वेलेंटाइंस डे पर स्कूलों ने 10 हज़ार छात्रों को खिलाई कसम, कहा- नहीं करेंगे अपनी पसंद से शादी

स्टूडेंट्स ने आज के दिन शपथ ली है कि वे अपने माता-पिता की मर्ज़ी के बिना शादी नहीं करेंगे.

News18Hindi
Updated: February 14, 2019, 3:22 PM IST
वेलेंटाइंस डे पर स्कूलों ने 10 हज़ार छात्रों को खिलाई कसम, कहा- नहीं करेंगे अपनी पसंद से शादी
प्रतीकात्मक तस्वीर
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Updated: February 14, 2019, 3:22 PM IST
वेलेटाइंस डे पर जीने-मरने की कसमें खाने वाले कपल्स के बारे में आपने खूब सुना होगा. लेकिन सूरत में एक ऐसी घटना सामने आई है जो बेहद ही अलग है. दरअसल गुजरात के सूरत में करीब 10 हज़ार स्टूडेंट्स ने आज के दिन शपथ ली है कि वे अपने माता-पिता की मर्ज़ी के बिना शादी नहीं करेंगे.

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक इस तरह की अपने आप में अनोखी शपथ दिलवाने का आइडिया शहर के ही एक लाफ्टर थेरेपिस्ट कमलेश मसालावाला का. कमलेश सूरत में लाफ्टर क्लब और क्राइंग क्लब चलाते हैं. मसालावाला शहर के कई शैक्षणिक संस्थानों से भी जुड़े हुए हैं.

एक्सप्रेस की खबर के अनुसार कमलेश मसालावाला ने बताया कि उन्हें ये आइडिया युवाओं की काउंसिलिंग करते हुए आया. उन्होंने कहा कि अक्सर बच्चे मेरे पास शिकायत लेकर आते हैं कि जिनसे वह प्यार करते हैं उनके माता-पिता उससे शादी कराने के लिए राज़ी नहीं हैं.



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मसालावाला ने कहा कि मैं प्रेम संबंधों के खिलाफ नहीं हूं लेकिन मैं उन्हें सही राय देता हूं. मैं उनको परिवार का महत्व बताता हूं. उन्होंने बताया कि मैं कहता हूं कि माता-पिता भले ही आपकी मर्जी की शादी के लिए राज़ी हो जाएं लेकिन उन्हें इस पूरी प्रक्रिया से बहुत ठेस पहुंचती है.

इन छात्रों ने शपथ लेते हुए शहर के ही एक अन्य थेरेपिस्ट और कवि मुकुल चोकसी की कविता की 8 लाइनें पढ़ीं. जिसका सार है कि हम ईश्वर के दिए हुए इस जीवनरूपी तोहफे से प्यार करेंगे, सिर्फ अपने प्रेमी से नहीं अपने पूरे परिवार से प्यार करेंगे. हर रोज़ हम शिक्षा, स्कूल, कॉलेज, टीचर, अभिभावक और काउंसलर सबसे प्यार करेंगे.

खबर के मुताबिक मसालावाला ने कई स्कूलों के ट्रस्टीज़ से बात की और उन्हें इस आइडिया के बारे में बताया. करीब 20 स्कूल इसमें भाग लेने के लिए राज़ी हो गए. स्कूल प्रबंधन ने इस पूरी कसरत का वीडियो भी बनाकर मसालावाला को दे दिया. मसालावाला ने कहा कि हम चाहते थे कि 17 साल के ज़्यादा की उम्र वाले स्टूडेंट्स इसमें शपथ लें. हालांकि जो छात्र इसमें भाग नहीं लेना चाहते थे उनसे कोई जबरदस्ती नहीं की गई.
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