कोरोना संकटः मुंबई को पछाड़ अब दिल्ली बनी हॉटस्पॉट, 10 प्वाइंट्स में जानें कैसे?

कोरोना संकटः मुंबई को पछाड़ अब दिल्ली बनी हॉटस्पॉट, 10 प्वाइंट्स में जानें कैसे?
दिल्ली में कोरोना मरीजों की संख्या मुंबई से ज्यादा हो चुकी है. (प्रतीकात्मक तस्वीर-AP)

कोरोना मामलों (Covid-19 Cases) की बढ़ती संख्या की वजह से सुर्खियों में रही मुंबई को अब दिल्ली ने पछाड़ दिया है. दिल्ली फिलहाल देशभर में सबसे ज्यादा कोविड-19 मामलों की वजह से चिंता का सबब बनी हुई है. इस संकट से निपटने के लिए 6 जुलाई तक सभी घरों में स्क्रिनिंग की योजना बनाई गई है.

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नई दिल्ली. मुंबई (Mumbai) ने उस वक्त राज्य से लेकर केंद्र तक की सरकारों के पसीने छुड़ा दिए थे जब वह कोरोना मामलों (Covid-19 Cases) को लेकर वुहान (Wuhan) से भी आगे निकल गई थी. दरअसल, चीन (China) में महामारी (Pnademic) का एपीसेंटर रहे वुहान में आए मामलों की संख्या को पीछे छोड़ते हुए 9 जून को मुंबई आगे निकल गई थी. देश ही नहीं दुनियाभर की मीडिया में मुंबई चर्चा में आ गई. लेकिन दो हफ्ते बाद मुंबई के मामले जब थमने शुरू हुए तो दिल्ली महामारी के विकराल संकट से घिर गई. गुरुवार को दिल्ली में कोरोना के मामलों का आंकड़ा 70,390 तक पहुंच गया. वहीं 69,528 के आंकड़े के साथ मुंबई दूसरे स्थान पर खिसक गई.

आखिर दिल्ली कैसे बनी हॉटस्पॉट
1-29 मई दिल्ली के लिए एक चिंताजनक मोड़ साबित हुआ जब यहां कोरोना के रोजाना आने वाले मामलों की संख्या 1000 पार निकल गई. लेकिन 31 मई ने उस वक्त प्रशासन और सरकारों के माथे से पसीना छुड़ा दिया, जब यह आंकड़ा तीन गुना पहुंच गया. दरअसल, रोजाना आने वाले मामलों की संख्या बढ़कर 3,000 से भी ज्यादा पहुंच गई.

2-जून के दूसरे हफ्ते तक मुंबई कोरोना मामलों की बढ़ती संख्या को लेकर दिल्ली से बड़ा सिरदर्द बनी हुई थी. हालांकि इंडिया टुडे में प्रकाशित एक रिपोर्ट में बताया गया था कि दिल्ली में जून के पहले हफ्ते में तेजी के साथ मामलों की संख्या में वृद्धि हुई. दिल्ली में यह दर 5.25 प्रतिशत थी जबकि मुंबई में दर घटकर 3 प्रतिशत पहुंच गई थी.
3-यह तय था कि दिल्ली जुलाई के शुरू में मुंबई को पछाड़ देगी. लेकिन अनुमानित समय से तकरीबन एक हफ्ते पहले ही दिल्ली में कोरोना मामलों की संख्या मुंबई से आगे निकल गई. 23 जून को दुनिया के किसी भी शहर से ज्यादा मामले दिल्ली में सामने आए. 3,947 मामलों के साथ दिल्ली अब इस महामारी के विकराल जाल में फंस चुकी थी.



4-बुरी तरह से महामारी की चपेट में आ चुकी दिल्ली के बढ़ते आंकड़े डरावने तो हैं लेकिन दोनों शहरों की आबादी और टेस्टिंग के आंकड़ों की तुलना करें तो दिल्ली के बढ़े आंकड़ों को तार्किक ढंग से समझने में मदद मिलेगी. दरअसल दिल्ली की आबादी जहां 1.68 करोड़ है वहीं मुंबई की 1.25 करोड़ है. दिल्ली ने मुंबई के मामलों में ज्यादा लोगों की टेस्टिंग की. जहां दिल्ली में 4.2 लाख लोगों का टेस्ट हुआ वहीं मुंबई में 2.94 लाख परीक्षण ही किए गए.

5-कोविड-19 टेस्टिंग का अनुपात दिल्ली में रोजाना 10 लाख लोगों पर तकरीबन 22,142 लोगों की टेस्टिंग रहा. मुंबई में यही आंकड़ा 22,668 है. पॉजिटिव आने वाले आंकड़ों को देखें तो मुंबई में यह आंकड़ा 23 प्रतिशत जबकि दिल्ली में 17 प्रतिशत रहा. हालांकि पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में पॉजिटिव आने वाले मामले मुंबई के आंकड़ों को छूते दिखे.

6-आबादी के अनुपात में पॉजिटिव मामलों को देखें तो यहां भी मुंबई अब भी दिल्ली से आगे नजर आती है. दरअसल दिल्ली के हॉटस्पॉट इलाकों में प्रति 10 लाख आबादी में 347 कोरोना पॉजिटिव मामले हैं जबकि मुंबई में यह आंकड़ा 5,478 रहा.

7-दिल्ली में अब तक मुंबई के मुकाबले न केवल मौतें कम हुई बल्कि ठीक होने की दर भी ज्यादा रही. मुंबई में 28,548 एक्टिव मामले हैं. ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 37,008 होने के साथ ही जान गंवाने वालों की संख्या अब तक 3,964 है.

8-दिल्ली में अब तक एक्टिव मामले 26,588 और ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 41,437 है जबकि कोरोना की वजह से मरने वालों की संख्या 2,365 है.

9-मुंबई में रोजाना पॉजिटिव आने वालों की संख्या का ग्राफ जून में गिरना शुरू हुआ. पिछले हफ्ते मुंबई में रोजाना आने वाले मामलों की संख्या की दर गिरकर 2.7 प्रतिशत से नीचे गिरकर 2.4 प्रतिशत पहुंच गई. राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना मामलों की वृद्धिदर 3.3 प्रतिशत से काफी कम है.

10-अब दिल्ली में 45 लाख घरों में जाकर टेस्टिंग की योजना बनाई जा रही है. इस योजना को दो हिस्सों में अंजाम दिया जाएगा. 30 जून तक कंटेनमेंट जोन में स्क्रीनिंग पूरी हो जाएगी जबकि बाकी शहर की स्क्रीनिंग 6 जुलाई तक पूरी हो जाएगी.
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