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गणतंत्र दिवस में पाकिस्तान के रक्षा और सेना के सलाहकार भी थे मेहमान

गणतंत्र दिवस में पाकिस्तान के रक्षा और सेना के सलाहकार भी थे मेहमान

तस्वीर- पीटीआई

तस्वीर- पीटीआई

इस बार के 26 जनवरी समारोह में भारत ने पाकिस्तान उच्चायोग के रक्षा और सेना के सलाहकार ब्रिगेडियर चौधरी आमिर अजमल को भी आमंत्रित किया था.

    पिछले साल हुए उरी हमले और जवाब में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत-पाकिस्तान  के बीच तल्ख हुए रिश्ते को सुधारने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि इस बार के 26 जनवरी समारोह में भारत ने पाकिस्तान उच्चायोग के रक्षा और सेना के सलाहकार ब्रिगेडियर चौधरी आमिर अजमल को भी आमंत्रित किया था.

    इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक 2014 में एनडीए की सरकार बनने के बाद पहली बार गणतंत्र दिवस समारोह में पाकिस्तानी अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है. उस साल जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि थे.

    पाकिस्तानी सेना और उच्चायोग के अधिकारी रक्षा विंग में होते हैं. भारत में मौजूद विंग में फिलहाल दो अधिकारी हैं, जिसमें से एक वायु और एक नौसेना के अधिकारी हैं.

    सूत्रों का कहना है कि भारत के रक्षा मंत्रालय की ओर से मिले निमंत्रण को देखकर ब्रिगेडियर चौधरी आमिर अजमल अचंभित थे.

    गलती से पाकिस्तानी सीमा में चले जाने वाले भारतीय सैनिक चंदू बाबूलाल चव्हाण को वहां की फौज ने इसी महीने रिहा किया है. जवान बाबूलाल चव्हाण पिछले साल 29 सितंबर को भटक कर सीमा पार कर गया था जहां पाकिस्तानी सैनिकों ने उसे पकड़ लिया था. इस घटना के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि वह शांति और सुरक्षा चाहते हैं. पाकिस्तान ने इस जवान को संद्भावना का संकेत देते हुए छोड़ दिया है. इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस ने एक बयान में कहा कि सद्भावना का संकेत देते हुए और एलओसी पर शांति कायम रखने के मकसद के कारण बाबूलाल को अपने देश जाने दिया गया.

    बाईस वर्षीय 37 राष्ट्रीय रायफल्स के जवान चंदू भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के कुछ घंटे बाद गलती से एलओसी पार करके पाकिस्तान सीमा में प्रवेश कर गया था. भारत लौटने के बाद चंदू बाबूलाल चव्हाण ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने उसके ज्यादा ज्यादती नहीं की.

    मालूम हो कि पिछले साल सितंबर में पाकिस्तानी घुसपैठियों ने कश्मीर के उरी स्थिति सेना के कैंप पर हमला किया था. इस हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे. इस घटना के जवाब में भारतीय फौज ने पाकिस्तानी सीमा में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए आतंकियों के कई कैंप तहस-नहस कर दिए थे. इसके बाद से दोनों देशों के बीच लगातार तनाव पूर्ण माहौल बने हुए हैं.

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