकारी शामिल हैं.  इस लिस्ट में शामिल सभी अधिकारियों पर सरकार कड़ी नजर रखे हुए है और उनके रिकार्ड को खंगाला जा रहा है. साथ ही उनके खिलाफ चल रहे मामले की जांच में भी तेजी लाई गई है. साफ है मोदी सरकार आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नौकरशाहों को जबरन रिटायर में भेज सकती है. सुत्रों की माने तो इन 1 हजार अफसरों में करीब 500 के खिलाफ कार्रवाई होना तय है .

 अफसरों के प्रमोशन में पारदर्शिता
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केन्द्र की मोदी सरकार के प्रमोशन में 360 डिग्री नियम लागू होने से अधिकारियों के प्रमोशन में पारदर्शिता आई है. इस नियम के लागू हो जाने के बाद, अब उन अधिकारियों को प्रमोशन नहीं मिलेगा, जिनकी जांच देश के किस्सी भी हिस्से में चल रही है. पहले अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों के उनके बैच के साथ प्रमोशन दे दिया जाता था, लेकिन अब किसी भी प्रमोशन से पहले उनकी कुंडली खंगाली जाएगी. साफ है मोदी सरकार के इस कदम के बाद भ्रष्ट अधिकारियों के प्रमोशन मिलना लगभग असंभव हो गया है .

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First published: September 7, 2019, 6:02 PM IST
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