कृषि विधेयक आज राज्यसभा में आएगा, आर-पार के मूड में विपक्ष, 25 को पंजाब बंद

कृषि विधेयक लोकसभा में पास हो चुका है, अब सरकार इसे राज्यसभा में पास कराना चाहती है.
कृषि विधेयक लोकसभा में पास हो चुका है, अब सरकार इसे राज्यसभा में पास कराना चाहती है.

कृषि विधेयकों पर लगातार विरोध बढता जा रहा है. सरकार ने लोकसभा में इसे पास करा लिया है. रविवार को इसे राज्यसभा में लाया जाएगा. उच्च सदन में केंद्र के पास बहुमत नहीं है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 20, 2020, 5:43 AM IST
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नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि विधेयकों पर लगातार विरोध बढ़ता जा रहा है. सरकार ने लोकसभा में इसे पास करा लिया है. रविवार को इसे राज्यसभा में लाया जाएगा. उच्च सदन में केंद्र के पास बहुमत नहीं है.  कांग्रेस समेत दूसरे विपक्षी दल इन विधेयकों का यहां पर पुरजोर विरोध कर रहे हैं. अगर यूपीए को कुछ और दलों का समर्थन मिला तो सरकार के लिए राज्यसभा में ये बिल पास करवाना मुश्किल होगा.

ऐसे में केंद्र सरकार को उन दलों पर निर्भर रहना पडेगा, जो न एनडीए में हैं और न ही यूपीए का हिस्सा. हालांकि इस दिशा में भी बात बनती दिख नहीं रही है. तेलंगाना की सत्ता पर काबिज टीआरएस ने साफ कर दिया है कि वह इन बिल का विरोध करेगी. उधर पंजाब में इन विधेयकों के विरोध में 25 सितंबर को बंद बुलाया गया है.

इन विधेयक के विरोध में सबसे ज्यादा विरोध पंजाब में ही देखा जा रहा है. इसमुद्दे पर सरकार के साथ रही अकाली दल ने सरकार पर उसकी बात न सुनने का आरोप लगाया है. इसके अलावा अकाली दल के कोटे से केंद्र में मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने विरोध करते हुए मंत्री पद से इस्तीफा भी दे दिया है. अकाली दल ने कहा है कि केंद्र से समर्थन वापस लेने का फैसला भी वह जल्दी कर सकते हैं.



कृषि विधेयकों के विरोध में पंजाब बंद के लिए 31 किसान संगठन एकजुट
कृषि विधेयकों के विरोध में 25 सितंबर को होने वाले पंजाब बंद के लिए 31 किसान संगठन एक साथ आने के लिए तैयार हुए हैं. इस संबंध में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने शनिवार को मोगा में एक बैठक की. किसान मजदूर संघर्ष समिति ने पहले ही 24 से 26 सितंबर के बीच रेल रोको आंदोलन का आह्वान किया हुआ है.

क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने बताया कि पंजाब बंद को समर्थन देने वालों में मुख्य तौर पर भारती किसान यूनियन (क्रांतिकारी), कीर्ति किसान यूनियन, भारती किसान यूनियन (एकता उगराहां), भाकियू (दोआबा), भाकियू (लाखोवाल) और भाकियू (कादियां) आदि संगठन शामिल हैं.
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