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तमिलनाडु में NPR के डर से 100 से ज्यादा मुस्लिमों ने बैंक से निकाल लिए अपने 'सारे पैसे'

News18Hindi
Updated: February 25, 2020, 7:27 AM IST
तमिलनाडु में NPR के डर से 100 से ज्यादा मुस्लिमों ने बैंक से निकाल लिए अपने 'सारे पैसे'
CAA-NRC के खिलाफ पूरे देश में कई जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं (प्रतीकात्मक फोटो)

नागपट्टिनम जिले (Nagapattinam District) के एक गांव वाले ने बताया कि संसद (Parliament) के दोनों सदनों में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के पास होने के समय से ही लोग डर में जी रहे थे और उन्हें अपनी मेहनत की कमाई को खोने का डर हो गया था.

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  • Last Updated: February 25, 2020, 7:27 AM IST
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(पूर्णिमा मुरली)

चेन्नई. तमिलनाडु (Tamil Nadu) के नागपट्टनम जिले (Nagapattinam District) के एक गांव के मुस्लिम समुदाय (Muslim Community) के करीब 100 से ज्यादा लोगों ने पिछले कुछ दिनों में बैंक में रखी अपनी सेविंग्स (Savings) का ज्यादातर हिस्सा निकाल लिया है. ऐसा इन लोगों ने सरकार के प्रस्तावित नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) की प्रक्रिया के दौरान अपनी नागरिकता खो देने के डर से किया है.

थेरिझांदुर गांव (Therizhandur Village) में स्थानीयों को इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) के अधिकारियों के साथ एक वीडियो में बातचीत करते हुए देखा जा सकता है. इस वीडियों में बैंक के अधिकारी लोगों से गुजारिश कर रहे हैं कि वे अपना पैसा बैंक से न निकालें.

लोगों को सता रहा अपनी मेहनत की कमाई खोने का डर



इंडियन ओवरसीज बैंक के मैनेजर और कर्मचारियों ने शुक्रवार को एक स्कूल परिसर में स्थानीय जमात के प्रतिनिधियों से बातचीत की है और उन्हें आश्वासन दिया है कि NPR की प्रक्रिया के दौरान डॉक्यूमेंट्स देना अनिवार्य नहीं है और उनकी सेविंग्स बैंक में सुरक्षित हैं.

हालांकि, जमात के मुखिया ने कहा है कि गांव वाले संसद के दोनों सदनों में नागरिकता संशोधन कानून (NRC) के पास होने के समय से ही डर में जी रहे हैं और उन्हें अपनी मेहनत की कमाई को खोने का डर सता रहा था.

गांव वालों को डर कि उनके पास नागरिकता साबित करने को नहीं होंगे जरूरी कागजात
जमात के मुखिया ने कहा, "हमने सुना था कि बैंक KYC लिस्ट में NPR के कागजातों को भी शामिल करने वाले हैं. हम भविष्य में अपनी सेविंग्स को खोना नहीं चाहते हैं. हमें यह साफ नहीं है कि हमारी नागरिकता साबित करने के लिए कौन से कागजात लगेंगे. इसलिए हमने जो पैसे सालों में बचाकर जमा किए थे उन्हें निकालने का निर्णय लिया है."

उन्होंने कहा कि कई सारे गांव वालों को लगता है कि वे जल्द ही मुसीबत में पड़ जाएंगे क्योंकि नागरिकता (Citizenship) साबित करने के लिए मांगे जाने वाले सारे कागजात (Documents) उनके पास नहीं होंगे.

इससे पहले भी तमिलनाडु में लोगों ने बड़ी संख्या में निकाला पैसा
इसी साल जनवरी में, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) ने तमिल अखबारों में एक नोटिफिकेशन दिया था, जिससे तमिलनाडु के थुथुकुडी जिले के कयालपट्टिनम में स्थानीय लोगों में डर व्याप्त हो गया था.

इस विज्ञापन में खाताधारकों से अपने KYC डॉक्यूमेंट जल्द से जल्द जमा करने की अपील की गई थी और जिन कागजातों को NPR की प्रक्रिया में साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जा रहा था, उसमें NPR का जिक्र भी किया गया था.

लोगों ने बैंक से निकाल ली थी अपनी पूरी रकम
नोटिफिकेशन के कुछ ही समय बाद, गांव वालों ने, जिनमें से ज्यादातर मुस्लिम (Muslim) थे, बैंक से अपने पैसे निकालने शुरू कर दिए थे. गांव वालों ने कहा था कि उन्हें लगता है कि यह किसी न किसी तरह से विवादास्पद नागरिकता संशोधन विधेयक से जुड़ा हुआ है.

इस दौरान मात्र 3 दिनों के समय में बैंक से 4 करोड़ रुपये निकाल लिए गए थे. पैसे निकालने वालों में से कई ऐसे लोग भी शामिल थे, जिन्होंने अपनी पूरी रकम बैंक (Bank) से निकाल ली थी.

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First published: February 25, 2020, 5:35 AM IST
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