नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जगह-जगह प्रदर्शन, विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से मांगा मुलाकात का वक्त

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जगह-जगह प्रदर्शन, विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से मांगा मुलाकात का वक्त
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में देश भर में प्रदर्शन जारी है. नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे जामिया मिल्लिया इस्लामिया और एएमयू के साथ ही देश के कई अन्य हिस्सों में प्रदर्शन जारी है.

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में देश भर में प्रदर्शन जारी है. नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे जामिया मिल्लिया इस्लामिया और एएमयू के साथ ही देश के कई अन्य हिस्सों में प्रदर्शन जारी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 16, 2019, 12:08 PM IST
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नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून 2019 (Citizenship Amendment Act 2019) के खिलाफ देश भर में हो रहे प्रदर्शनों और हिंसा के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद  (Ramnath Kovind) से मुलाकात करने का वक्त मांगा है. समाचार एजेंसी ANI के अनुसार सूत्रों ने जानकारी दी 'विपक्षी दलों ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में देश के मौजूदा हालात पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अवगत कराने के लिए समय मांगा है.'

बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में देश भर में प्रदर्शन जारी है. नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों की जामिया मिल्लिया इस्लामिया के समीप न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में पुलिस के साथ झड़प हो गई, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने डीटीसी की चार बसों और दो पुलिस वाहनों में आग लगा दी. झड़प में छात्रों, पुलिसकर्मियों और दमकलकर्मी समेत करीब 60 लोग घायल हो गए. जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों के प्रदर्शन के दौरान यह बवाल हुआ. दरअसल, पुलिस ने विश्वविद्यालय में प्रवेश किया और कथित तौर पर हिंसा में शामिल कई लोगों को हिरासत में ले लिया.

जेएनयू छात्रों ने पुलिस मुख्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
हालांकि, जामिया छात्र संघ ने बयान जारी कर नागरिकता अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा से खुद को अलग कर लिया है. छात्रों के समूह ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में 'कुछ खास तत्व' शामिल हो गए और उन्होंने इसे 'बाधित' किया. शाम को बाद में जवाहरलाल नेहरू (जेएनयू) विश्वविद्यालय के छात्रों ने जामिया विश्वविद्यालय में पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ मध्य दिल्ली में पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और यह गतिरोध रात तक चलता रहा.



प्रॉक्टर वसीम अहमद खान ने कहा- जबरन घुसी पुलिस


हिंसा के तुरंत बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया के चीफ प्रॉक्टर वसीम अहमद खान ने रविवार को दावा किया कि दिल्ली पुलिस बगैर इजाजत के जबरन विश्वविद्यालय में घुस गई और कर्मचारियों तथा छात्रों को पीटा तथा उन्हें परिसर छोड़ने के लिए मजबूर किया. कुलपति ने कहा कि उनके छात्र हिंसक प्रदर्शन में शामिल नहीं थे.

एएमयू में भी जारी हिंसा 
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में भी रविवार देर रात छात्र और पुलिसकर्मी आमने-सामने आ गए. पथराव तथा लाठीचार्ज में कम से कम 60 छात्र जख्मी हो गए. जिले में एहतियात के तौर पर इंटरनेट सेवाएं सोमवार रात 12 बजे तक के लिए बंद कर दी गई हैं. सूत्रों ने बताया कि पुलिस जामिया मिल्लिया इस्लामिया के परिसर में घुस गई और विश्वविद्यालय के गेट बंद कर दिए ताकि 'बाहरी' लोगों को पकड़ सकें जो छिपने के लिए परिसर में घुस गए थे.

नागरिकता कानून के खिलाफ पूर्वोत्तर समेत देश के कई अन्य हिस्सों में प्रदर्शन जारी है. वहां भी कुछ इलाकों में हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं.

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