SAARC देशों के व्यापार अधिकारियों की वीडियो कांफ्रेंस में शामिल नहीं हुआ पाकिस्तान: अधिकारी

SAARC देशों के व्यापार अधिकारियों की वीडियो कांफ्रेंस में शामिल नहीं हुआ पाकिस्तान: अधिकारी
यह मीटिंग पीएम मोदी की 15 मार्च की घोषणा के बाद हुई (फोटो- ANI)

विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने बताया कि पाकिस्तान (Pakistan) छोड़कर दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) के सभी देशों ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 9, 2020, 12:18 AM IST
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नई दिल्ली. दक्षेस देशों (SAARC Countries) के अधिकारियों की बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग (Video Conferencing) में क्षेत्रीय व्यापार (Regional trade) को अधिक सुविधाजनक बनाने की एक बड़ी व्यवस्था बनाने पर चर्चा हुई. इसका उद्देश्य विश्व व्यापी कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) से इस क्षेत्र पर पड़ रहे आर्थिक-वाणिज्यक दुष्प्रभावों को आपसी व्यापार सहयोग बढ़ा कर कम करना था.

भारतीय विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affirs) ने बताया कि इस चर्चा में पाकिस्तान (Pakistan) ने हिस्सा नहीं लिया.

कोरोना के चलते सरकारों ने प्रवेश और परिवहन पर लगा रखी हैं पाबंदियां
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि चर्चा में शामिल सदस्य देशों के व्यापार अधिकारियों ने जोर दिया गया कि इस समूह के अंदर आपस में व्यापार के विस्तार के लिए तब तक नए तरीके निकाले जाने चाहिए जब तक कि व्यापार (Trade) की सामान्य व्यवस्था बहाल नहीं हो जाती.
गौरतलब है कि भारत समेत सभी दक्षेस देश इस समय कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के संकट से जूझ रहे हैं और सरकारों ने प्रवेश तथा परिवहन पर पाबंदियां लगा रखी हैं.



पीएम मोदी ने साथ मिलकर कोरोना से निपटने का दिया था सुझाव
इससे पहले भारत की पहल पर 15 मार्च को दक्षेस नेताओं के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने दक्षेस नेताओं के सामने सुझाव दिया था कि सदस्य देशों को कोरोना महामारी से मिल कर निपटना चाहिए.

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) में भारत के अलावा अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं.

पाकिस्तान के अलावा सभी सार्क देशों ने लिया चर्चा में भाग
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान (Pakistan) को छोड़कर सभी सदस्य देशों ने बुधवार की वीडियो कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया. इसमें सदस्य देशों के व्यापार विभाग के अधिकारी शामिल हुए.

मंत्रालय के अुनसार अधिकारियों ने विभिन्न मामलों पर चर्चा की जिसमें कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के मद्देनजर व्यावहारिक उपायों के माध्यम से क्षेत्रीय व्यापार की सुविधा बढ़ाने पर चर्चा की गयी. इन उपायों में रियाती शुल्क पर आयात को कुछ समय तक डिजिटल दस्तावेजों के आधार पर मजूर किए जाने जैसे उपाय भी शामिल हो सकते है.

सार्क देशों के बीच आवश्यक वस्तुओं का व्यापार बनाए रखा जाना चाहिए
विदेश मंत्रालय ने कहा कि बुधवार की बैठक में विचार का एक महत्वपूर्ण मुद्दा था कि क्षेत्र के सदस्य देशों के बीच आवश्यक वस्तुओं (Essential Goods) का व्यापार बनाए रखा जाना चाहिए. अधिकारियों ने क्षेत्रीय व्यापार सुविधा के लिए एक बड़ी व्यवस्था बनाए जाने के मुद्दे पर भी चर्चा की.

इसके अलावा बैठक में कुछ विषय विशेष पर चर्चा हुई जिसमें सीमा शुल्क विभाग (customs department) की मंजूरी और बैंकों से भुगतान जारी किए जाने के लिए दस्तावेजों की स्कैन ही कॉपी को स्वीकार किया जाना तथा आयातकों और निर्यातकों सीमा चौकी व्यापार चौकियों पर सामने आ रही चुनौतियों को सुलझाना शामिल था.

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