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सुप्रीम कोर्ट में पी चिदंबरम बोले- 'Kingpin' कहना पूरी तरह निराधार

News18Hindi
Updated: August 21, 2019, 2:35 PM IST
सुप्रीम कोर्ट में पी चिदंबरम बोले- 'Kingpin' कहना पूरी तरह निराधार
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दायर की गई याचिका में पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने कहा कि वह राज्यसभा (RajyaSabha) के सदस्य हैं और वह कभी किसी मामले में दोषी नहीं रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दायर की गई याचिका में पी चिदंबरम (P Chidambaram) ने कहा कि वह राज्यसभा (RajyaSabha) के सदस्य हैं और वह कभी किसी मामले में दोषी नहीं रहे हैं.

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  • Last Updated: August 21, 2019, 2:35 PM IST
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम (Senior Congress leader P Chidambaram) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में अपनी याचिका दायर की है.

मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (Enforcement Directorate and Central Bureau of Investigation) की गिरफ्तारी से अग्रिम जमानत देने से मना कर दिया था.

चिदंबरम की याचिका में कहा गया है कि आईएनएक्स मीडिया मामले (INX Media Case)में 'किंगपिन- मुख्य साजिशकर्ता' के रूप में जो हाईकोर्ट का अवलोकन था, वह पूरी तरह से निराधार था और प्राथमिकी 'राजनीति से प्रेरित और प्रतिशोध की कार्रवाई' थी.

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सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने बुधवार को आईएनएक्स मीडिया मामले में अग्रिम जमानत के लिए उनकी याचिका खारिज करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi Highcourt) के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की. उन्होंने याचिका में कहा 'जज ने कहा कि याचिकाकर्ता किंगपिन है यानी इस मामले में महत्वपूर्ण साजिशकर्ता पूरी तरह से आधारहीन है.

याचिका में कहा गया है कि -'जज ने महत्वपूर्ण तथ्य को नजरअंदाज किया है कि याचिकाकर्ता ने विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी. जिसकी अध्यक्षता सचिव, आर्थिक मामलों और भारत सरकार के पाँच अन्य सचिवों ने की थी.'
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चिदंबरम ने दिये ये तर्क

चिदंबरम ने कहा कि  मूल निवेश और डाउनस्ट्रीम निवेश के लिए स्वीकृति प्रदान की गई थी. याचिका में कहा गया है कि 'दोनों निवेश प्रस्तावों की जांच की गई और सामान्य रूप में आगे की प्रक्रिया अपनाई गईऔर उन्हें FIPB के समक्ष रखा गया. FIPB ने अनुमोदन देने की सिफारिश की और याचिकाकर्ता ने केवल सिफारिश को मंजूरी दी. FIPB के किसी भी सदस्य को गिरफ्तार करने का प्रयास नहीं किया गया है.'

चिदंबरम ने कहा कि वह राज्यसभा (RajyaSabha) के सदस्य हैं और वह कभी किसी मामले में दोषी नहीं रहे हैं. याचिका में कहा गया है कि 'न्याय से उनके भागने की कोई संभावना नहीं है. याचिकाकर्ता की ओर से जांच में पूरी तरह से सहयोग करने के बावजूद उसकी गिरफ्तारी की मांग केवल उसे अपमानित करने और उसकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए है.'

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First published: August 21, 2019, 2:09 PM IST
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