लद्दाख में तनाव के बीच एस जयशंकर ने कहा- चीन से संबंध को विवाद से अलग नहीं किया जा सकता

लद्दाख में तनाव के बीच एस जयशंकर ने कहा- चीन से संबंध को विवाद से अलग नहीं किया जा सकता
विदेश मंत्री ने एकसाक्षात्कार के दौरान चीन के साथ संबंधों में सीमा विवाद को बेहद महत्वपूर्ण बताया है.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) ने कहा है कि भारत के चीन के साथ संबंध (India-China) बेहद महत्वपूर्ण होने के साथ जटिल भी हैं. उन्होंने कहा कि संबंधों में समस्याएं दशकों में खड़ी हुई है और ये एक रात के भीतर नहीं हल की जा सकती हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 7, 2020, 9:07 PM IST
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नई दिल्ली. विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) ने कहा है कि भारत और चीन के बेहतर संबंध सीमाओं पर अशांति से सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं. एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने साफ किया है कि दोनों देशों के बीच संबंधों को सीमा विवाद से अलग करके नहीं देखा जा सकता. गौरतलब है कि इससे पहले भी ये सरकार की तरफ से दोहराया जाता रहा है कि सीमा विवाद का असर भारत-चीन के संबंधों को असामान्‍य कर सकता है.

सीमा पर शांति चीन के साथ बेहतर संबंधों की पहली प्राथमिकता है
विदेश मंत्री ने कहा है कि भारत के चीन के साथ संबंध बेहद महत्वपूर्ण होने के साथ जटिल भी हैं. उन्होंने कहा कि संबंधों में समस्याएं दशकों में खड़ी हुई है और ये एक रात के भीतर नहीं हल की जा सकती हैं. उन्होंने साफ किया कि सीमा पर शांति चीन के साथ बेहतर संबंधों की पहली प्राथमिकता है.

विदेश सचिव भी कह चुके- सीमा पर शांति बिना नहीं सामान्य हो सकता है व्यापार
इससे पहले विदेश सचिव हर्षवर्द्धन ऋृंगला ने भी कहा था कि जब तक सीमा पर शांति नहीं हो जाती तब तक भारत और चीन के बीच व्यापार सामान्य नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि सीमाई इलाकों में अशांति और व्यापार साथ-साथ नहीं चल सकते.



भारत और चीन के बीच तनाव 1962 के बाद सबसे बुरे दौर में
श्रृंगला ने कहा था कि भारत-चीन के बीच विवाद की स्थिति इस बार अभूतपूर्व है. 1962 के युद्ध के बाद पहली बार इतनी गंभीर स्थितियां पैदा हुई हैं. उन्होंने कहा-हमने अपने जवानों की जिंदगी पहली बार खोई. ये पिछले चालीस सालों में नहीं हुआ था. श्रृंगला इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स की एक वेबिनार में अपनी बात रख रहे थे.
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