दूसरी लहर का प्रकोप, 2021 में कोरोना से 93 फीसदी मौतें मार्च के बाद

मार्च के बाद कोरोना से लोगों ने बड़ी संख्या में जान गंवाई है. (सांकेतिक तस्वीर)

मार्च के बाद कोरोना से लोगों ने बड़ी संख्या में जान गंवाई है. (सांकेतिक तस्वीर)

आंकड़ों से पता चला है कि 2021 में अब तक कोरोना से 93 फीसदी मौतें (Covid Death) मार्च के बाद हुई हैं. ये आंकड़ा एक मार्च के बाद का है. यानी शुरुआती दो महीने में महज सात फीसदी मौतें हुई थीं.

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नई दिल्ली. कोविड-19 की दूसरी लहर (Second Wave Of Covid-19) की वजह से देश के कुछ राज्यों में बीते महीने बेहद बुरे हालात रहे हैं. अब कुछ राज्यों में हालात सुधरने लगे हैं तो अन्य राज्यों में नए मामलों में तेजी आ रही है. इस बीच आंकड़ों से पता चला है कि 2021 में अब तक कोरोना से 93 फीसदी मौतें (Covid Death) मार्च के बाद हुई हैं. ये आंकड़ा एक मार्च के बाद का है. यानी शुरुआती दो महीने में महज सात फीसदी मौतें हुई थीं.

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आंकड़ों पर ध्यान दिया जाए तो पता चलता है कि कोरोना से देश में हुई कुल मौतों में 42.72 फीसदी मार्च से मई के बीच में हुई हैं. कोरोना से अब तक कुल 2.74 लाख लोगों ने जान गंवाई है और इनमें 1.57 लाख की मौत मार्च से मई के बीच में हुई है.

क्या कहते हैं संक्रमण के आंकड़े

1 जनवरी 2021 तक देश में कोरोना से कुल 1.48 लाख मौत हुई थीं. 2021 में 1.25 लाख मौतें हुई हैं और इनमें भी 1.17 लाख मार्च के बाद हुई हैं. अगर कोरोना संक्रमण के मामलों की बात की जाए तो मार्च से लेकर अब तक देश में उतने मामले सामने आए हैं जितने बीते साल 10 महीने में नहीं आए थे. 1 जनवरी को देश में कुल कोरोना मामले 1.02 करोड़ थे. अब ये 2.49 लाख हो चुके हैं. मार्च के बाद देश में 1.38 करोड़ मामले सामने आए हैं. 1 मई से अब तक देश में 62.02 लाख मामले आ चुके हैं. इस दौरान 66,060 लोगों की ने अपनी जान गंवाई है.

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कम हो रहे हैं नए मामले, संदेह जता रहे हैं एक्सपर्ट्स

हालांकि अब देश में कोरोना के नए मामलों में कमी आ रही है. सर्वाधिक प्रभावित रहे महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में नए मामलों में कमी आ रही है. लेकिन एक्सपर्ट्स इन आंकड़ों पर संदेह भी जाहिर कर रहे हैं. उनका कहना है कि कोरोना अब ग्रामीण इलाकों में फैल चुका है जहां से टेस्टिंग कम होने के कारण सही संख्या सामने नहीं आ रही है.



(निवेदिता सिंह की पूरी स्टोरी यहां क्लिक कर पढ़ी जा सकती है.)

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