पाकिस्तान अवैध कब्जे को छिपाने के लिए करा रहा गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव: विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान का उस क्षेत्र में कोई अधिकार नहीं है जिस पर उसने ‘‘अवैध और जबरन कब्जा’’ कर रखा है (सांकेतिक फोटो)
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान का उस क्षेत्र में कोई अधिकार नहीं है जिस पर उसने ‘‘अवैध और जबरन कब्जा’’ कर रखा है (सांकेतिक फोटो)

विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘‘भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार (Pakistan Government) से कड़ा विरोध जताया है और कहा है कि संघ शासित क्षेत्र (Union Territory) जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा इलाका जिसमें तथाकथित गिलगित और बाल्टिस्तान भी शामिल है, वह 1947 के विलय की संधि (Instrument of Accession) के मुताबिक भारत का अभिन्न अंग है.’’

  • भाषा
  • Last Updated: September 29, 2020, 6:06 PM IST
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नई दिल्ली. भारत ने मंगलवार को कहा कि अगले महीने ‘‘तथाकथित गिलगित बाल्टिस्तान ’’ विधानसभा क्षेत्र (So-called Gilgit Baltistan Assembly Area) में चुनावों की घोषणा को लेकर उसने पाकिस्तान (Pakistan) से कड़ा विरोध दर्ज कराया है. भारत ने कहा कि इस्लामाबाद (Islamabad) द्वारा क्षेत्र पर ‘‘अवैध’’ (Illegal) कब्जे को छिपाने के लिए ‘‘दिखावे की कार्रवाई’’ की जा रही है. विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) ने कहा कि इस्लामाबाद द्वारा क्षेत्र में चुनाव कराने जैसे कार्यों से केंद्र शासित क्षेत्र जम्मू-कश्मीर और लद्दाख (Jammu-Kashmir and Ladakh) के हिस्से पर ‘‘अवैध कब्जे’’ को न तो छिपाया जा सकता है न ही पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (Kashmir) में लोगों के ‘‘घोर मानवाधिकार उल्लंघनों और शोषण’’ (Gross human rights violations and exploitation) की बात को ढका जा सकता है.

पाकिस्तान ने घोषणा की है कि गिलगित बाल्टिस्तान (Gilgit Baltistan) के लिए चुनाव 15 नवंबर को होंगे. विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘‘भारत की सरकार ने पाकिस्तान की सरकार (Pakistan Government) से कड़ा विरोध जताया है और कहा है कि संघ शासित क्षेत्र (Union Territory) जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा इलाका जिसमें तथाकथित गिलगित और बाल्टिस्तान भी शामिल है, वह 1947 के विलय की संधि (Instrument of Accession) के मुताबिक भारत का अभिन्न अंग है.’’

पाक का उस क्षेत्र में कोई अधिकार नहीं, जिस पर उसने किया ‘‘अवैध और जबरन कब्जा’’
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान का उस क्षेत्र में कोई अधिकार नहीं है जिस पर उसने ‘‘अवैध और जबरन कब्जा’’ कर रखा है. विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस तरह के कार्यों से संघ शासित क्षेत्र जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हिस्से पर न तो अवैध कब्जे को छिपाया जा सकता है न ही सात दशकों से पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में रहने वाले लोगों के गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों, शोषण और स्वतंत्रता से वंचित किए जाने के मामले को ढका जा सकता है.’’
महज दिखावा वाले कार्य ताकि अवैध कब्जे को छिपाया जा सके


विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘ये महज दिखावा वाले कार्य हैं ताकि अवैध कब्जे को छिपाया जा सके. हम पाकिस्तान से अपील करते हैं कि वह अवैध कब्जे वाले सभी क्षेत्रों को तुरंत खाली करे.’’ विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से यह भी कहा कि वह अपने अधीन सभी अवैध कब्जे वाले स्थानों तो तुरंत खाली करे.

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गिलगित बाल्टिस्तान में 18 अगस्त को चुनाव होने वाले थे लेकिन पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने कोरोना वायरस महामारी के कारण 11 जुलाई को चुनाव स्थगित कर दिए.
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