11 साल में सबसे नीचे गई GDP तो चिदंबरम ने चेताया, 'याद रखें, यह लॉकडाउन से पहले की है'

पी चिदंबरम ने किया ट्वीट. (File Pic- Pti)
पी चिदंबरम ने किया ट्वीट. (File Pic- Pti)

पी चिदंबरम (P chidambaram) ने ट्वीट किया, 'हमने अनुमान लगाया था कि चौथी तिमाही के लिए जीडीपी 4 फीसदी से कम पर एक नया निचला स्तर छू लेगा. यह 3.1 फीसदी तक निचले स्‍तर पर आ गया है.'

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नई दिल्‍ली. देश का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर बीते वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी जनवरी-मार्च की तिमाही में घटकर 3.1 प्रतिशत पर आ गई है. इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 5.7 प्रतिशत रही थी. यह पिछले 11 साल में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर का सबसे कमजोर आंकड़ा है. इस पर कांग्रेस ने नेता और पूर्व वित्‍त मंत्री पी चिदंबरम (P chidambaram) ने प्रतिक्रिया दी है. उन्‍होंने सरकार को चेताते हुए कहा है कि यह लॉकडाउन के की जीडीपी है.

जारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए पी चिदंबरम ने ट्वीट किया. इसमें उन्‍होंने कहा, 'हमने अनुमान लगाया था कि चौथी तिमाही के लिए जीडीपी 4 फीसदी से कम पर एक नया निचला स्तर छू लेगा. यह 3.1 फीसदी तक निचले स्‍तर पर आ गया है. याद रखें, यह लॉकडाउन के पहले का है. चौथी तिमाही के 91 दिनों में से लॉकडाउन केवल 7 दिनों के लिए लागू किया गया. यह बीजेपी सरकार के आर्थिक प्रबंधन पर एक टिप्‍पणी है.'

 
कहा जा रहा है कि वृद्धि दर में गिरावट का सबसे बुरा दौर अभी आना है. इसकी वजह कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन है. राष्ट्रव्यापी बंद का अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा है, इसका पता अगली तिमाही यानी चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के आंकड़े आने के बाद चलेगा. 




सरकार ने एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को बंद करने की शुरुआत मार्च के अंतिम सप्ताह से की थी. 25 मार्च से लागू लॉकडाउन को पहले ही तीन बार बढ़ाया जा चुका है. हालांकि, इस महीने की शुरुआत से सरकार ने लॉकडाउन के दौरान कुछ छूट दी हैं.

सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र में 1.4 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि एक साल पहले समान तिमाही में इसमें 2.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. हालांकि, कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर बढ़कर 5.9 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 1.6 प्रतिशत थी. आंकड़ों के अनुसार, पूरे वित्त वर्ष 2019-20 में जीडीपी की वृद्धि दर गिरकर 4.2 प्रतिशत रह गई है. इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 6.1 प्रतिशत रही थी. यह वार्षिक वृद्धि दर का 11 साल का सबसे निचला स्तर है. बीते वित्त वर्ष की प़हली तीन तिमाहियों के वृद्धि दर के आंकड़ों को घटाया गया है.

बीते वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के वृद्धि दर के आंकड़े को घटाकर 4.7 की जगह 4.1 प्रतिशत किया गया है. इसी तरह बीते वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही के आंकड़ों को भी क्रमश 5.6 से कम कर 5.2 प्रतिशत और 5.1 की जगह 4.4 प्रतिशत किया गया है.

जीडीपी के आंकड़ों पर डेलॉयट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा कि बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के जीडीपी आंकड़े एक दशक से अधिक पुराने वैश्विक वित्तीय संकट के बाद से सबसे खराब हैं. उन्होंने कहा, '2020 की शुरुआत से आर्थिक गतिविधियों में कुछ सुधार दिखने लगा था. पहले दो माह के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों से पता चलता है कि औद्योगिक गतिविधियां सुधरने लगी हैं.'

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