बाबरी फैसले पर पाक लगा रहा आरोप, लेकिन मस्जिद ढहाने पर वहां टूटे थे 30 मंदिर

बाबरी मस्जिद केस में बुधवार को सभी आरोपियों को बरी किया गया है. (File photo)
बाबरी मस्जिद केस में बुधवार को सभी आरोपियों को बरी किया गया है. (File photo)

6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद गिराए (Babri Mosque Demolition) जाने की खबर जैसे ही पड़ोसी मुल्क पहुंची वहां पर मंदिरों पर हमले शुरू हो गए थे. तब इस घटना को अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने प्रकाशित किया था.

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  • Last Updated: October 1, 2020, 10:24 PM IST
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नई दिल्ली. लखनऊ में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट (CBI Special Court) ने बाबरी मस्जिद गिराए (Babri Mosque Demolition) जाने के आरोपों से पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी समेत 32 आरोपियों को बरी किया है. कोर्ट के फैसले को एक तरफ जहां बीजेपी नेता सत्य की जीत बता रहे हैं वहीं सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं भी दी जा रही हैं.

आडवाणी ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘विशेष अदालत का आज का जो निर्णय हुआ है वह अत्यंत महत्वपूर्ण है और वह हम सबके लिए खुशी का प्रसंग है. जब हमने अदालत का निर्णय सुना तो हमने जय श्री राम का नारा लगाकर इसका स्वागत किया.’ वहीं MIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कोर्ट के निर्णय को इतिहास का काला दिन बताया. भारत ही नहीं बाबरी मस्जिद पर निर्णय को लेकर पाकिस्तान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है.

भारत ने दिया पाकिस्तान का जवाब
पाकिस्तान द्वारा आलोचना करने का भारत ने कड़ाई से प्रतिवाद करते हुए कहा है कि पड़ोसी देश के लिए लोकतंत्र और कानून के शासन को समझना कठिन है जहां ‘दमन तंत्र’है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को मामले में सभी आरोपियों के बरी किए जाने की निंदा की थी और भारत सरकार से आग्रह किया था कि अल्पसंख्यकों और खासकर मुस्लिमों एवं उनके पूजा स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करें.




पाकिस्तान में हुई थी भीषण प्रतिक्रिया
करीब 28 साल पहले जब अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराई गई थी तब भी इसकी प्रतिक्रिया पाकिस्तान में हुई थी. पाकिस्तान में पहले से मुश्किलें झेल रहे हिंदू (Hindu) समुदाय के लिए और मुश्किलें खड़ी हो गई थीं.

PAKISTANIS ATTACK 30 HINDU TEMPLES की हेडिंग
6 दिसंबर 1992 (6 December 1992) को बाबरी मस्जिद गिराए (Babri Demolished) जाने की खबर जैसे ही पड़ोसी मुल्क पहुंची वहां पर मंदिरों पर हमले शुरू हो गए थे. तब इस घटना को अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने प्रकाशित किया था. PAKISTANIS ATTACK 30 HINDU TEMPLES की हेडिंग से छपी इस खबर में बताया गया था कि बाबरी विध्वंस का पाकिस्तान में कितना बुरा असर हुआ था.

"Crush India!" और "Death to Hinduism!" के नारे
अखबार के मुताबिक पूरे पाकिस्तान में करीब 30 हिंदू मंदिरों पर हमले हुए. पाकिस्तानी सरकार ने बाबरी गिराए जाने के के विरोध में एक दिन के लिए स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद कर दिए थे. भीड़ ने 6 मंदिरों को आग के हवाले कर दिया था और एयर इंडिया के दफ्तर पर पत्थरबाजी हुई थी. उन्मादी भीड़ "Crush India!" और "Death to Hinduism!" के नारे लगा रही थी. विरोध प्रदर्शनों और दुकानें बंद होने की वजह से बिजनेस बिल्कुल ठप हो गया था.

पीवी नरसिम्हा राव का पुतला भारतीय दूतावास के सामने जलाया गया
वहीं कायदे आजम विश्वविद्यालय के छात्रों ने भारतीय प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव का पुतला भारतीय दूतावास के सामने जलाया था. गुस्साए छात्र नारे लगा रहे थे-अब हिंदुओं के खिलाफ धर्मयुद्ध ही एकमात्र रास्ता है. गौरतलब है कि पाकिस्तान में तब हिंदुओं की आबादी 2 प्रतिशत से भी कम थी. खौफ का साया पूरे समुदाय पर मंडरा रहा था.

पंजाब यूनिवर्सिटी के पास पुराना जैन मंदिर जमींदोज
लाहौर में उन्मादी भीड़ ने बुलडोजर चलाकर पंजाब यूनिवर्सिटी के पास एक पुराने जैन मंदिर को जमींदोज कर दिया था. पुलिस पूरे मामले में सिर्फ मूकदर्शक की भूमिका में रही. और न ही पुलिस ने तब कोई कार्रवाई की जब एयर इंडिया के दफ्तर पर जमकर पत्थर बरसाए गए. एयर इंडिया के दफ्तर से फर्नीचर खींचकर सड़कों पर लाए गए और उनमें आग लगा दी गई.

कराची में पांच मंदिरों पर हमले हुए और सिंध के दक्षिणी इलाके में 25 मंदिरों को आग के हवाले कर दिया गया. इन्ही इलाकों में पाकिस्तान का 95 फीसदी हिंदू समुदाय रहता था. आज भी हिंदुओं की संख्या इन्हीं इलाकों में ठीक-ठाक है.
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