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भारतीय है या नहीं, इस चक्‍कर में पाक जेल में बंद है गुजरात का शख्स

भाषा
Updated: January 8, 2018, 9:33 PM IST
भारतीय है या नहीं, इस चक्‍कर में पाक जेल में बंद है गुजरात का शख्स
सांकेतिक तस्वीर

पाकिस्तान की एक जेल में बंद कच्छ का शख्स अपनी कैद की सजा समाप्त होने के एक साल बाद भी भारत वापस नहीं आ पाया है क्योंकि गृह मंत्रालय ने उसकी नागरिकता का सत्यापन नहीं किया है. एक आरटीआई अर्जी के जवाब में यह बात सामने आई है.

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पाकिस्तान की एक जेल में बंद कच्छ का शख्स अपनी कैद की सजा समाप्त होने के एक साल बाद भी भारत वापस नहीं आ पाया है क्योंकि गृह मंत्रालय ने उसकी नागरिकता का सत्यापन नहीं किया है. एक आरटीआई अर्जी के जवाब में यह बात सामने आई है.

गुजरात के कच्छ जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा से करीब 50 किलोमीटर दूर नाना दिनारा गांव के रहने वाले 51 साल के इस्माइल सम्मा अगस्त 2008 में लापता हो गए थे. वह मवेशियों को चराते हुए गलती से पाकिस्तान की सीमा में चले गये थे. मुंबई के एनजीओ ‘पाकिस्तान-इंडिया पीपुल्स फोरम फॉर पीस एंड डेमोक्रेसी’ के जतिन देसाई ने यह जानकारी दी. इस मुद्दे पर पिछले साल अगस्त में विदेश मंत्रालय में आरटीआई अर्जी दाखिल करने वाले देसाई को पिछले दिनों पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग की तरफ से जवाब मिला है.

जासूसी के आरोप में मिली थी पांच साल की सजा
सीमापार करके पाकिस्तान पहुंच गए सम्मा को अक्तूबर 2011 में जासूसी के आरोप में पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी. देसाई ने कहा, ‘‘उनकी जेल की सजा अक्तूबर, 2016 में समाप्त हो गई. लेकिन गृह मंत्रालय की तरफ से राष्ट्रीयता का सत्यापन नहीं होने की वजह से उन्हें अभी तक देश वापस नहीं भेजा गया है.’’ सम्मा का परिवार कई साल से उनकी तलाश कर रहा था. पिछले दिनों पता चला कि वह पाकिस्तान की एक जेल में बंद हैं.



पाक जेल से लौटे शख्‍स ने दी जानकारी
पाकिस्तान की एक जेल से लौटे भारतीय रफीक सुलेमान ने परिवार को बताया कि उसने कराची जेल में सम्मा को देखा था. देसाई ने कहा कि भारत सरकार के अधिकारियों को कम से कम 2014 से सम्मा के बारे में जानकारी थी जब उन्हें पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग द्वारा कंसुलर एक्सेस प्रदान किया गया था.

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First published: January 8, 2018, 8:33 PM IST
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