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FATF की बैठक में PAK पर होगा फैसला, मिलेगी क्‍लीन चिट या होगा ब्‍लैक लिस्‍ट

FATF की बैठक में PAK पर होगा फैसला, मिलेगी क्‍लीन चिट या होगा ब्‍लैक लिस्‍ट

FATF के सामने रिपोर्ट पेश करने के लिए पाकिस्तानी दल पेरिस पहुंच चुका है (फाइल फोटो)

FATF के सामने रिपोर्ट पेश करने के लिए पाकिस्तानी दल पेरिस पहुंच चुका है (फाइल फोटो)

पाकिस्तानी शिष्टमंडल (Pakistan's Delegation) FATF सप्ताह में भाग लेने और पाक का पक्ष रखने के लिए पेरिस (Paris) पहुंच चुका है.

    इस्लामाबाद. ईरान (Iran) और उत्तर कोरिया (North Korea) के साथ एफएटीएफ (FATF) की काली सूची में नाम आने के जोखिम का सामना कर रहे पाकिस्तान के वित्त मंत्री के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल (Delegation) आतंकवाद के वित्तपोषण और धनशोधन (Money Laundering) पर लगाम लगाने के लिए इस्लामाबाद (Islamabad) के कदमों पर अपना पक्ष रखेगा.

    पेरिस (Paris) स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने पिछले साल जून में पाकिस्तान को ‘ग्रे लिस्ट’ (Grey List) में डाल दिया था और उसे अक्टूबर, 2019 तक पूरा करने के लिए एक कार्ययोजना सौंपी थी अन्यथा काली सूची (Black List) में नाम आने के खतरे का सामना करने की चेतावनी दी थी.

    पाकिस्तान के आर्थिक भविष्य का होना है फैसला
    FATF इस साल अप्रैल तक पाकिस्तान की ओर से हुई प्रगति का अध्ययन कर रही है. 13 अक्टूबर से शुरू होकर 16 अक्टूबर तक चलने वाले एफएटीएफ सप्ताह (FATF Week) में यह समीक्षा की जा रही है.

    इसमें तय किया जाएगा कि पाकिस्तान, ग्रे लिस्ट (Grey List) में ही बना रहे या उसे काली सूची में डाल दिया जाए या फिर क्लीन चिट दे दी जाए.

    डॉन न्यूज ने सोमवार को खबर प्रकाशित की कि FATF के समक्ष अनुपालन रिपोर्ट पेश करने वाले पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल की अगुआई कर रहे आर्थिक मामलों के मंत्री हम्माद अजहर रविवार को पेरिस पहुंचे. वह बैठकों में शामिल होंगे.

    बैठक में शामिल होंगे 205 देशों के प्रतिनिधि
    बैठकों में 205 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. इनमें अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), संयुक्त राष्ट्र (UN), विश्व बैंक (World Bank) तथा अन्य संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे.

    इस बीच एफएटीएफ के पाकिस्तान पर आने वाले अहम फैसले से पहले अमेरिका ने शनिवार को कहा था कि इस्लामाबाद (Islamabad) को अपनी जमीन से आतंकवादी समूहों (Terrorist Groups) को गतिविधियां चलाने से रोकना चाहिए तथा लश्कर ए तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद (Hafiz Saeed) समेत उसके शीर्ष नेताओं पर मुकदमा चलाना चाहिए.

    यह भी पढे़ं: FATF में यूं ही पाकिस्तान की मदद नहीं कर रहे चीन-मलेशिया और तुर्की, ये है वजह

    Tags: Black money, France, Hafiz Saeed, Iran, North Korea, Pakistan, Paris Attack, Rural economy, Terrorism, Terrorist

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