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CAA, NPR का मुद्दा उठाने पर अड़ा विपक्ष, राज्यसभा में नहीं हो सकी राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा

भाषा
Updated: February 3, 2020, 6:45 PM IST
CAA, NPR का मुद्दा उठाने पर अड़ा विपक्ष, राज्यसभा में नहीं हो सकी राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा
सदन में नारेबाजी नहीं थमने पर हरिवंश ने तीन बज कर दस मिनट पर राज्यसभा की बैठक पूरे दिन के लिये स्थगित कर दी. (File Photo)

एनपीआर (NPR) और सीएए (CAA) का मुद्दा नियम 267 के तहत उठाने की अनुमति देने की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण तीन बार के स्थगन के बाद दोपहर तीन बजे बैठक शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने भाजपा के भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav) से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश करने को कहा.

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नई दिल्ली. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (National Population Register) और संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) का मुद्दा नियम 267 के तहत उठाने पर अड़े विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा (Rajyasabha) में सोमवार को राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी और तीन बार के स्थगन के बाद सदन की बैठक दोपहर तीन बज कर करीब दस मिनट पर पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई.

हंगामे की वजह से उच्च सदन में शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाया.

तीन बार स्थगित करना पड़ा सदन
एनपीआर (NPR) और सीएए (CAA) का मुद्दा नियम 267 के तहत उठाने की अनुमति देने की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण तीन बार के स्थगन के बाद दोपहर तीन बजे बैठक शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने भाजपा के भूपेन्द्र यादव (Bhupendra Yadav) से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश करने को कहा.

इस बीच, तृणमूल कांग्रेस (Trinmool Congress) और कांग्रेस (Congress) सहित अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने एनपीआर और सीएए का मुद्दा नियम 267 के तहत उठाने की अनुमति देने की मांग पर नारेबाजी शुरू कर दी.

उपसभापति हरिवंश ने सदस्यों से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में हिस्सा लेने का अनुरोध करते हुये कहा कि वे जिन मुद्दों को उठाना चाहते हैं, उन्हें चर्चा के दौरान उठा सकते हैं.

नेता सदन थावरचंद गहलोत ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को पेश कर इस पर चर्चा कराने की अनिवार्यता का हवाला देते हुये सभी सदस्यों से चर्चा शुरू होने देने का अनुरोध किया.टीएमसी और कांग्रेस ने की नारेबाजी
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस के सदस्य भी आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे. उनके साथ माकपा एवं भाकपा के कुछ सदस्य भी आसन के समक्ष आये. शोरगुल के बीच ही यादव ने उपसभापति से सदन में व्यवस्था बनाए जाने का अनुरोध करते हुये कहा कि आसन को सदन में सामान्य स्थिति कायम करनी चाहिए ताकि वह अपना प्रस्ताव रख सकें.

उन्होंने कहा, ‘‘विरोधी दल के सदस्य एनआरसी, एनपीआर और सीएए पर चर्चा कर सकते हैं लेकिन मुझे भी सदन में अपनी बात रखने की इजाजत दी जाये.

सदन में नारेबाजी नहीं थमने पर हरिवंश ने तीन बज कर दस मिनट पर राज्यसभा की बैठक पूरे दिन के लिये स्थगित कर दी.

इससे पहले एनपीआर और सीएए का मुद्दा नियम 267 के तहत उठाने की अनुमति देने की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों ने लगातार हंगामा किया जिसकी वजह से बैठक तीन बार स्थगित करनी पड़ी.

इन नेताओं ने सभापति को दिया था चर्चा का नोटिस
सुबह 11 बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने सूचित किया कि उन्हें कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, माकपा के टी के रंगराज और इलामारम करीम, भाजपा के विनय विश्वम तथा बसपा सदस्य सतीश चंद्र मिश्र ने एनपीआर तथा सीएए पर चर्चा करने के लिए नियम 267 के तहत नोटिस दिए हैं.

उन्होंने कहा कि सदस्य राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अपने अपने मुद्दे उठा सकते हैं, इसके लिए शून्यकाल स्थगित करना आवश्यक नहीं है.

नायडू जब अपनी बात कह रहे थे, उसी दौरान कांग्रेस के बी के हरिप्रसाद, बसपा के सतीश चंद्र मिश्र, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, माकपा के टी के रंगराजन तथा अन्य सदस्य अपने अपने मुद्दे उठाने पर जोर देने लगे. सभापति ने कहा कि उन्होंने व्यवस्था दे दी है.

बहरहाल, सदस्यों के अपनी मांग पर अड़े रहने के कारण उन्होंने 11 बज कर करीब 15 मिनट पर बैठक को दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.

बैठक दोपहर 12 बजे शुरु होने पर तृणमूल कांग्रेस, बसपा और कांग्रेस के सदस्यों ने एनपीआर और सीएए का मुद्दा नियम 267 के तहत उठाने की अनुमति देने की मांग पुन: उठाई.

नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि नियमों के अनुसार सदन की बैठक का संचालन सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है. वह नियम 267 के तहत तत्काल महत्व के मुद्दों को उठाने की मांग कर रहे हैं.

प्रश्नकाल के अलावा किसी अन्य विषय को उठाने की नहीं मिली अनुमति
उपसभापति हरिवंश ने प्रश्नकाल के अलावा किसी अन्य विषय को उठाने की अनुमति नहीं दी. इस पर तृणमूल कांग्रेस के कुछ सदस्य आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे. इसके बाद उपसभापति ने सदन की बैठक दो बजे तक के लिये स्थगित कर दी.

दोपहर दो बजे सदन की बैठक शुरू होने पर उप सभापति हरिवंश ने भाजपा के भूपेंद्र यादव को राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश करने को कहा.

लेकिन कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, बसपा, सपा के सदस्यों ने अपने स्थानों पर खड़े हो कर उनके मुद्दे उठाए जाने की मांग की और हंगामा शुरू हो गया.

हरिवंश ने कहा कि विपक्षी सदस्यों को अपने सभी मुद्दे राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर होने वाली चर्चा के दौरान उठाया जाना चाहिए. उन्होंने विपक्षी सदस्यों से अनुरोध किया कि वे इस चर्चा को शुरू होने दें.

भाजपा के भूपेंद्र यादव ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश करने का प्रयास किया लेकिन हंगामे के कारण उन्हें आसन से अनुरोध करना पड़ा कि वह सदन में सामान्य स्थिति कायम करें ताकि वह अपनी बात रख सकें.

हरिवंश ने सदस्यों से शांत रहने के लिए कहा. अपनी अपील का कोई असर होते न देख उन्होंने दो बज कर दस मिनट पर ही बैठक को तीन बजे तक के लिए स्थगित कर लिया.

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First published: February 3, 2020, 6:45 PM IST
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