सोपोर में युवक की 'हिरासत' में मौत की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश

बारामूला जिला प्रशासन ने सोपोर के एक युवक की हिरासत में मौत के आरोप की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया. (सांकेतिक फोटो)
बारामूला जिला प्रशासन ने सोपोर के एक युवक की हिरासत में मौत के आरोप की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया. (सांकेतिक फोटो)

15 सितंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (Special Operation Group of Police) ने उत्तरी कश्मीर में बारामूला जिले के सोपोर (Sopore of Baramulla District) में सिद्दकी कॉलोनी में एक घर पर छापा मारा था. जिसमें इरफान अहमद डार (Irfan Ahmed Dar) अपने परिवार के साथ रहा था. पुलिस का आरोप था कि इरफान आतंकियों का ओवरग्राउंड वर्कर है. पुलिस के अनुसार घर की तलाशी में दो ग्रेनेड भी मिले थे.

  • भाषा
  • Last Updated: September 20, 2020, 5:10 PM IST
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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिला प्रशासन ने सोपोर के एक युवक की हिरासत में मौत के आरोप की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है. जांच अधिकारी ने मृतक के परिजन समेत अन्य लोगों से अपने बयान दर्ज कराने के लिए कहा है. बारामूला के उपायुक्त जी एन इतू ने बताया कि इरफान अहमद डार की मौत के मामले की मजिस्ट्रेट जांच बारामूला के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट करेंगे. साथ ही जिला मजिस्ट्रेट ने जांच अधिकारी को 20 दिन के अंदर जांच पूरी करके रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है.

15 सितंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने उत्तरी कश्मीर में बारामूला जिले के सोपोर में सिद्दकी कॉलोनी में एक घर पर छापा मारा था. जिसमें इरफान अहमद डार अपने परिवार के साथ रहा था. पुलिस का आरोप था कि इरफान आतंकियों का ओवरग्राउंड वर्कर है. पुलिस के अनुसार घर की तलाशी में दो ग्रेनेड भी मिले थे.
पूछताछ के दौरान उसने तुज्जर शरीफ इलाके में कुछ और ग्रेनेड छिपाकर रखे जाने की जानकारी दी थी. पुलिस उसे लेकर तुज्जर शरीफ गई, जहां वह चकमा देकर भाग निकला. बाद में उसका शव मिला. इसके बाद बुधवार का सोपोर में दिनभर तनाव बना रहा. पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन भी हुए. दिवंगत के परिजनों ने पुलिस के सभी दावों को झु़ठलाते हुए उसे हिरासत में कत्ल किए जाने का आरोप लगाया.

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने इस मामल की न्यायिक जांच का आदेश दिया है. जिला उपायुक्त बारामूला ने अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट का जांच का जिम्मा सौंपा है. उनके नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है. समिति को सभी तथ्यों का पता लगाने और अपनी रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट बारामूला को सौंपने के लिए कहा गया है.
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