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कृषि कानूनः संसद में विपक्ष का हंगामा, तोमर बोले- सरकार सदन के भीतर-बाहर चर्चा को तैयार

कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने लोकसभा में कहा, ‘‘सरकार किसानों से जुड़े मुद्दों पर संसद के अंदर और बाहर चर्चा करने को तैयार है.’’ फाइल फोटो
कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने लोकसभा में कहा, ‘‘सरकार किसानों से जुड़े मुद्दों पर संसद के अंदर और बाहर चर्चा करने को तैयार है.’’ फाइल फोटो

Opposition protest in Parliament: एक प्रश्न के लिखित उत्तर में नरेंद्र तोमर (Narendra Tomar) ने कहा, ‘‘मुद्दे के समाधान के लिये सरकार एवं आंदोलनकारी किसान संगठनों (Farmers Union) के बीच ग्यारह दौर की वार्ता हुई है और सरकार ने कृषि कानूनों (Farm Law) में संशोधन के बारे में एक के बाद एक कई प्रस्ताव रखे हैं."

  • Last Updated: February 3, 2021, 6:25 PM IST
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नई दिल्ली. तीन नये कृषि कानूनों पर विपक्षी दलों के आरोपों के बीच कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने मंगलवार को कहा कि सरकार किसानों से जुड़े मुद्दों पर संसद (Parliament) के अंदर और बाहर चर्चा करने को तैयार है. विवादों में घिरे तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक सहित अन्य विपक्षी पार्टियों के सदस्यों के भारी हंगामे के कारण मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बाधित रही. गौरतलब है कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से हजारों की संख्या में किसान पिछले करीब दो महीने से विवादास्पद तीन नये कृषि कानूनों (New Farm Law) को रद्द करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने की मांग करते हुए प्रदर्शन रहे हैं. तोमर ने लोकसभा (Lok Sabha) में कहा, ‘‘सरकार किसानों से जुड़े मुद्दों पर संसद के अंदर और बाहर चर्चा करने को तैयार है.’’

दूसरी ओर, एक प्रश्न के लिखित उत्तर में तोमर ने कहा, ‘‘मुद्दे के समाधान के लिये सरकार एवं आंदोलनकारी किसान संगठनों के बीच ग्यारह दौर की वार्ता हुई है और सरकार ने कृषि कानूनों में संशोधन के बारे में एक के बाद एक कई प्रस्ताव रखे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में कृषि सुधार कानूनों के कार्यान्वयन पर रोक लगा दी है." दरअसल कृषि मंत्री का जवाब लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के उस दावे के बाद आया, जिसमें कांग्रेस नेता ने कहा कि तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे प्रदर्शन के दौरान 170 किसानों की मौत हो गई.





चौधरी ने आरोप लगाया कि किसानों पर अत्याचार हो रहा है. हालात ब्रिटिश काल की तरह हैं. कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा और बीएसपी के सदस्य वेल में आए गए तो स्पीकर ओम बिरला ने अपील की कि वे वापस अपनी सीटों पर चले जाएं जिससे सदन का कामकाज सामान्य तरीके से हो सके. कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि हम किसानों के मुद्दे पर बातचीत के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन इसके लिए सदन को बिना रुकावट के चलाया जाए. अगर शोर शराब नहीं होता तो चर्चा शुरू हो चुकी होती.

कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि नए कृषि कानूनों से न्यूनतम समर्थन मूल्य से खरीद प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा. लोकसभा में ए राजा, असदुद्दीन ओवैसी, के. सुरेश, नुसरत जहां रूही, बदरूद्दीन अजमल, उत्तम कुमार रेड्डी, कनिमोई करूणानिधि और माला राय सहित कई सदस्यों के प्रश्नों के लिखित उत्तर में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने यह जवाब दिया.
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