कोविड-19 से बच्चों को हो रहे कावासाकी जैसे रोग ने डॉक्टरों की बढ़ाई चिंता

कोविड-19 से बच्चों को हो रहे कावासाकी जैसे रोग ने डॉक्टरों की बढ़ाई चिंता
दिल्ली के मुट्ठी भर अस्पतालों के बाल चिकित्सा वार्डों से ऐसे मामले सामने आए हैं (सांकेतिक फोटो, PTI)

डॉक्टरों (Doctors) के अनुसार, पहले यह कावासाकी रोग (Kawasaki Disease) माना जाता था, लेकिन अब यह अंतिम तौर पर स्थापित हो गया है कि यह मल्टी-सिस्टम इन्फ्लेमेटरी इन्फेक्शन सिंड्रोम (Multi-system Inflammatory Infection Syndrome) है.

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(स्नेहा मोर्दानी)

नई दिल्ली. कुछ हफ़्ते पहले तक, भारत में उन बच्चों (children) में किसी भी असामान्य प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (abnormal immune response) की रिपोर्ट सामने नहीं आई थी, जो COVID-19 से पीड़ित थे. यह व्यापक रूप से माना जा रहा था कि वायरस का एक हल्का रूप (milder form of the virus) बच्चों को प्रभावित कर रहा था. हालांकि, मुंबई और दिल्ली (Mumbai and Delhi) के डॉक्टर अब बच्चों में कावासाकी रोग या मल्टी-सिस्टम इंफ्लेमेटरी इंफेक्शन सिंड्रोम (Kawasaki disease or Multi-system Inflammatory Infection Syndrome) के रूप में जाने जाने वाले मामलों की जानकारी दे रहे हैं.

दिल्ली के मुट्ठी भर अस्पतालों के बाल चिकित्सा वार्डों (paediatric wards) से ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कलावती सरन, श्री गंगाराम अस्पताल (Sri Gangaram Hospital) और बीएलके अस्पताल शामिल हैं. डॉक्टरों के अनुसार, पहले यह कावासाकी रोग (Kawasaki Disease) माना जाता था, लेकिन अब यह अंतिम तौर पर स्थापित हो गया है कि यह मल्टी-सिस्टम इन्फ्लेमेटरी इन्फेक्शन सिंड्रोम (Multi-system Inflammatory Infection Syndrome) है.



'कोविड-19 से संक्रमित होने या प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के चलते हो रहा सिंड्रोम'
यह रक्त वाहिकाओं में जलन पैदा करता है और ज्यादातर पांच साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है. यह आमतौर पर संक्रमित होने के दो-तीन सप्ताह बाद होता है. यह स्वयं COVID -19 के परिणाम के रूप में या प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के चलते होता है.

सर गंगा राम अस्पताल में बाल रोग विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. धीरेन गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में ऐसे मरीज आए हैं जिन्होंने कावासाकी जैसे सिंड्रोम का प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा, "COVID-19 मामलों से जुड़ाव की एक अनुमानित कड़ी है, क्योंकि इनमें से कुछ रोगियों को COVID पॉजिटिव पाया गया या COVID 19 की प्रतिक्रिया स्वरूप एंटीबॉडी के साथ पाया गया था." उन्होंने बताया, अस्पताल में ऐसे कम से कम 12 मामले हैं.

'कावासाकी जैसा ही है यह सिंड्रोम लेकिन उससे अलग'
हालांकि, डॉक्टरों को चिंता इस बात की है कि ये मामले कावासाकी के एक नियमित मामले की तुलना में अधिक गंभीर हैं. एक नई चिंता यह भी है कि इस बीमारी के जोखिम के बारे में बहुत कम जानकारी है.

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हमेशा वाले लक्षण, तीन से पांच दिनों के लिए बुखार, आंखों और होंठों की लालिमा हैं. गंभीर मामलों में, बुखार लंबे समय तक रह सकता है. रक्तचाप के स्तर में गिरावट और इको कार्डियोग्राम पैटर्न में बदलाव हो सकता है. एम्स दिल्ली के निदेशक, डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि यह एक अलग सिंड्रोम है लेकिन यह बच्चों में कावासाकी या मल्टी सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम जैसा है.
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