अब बच्चों पर होगी कोविड-19 वैक्सीन की टेस्टिंग, डरे हुए हैं लोग

अब बच्चों पर होगी कोविड-19 वैक्सीन की टेस्टिंग, डरे हुए हैं लोग
दिल्ली के बेहद पॉश इलाके खान मार्केट में स्थित है लोकनायक भवन.

बच्चों पर भी दर्जनों वैक्सीन उत्पादों (Vaccine Products) का परीक्षण किया जाएगा. यह एक ऐसी संभावना है, जो पहले ही कई माता-पिता (Parents) को उदास कर चुकी है.

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Infection) के बीच बच्चों को लेकर कई सारे सवाल उठाये जा रहे हैं लेकिन एक बात इन सबके बीच बिल्कुल साफ है: उन्हें भी वयस्कों (Adults) की तरह ही वैक्सीन (Vaccine) की जरूरत होगी.

इसका मतलब यह हुआ कि बच्चों पर भी दर्जनों वैक्सीन उत्पादों (Vaccine Products) का परीक्षण किया जाएगा. यह एक ऐसी संभावना है, जो पहले ही कई माता-पिता (Parents) को उदास कर चुकी है. ऐसे में जबकि ब्रिटेन (Britain) में स्कूल और नर्सरी खुल चुकी हैं, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) और अस्त्रजेनेका प्लेक अपनी वैक्सीन को 5 से 12 साल के बच्चों पर प्रयोग करना चाहते हैं.

दुनिया में मास इम्युनाइजेशन के विरोध के दौर में आई कोरोना महामारी
अब तक बच्चों में कोविड-19 संक्रमण (Coronavirus Infection) के कम मामले आए हैं, हालांकि संक्रमण के प्रसार में रोल अब तक साफ नहीं रहा है. एक वैक्सीन उनका बचाव करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि उन्हें दूसरों से यह संक्रमण न हो, खासकर ऐसे लोगों से जिन्हें इसके संक्रमण का खतरा ज्यादा है. लेकिन यह महामारी एक ऐसे दौर में भी आई है, जब दुनिया भर में मास इम्युनाइजेशन प्रोजेक्ट्स के खिलाफ विरोध हो रहे थे. ऐसे में बच्चों के ऊपर इसका प्रयोग होने जा रहा है.
'हमें यह छोटा सा कदम उठाने के लिए होना चाहिए लोगों का शुक्रगुजार'


लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के वैक्सीन सेंटर (London School of Hygiene and Tropical Medicine's vaccine center) के डायरेक्टर और पीडियाट्रिक इंफेक्शन और इम्युनिटी के प्रोफेसर बिएट कैम्पमैन कहते हैं, "यह जाहिर तौर पर बेहद व्यक्तिगत निर्णय हैं, लेकिन सभी को खुद से पूछने की जरूरत होती है: क्या मुझे आगे चलकर अपने बच्चे के लिए वैक्सीन की जरूरत होगी, जब अन्य सभी लोगों ने इसे सुरक्षित बनाने में सहयोग किया है. हमें उन लोगों का शुक्रगुजार होना चाहिए जिन्होंने यह छोटा सा कदम उठाया है."

जून में एडवांस रिसर्च के दौरान बच्चों पर भी आजमाई जाएगी वैक्सीन
जिन बच्चों को ऑक्सफोर्ड के शुरुआती प्रयोगों को में छोड़ दिया गया था. उनकी प्रायोगिक वैक्सीन, जो कि दुनिया में वैक्सीन निर्माण की रेस में सबसे आगे चल रही वैक्सीन में से एक है, उसे पहले वयस्कों पर प्रयोग किया गया. इस दौरान सिर्फ थोड़े से अस्थायी प्रभाव देगे गए, जैसे हल्का बुखार और हाथ में दर्द. जब यह रिसर्च जून में और एडवांस स्तर पर पहुंचेगा तो इसे 10260 लोगों पर आजमाया जाएगा, जिसमें से कुछ बच्चे (Children) भी होंगे.

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