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राज्यों ने कहा- वैक्सीन हो रही है खत्म, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा- महामारी पर ना करें 'राजनीति'

केंद्र ने कहा देश में टीके की कोई कमी नहीं.

केंद्र ने कहा देश में टीके की कोई कमी नहीं.

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेज रफ्तार से बढ़ने के बीच सरकार 11 अप्रैल से राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में उन सरकारी एवं निजी कार्यस्थलों पर कोविड-19 टीकाकरण की अनुमति दे दी.

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नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमण (Coronavirus In India) की दूसरी लहर के बीच वरिष्ठ डॉक्टरों का कहना है कि तेजी से वैक्सीनेशन ही इससे बाहर निकलने का रास्ता है. वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Dr. Harsh Vardhan) ने महाराष्ट्र और कुछ अन्य राज्यों पर बुधवार को हमला बोला और उनपर पात्रता रखने वाले पर्याप्त संख्या में लाभार्थियों को टीका लगाए बिना सभी के लिए टीकों की मांग कर लोगों में दहशत फैलाने तथा अपनी 'विफलताएं' छिपाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. इस बीच महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे का कहना है कि महाराष्ट्र में सिर्फ तीन दिनों के लिए टीके हैं. महाराष्ट्र को वैक्सीन की 1.06 करोड़ खुराक मिली.

3% की टीका वेस्टेज रेट के साथ, राज्य में अब तक 85,64,908 लोगों को टीका लगाया गया है. बुधवार सुबह तक, राज्य के स्टॉक में 14 लाख खुराक थी जो राज्य के रूप में 3 और दिनों तक चलेगी, औसतन, प्रति दिन 4 लाख लोगों को टीकाकरण कर रहा है.

महाराष्ट्र में  प्रति सप्ताह 40 लाख वैक्सीन खुराक की मांग
बढ़ती मांग से निपटने के लिए, राज्य प्रति सप्ताह 40 लाख वैक्सीन खुराक की मांग कर रहा है. महाराष्ट्र ने केंद्र सरकार से वितरण की धीमी गति पर भी सवाल उठाया है. इतना ही नहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी पहले ऐसी ही मांग की थी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य में कोविड के मामलों की वृद्धि देखते हुए टीकाकरण प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए 1.5 करोड़ अतिरिक्त टीके लगाने को कहा. शहर के मेयर किशोरी पेडणेकर के अनुसार, मुंबई शहर के स्टॉक में सिर्फ टीके का एक दिन है. उन्होंने कहा कि मुंबई में कल 1.76 कोवीशील्ड की खुराक थी जो आज खत्म हो जाएगी.
आंध्र प्रदेश 1 करोड़ वैक्सीन की खुराक तुरंत मांग रहा है. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल राज्य के पास सिर्फ 3.7 लाख खुराकों का भंडार है. पहले से ही नेल्लोर और पश्चिम गोदावरी जिलों में कोई टीका नहीं है. ओडिशा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य और परिवार कल्याण) पीके महापात्र ने केंद्र को पत्र लिखकर कोविशिल वैक्सीन की अतिरिक्त 15 से 20 लाख खुराक की मांग की है क्योंकि मौजूदा स्टॉक अगले तीन दिनों में समाप्त होने की उम्मीद है. तेलंगाना का यह भी कहना है कि उसके पास केवल तीन दिन का टीका बचा है और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री एटाला राजेंद्र के अनुसार, केंद्र से और टीकों की मांग की है.



हालांकि यह पहली बार नहीं है जब केंद्र ने आश्वासन दिया है कि देश के पास कोरोनावायरस वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक है. शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ट्वीट कर यही कहा था. पिछले महीने, राजस्थान में वैक्सीन की कमी पर प्रतिक्रिया देते हुए, मंत्रालय ने कहा था कि केंद्र ने राजस्थान को वैक्सीन की 37.61 लाख खुराक दी थी, लेकिन राज्य टीकाकरण के लिए केवल 24.28 लाख खुराक का उपयोग कर पाया.

महाराष्ट्र सरकार के दावे 'बकवास'
वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने टीके की कमी के महाराष्ट्र सरकार के दावे को बकवास बताया और कहा कि राज्य के ‘लापरहवाहीपूर्ण’ रवैये ने इस वायरस के खिलाफ लड़ाई में पूरे देश के प्रयास को कमतर किया है. उन्होंने कहा, ‘जिम्मेदाराना तरीके से काम करने की महाराष्ट्र की असमर्थता समझ से परे है. लोगों में दहशत फैलाना स्थिति को और बिगाड़ना है. टीके की आपूर्ति मांग के हिसाब से निश्चित समयसीमा में की जा रही है और राज्य सरकार को नियमित रूप से इस बात की सूचना दी जा रही है. टीके की कमी के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं. ’’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में ‘जांच समुचित नहीं है और संपर्क की पहचान की दिशा में भी काफी करना वांछनीय है.’ उन्होंने कहा कि टीके की कमी के बारे में राज्य में जनप्रतिनिधियों द्वारा दिये गये बयान कुछ नहीं बल्कि इस महामारी को नियंत्रित करने में उनकी बार बार की विफलता से ध्यान बंटाने का प्रयास है.

अठारह साल से उपर के सभी लोगों के लिए टीकाकरण खोल देने की नेताओं की मांग पर उन्होंने कहा कि टीकाकरण का प्राथमिक लक्ष्य सबसे अधिक जोखिम वाले लोगों में मृत्यु का अनुपात घटाना और समाज को इस महामारी को हराने के लायक बनाना है. उन्होंने कहा, ‘जबतक टीके की आपूर्ति सीमित है तब तक प्राथमिकीकरण के सिवा कोई और विकल्प नहीं है.’

महाराष्ट्र और दिल्ली टीकाकरण के लिए उम्र सीमा हटाने की मांग कर रहे हैं. हर्षवर्धन ने छत्तीसगढ़ के बारे में कहा कि निरंतर ऐसे बयान दिये जा रहे हैं जिनकी मंशा टीकाकरण के बारे में दुष्प्रचार और घबराहट फैलाना है. उन्होंने कहा कि पंजाब में मृत्यु दर को घटाने के लिए ऐसे मरीजों की जल्द पहचान किए जाने की आवश्यकता है जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराये जाने की जरूरत है. उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में राज्यों में मास्क पहनने और दूरी कायम करने के नियम पालन में शिथिलता हो रही है. (भाषा इनपुट के साथ)
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