GST के 25 हजार करोड़ रुपये नहीं दे रहा केंद्र, कैसे लड़ें कोरोना के खिलाफ लड़ाई : संजय राउत

राउत ने कहा कि केंद्र ने एक सितंबर से विभिन्न साजोसामान की मदद बंद कर दी है.
राउत ने कहा कि केंद्र ने एक सितंबर से विभिन्न साजोसामान की मदद बंद कर दी है.

States demanded GST payments: विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने गुरुवार को संसद भवन परिसर में केंद्र से जीएसटी की बकाया राशि की मांग के लिए विरोध प्रदर्शन किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 17, 2020, 5:08 PM IST
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नई दिल्ली. संसद (Parliament) के मानसून सत्र (Monsoon Session) के दौरान गुरुवार को विपक्ष की कई पार्टियों ने केंद्र के पास बकाया जीएसटी (GST) की राशि की मांग के लिए संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने टीआरएस (TRS), तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress), डीएमके (DMK), आरजेडी (RJD), आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party), एनसीपी (NCP), समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और शिवसेना सांसदों (Shivsena) ने विरोध प्रदर्शन किया. शिवसेना सांसद संजय राउत (Shivsena MP's Sanjay Raut) ने कहा कि महाराष्ट्र (Maharashtra) के 25 हजार करोड़ रुपये केंद्र के पास बकाया हैं जिसे वह देने के लिए तैयार नही हैं. हम कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ लड़ाई कैसे लड़ेंगे?

राउत ने कहा कि केंद्र ने एक सितंबर से विभिन्न साजोसामान की मदद बंद कर दी है. उन्होंने कहा कि केंद्र को पीएम केयर्स फंड से राज्यों की मदद करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हमें जीएसटी के बकाए का ही भुगतान कर दिया जाए तो हम अपना काम चला लेंगे. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) के प्रफुल्ल पटेल (Prafull Patel) ने भी कहा कि ग्रामीण इलाकों में दवाइयों और ऑक्सीजन सिलेंडरों की कमी है. उन्हें दूर करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि राज्यों के पास कई वजहों से पैसे की कमी है. ऐसे में राज्यों को जीएसटी के बकाए का भुगतान किया जाना चाहिए.

शिवसेना सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी (Shivsena MP Priyanka Chaturvedi) ने कहा कि इस बीमारी से हर राज्य प्रभावित है. उन्होंने कहा कि इस मामले में राजनीति नहीं करने की बात करने वाले खुद ही राजनीति करने में लगे हुए हैं. उन्होंने भी राज्यों को जीएसटी बकाए का भुगतान करने की मांग की.



बंगाल के सांसद ने केंद्र पर लगाए आरोप
जीएसटी क्षतिपूर्ति के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने आरोप लगाया कि राजस्व की कमी को पूरा करने के लिए दिए गए जीएसटी विकल्पों पर राज्यों को सहमत करने के लिए राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल जा रहा है. मित्रा ने कहा कि अगर केंद्र द्वारा दिए गए दो विकल्पों पर जीएसटी परिषद की अगली बैठक में मतदान के लिए मजबूर किया जाता है, तो यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक भूल होगी.

केंद्र ने राज्यों को दो विकल्प दिए हैं, जिनके तहत वे चालू वित्त वर्ष में 2.35 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित घाटे के लिए बाजार से उधार ले सकते हैं. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 27 अगस्त को जीएसटी परिषद की 41वीं बैठक के बाद कहा था कि कोविड-19 एक दैवीय आपदा है, जिसके चलते अर्थव्यवस्था और जीएसटी संग्रह पर बुरा असर पड़ा है.
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