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Opinion: पीएम मोदी ने साफ कर दिया है कि विपक्ष को तर्कसंगत बातें करनी होगी

पीएम किसान सम्मान निधि के तहत पीएम मोदी ने देशभर के किसानों से की बात.
पीएम किसान सम्मान निधि के तहत पीएम मोदी ने देशभर के किसानों से की बात.

प्रधानमंत्री का ये भी साफ संदेश है कि किसान विपक्षी दलों के बरगलाने में नहीं आने वाले. अगर किसान विपक्षी दलों की ओर होते तो चुनावों में भी विपक्ष को वोट देते. लेकिन किसानों ने विपक्षी दलों को नकार दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 26, 2020, 12:43 PM IST
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पीएम किसान सम्मान निधि के तहत पीएम मोदी ने 6 राज्यों के किसानों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की. खास कर उन किसानों से जिन्होंने खेती में प्रयोग कर न सिर्फ अपनी आमदनी बढ़ाई है बल्कि किसान बिल का समर्थन भी कर रहे हैं. शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर देश के नौ करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की किसान सम्मान निधि हस्तांतरित की गई. ये क़िश्त मिलाकर देश के लगभग 10 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 113 हजार करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है.

उधर बीजेपी ने भी इस कार्यक्रम को देश भर के किसानों के सामने ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। भारतीय जनता पार्टी की मानें तो पीएम मोदी का ये संवाद देश में अब तक का सबसे बड़ा किसान संवाद अभियान था. इसके माध्यम से देश भर में लगभग 19 हजार स्थानों पर किसान चौपाल कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिसमें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से लेकर तमाम बड़े नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, सांसदों, विधायकों एवं पार्टी पदाधिकारियों ने भाग लिया. इसका उद्देश्य देश के करोड़ों किसानों तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के संदेशों और उनके नेतृत्व में केंद्र की बीजेपी सरकार की किसान हितैषी नीतियों को पहुंचाना था.

केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दिल्ली के द्वारका में, गृह मंत्री अमित शाह किशनगढ, महरौली में और नितिन गडकरी सिलचर असम और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरल बाग में किसानों के साथ बैठकर पीएम मोदी के संबोधन को सुना और वहां मौजूद किसानों को किसान बिल के फायदे भी गिनाए. यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ में तो मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शइवराज सिंह चौहान होशंगाबाद में पीएम क संवाद कार्यक्रम मे शामिल हुए और कृषि सम्मान नि​धि राशि के हस्तांतरण कार्यक्रम को देखा.

पीएम ने अपने इस कार्यक्रम मे चंद बातें तो साफ कर ही दीं.



विपक्ष तर्कों के आधार पर विरोध करे
पीएम ने दो टूक कहा कि उनकी सरकार दिल्ली की सीमा पर बैठे किसानों की समस्या को ले कर चिंतित है और बातचीत करने को भी तैयार है. पीएम मोदी ने ये भी संकेत दिए की सरकार उनकी मांगों पर भी विचार करने को भी तैयार है लेकिन कम से कम जिन प्रावधानों का विरोध किसान संगठन कर रहे हैं उन पर बेहतर तर्कों के साथ सरकार के सामने जाएं. पीएम मोदी ने कहा सिर्फ अढियल रवैये से काम नहीं चलेगा बल्कि किसान अपनी बात तार्किक रूप से करें तो ही बात आगे बढ़ सकती है. पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली सीमा पर बैठे किसान सीधे साधे हैं जिन्हें बरगलाया गया है. हमारी तरफ से बातचीत के रास्ते हमेशा खुले हुए हैं.

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ममता सरकार पर निशाना
पीएम मोदी ने अफसोस जताया कि बंगाल के 70 लाख से ज्यादा किसान को किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पाया है. पीएम मोदी ने बताया कि 23 लाख से ज्यादा किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया है लेकिन ममता सरकार ने वेरिफिकेशन की प्रक्रिया ही रोक रखी है. ममता पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने साफ कर दिया कि आने वाले दिनों में किसानों के मुद्दों को लेकर बीजेपी के हमले की धार ममता सरकार पर तेज ही होती जाएगी, जिसकी शुरुआत अमित शाह ने किसानों के घर भोजन कर के कर दी है. पीएम मोदी ने कहा कुछ राजनीतिक दल किसानो पर चिंता का नाटक करते हैं.

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पीएम मोदी ने सीधे किसानों से कहा कि जो दल बंगाल में किसानो के अहित पर कुछ नहीं बोलते, केरल में आंदोलन नहीं करते, उन्हें दिल्ली आकर किसानों की याद आती है. पीएम मोदी ने कहा कि जनता उन्हें पहचान चुकी है और चुनावों में धूल भी चटा चुकी है, इसलिए उनकी बात किसान नहीं सुनने वाला. पीएम मोदी का संदेश साफ था कि सरकार विपक्ष की मांग पर झुकते हुए किसी भी कीमत पर किसान बिल वापस नहीं लेने वाली बल्कि अगर किसान संगठनों के पास अपनी मांगों के पक्ष में उचित तर्क है तो उनकी सरकार दो कदम वापस खींचने में कोताही नहीं बरतेगी.
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