पाकिस्तान ने गोलाबारी के डर से पीओके में मौजूद 50 चीनी नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नीलम और झेलम नदियों के संगम पर पनबिजली परियोजना पर काम रहे चीनी नागरिकों को वहां से निकाल कर उस जगह को खाली कर दिया गया है.

News18Hindi
Updated: August 2, 2019, 2:47 PM IST
पाकिस्तान ने गोलाबारी के डर से पीओके में मौजूद 50 चीनी नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा
चीन, पाकिस्तान का सबसे बड़ा मित्र है
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Updated: August 2, 2019, 2:47 PM IST
पाकिस्तानी अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पनबिजली परियोजना पर काम कर रहे 50 चीनी नागरिकों को नियंत्रण रेखा के पास से निकाला लिया गया है. नीलम और झेलम नदियों के संगम के साथ पीओके में बनाए जा रहे एक बांध पर चीनी लोग काम कर रहे थे. मंगलवार को देर रात फायरिंग तेज होने के बाद उन वर्कर्स को वहां से निकाल कर सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है. इस सारे घटनाक्रम का विवरण पीओके के स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी अख्तर अयूब ने पाकिस्तान के अखबार डॉन न्यूज को दिया है.

स्थानीय सुरक्षा अधिकारी राजा शाहिद महमूद ने कहा कि भारतीय सुरक्षा बलों ने पिछले 24 घंटों के दौरान पीओके के आसपास के इलाकों पर "अंधाधुंध गोलाबारी" की है. जिसके बाद से वहां लोगों में दहशत का माहौल है. इसी वजह से वहां मौजूद चीनी नागरिकों को निकालने के बाद उस जगह को खाली करने का निर्णय लिया गया.

पाक ने कहा-संघर्ष विराम उल्लंघन हताशा का संकेत
इस बीच, पाकिस्तानी सेना ने चेतावनी दी कि वह भारतीय बलों द्वारा एलओसी के कथित संघर्ष विराम उल्लंघन का जवाब देगी और अपने नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करेगी. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट किया, "भारत का संघर्ष विराम उल्लंघन जम्मू-कश्मीर में विफलता से हुए हताशा का संकेत है." उन्होंने कहा, "इस उल्लंघन का प्रभावी ढंग से जवाब दिया जा रहा है. पाक सेना नागरिकों को एलओसी के साथ-साथ भारतीय गोलीबारी से बचाने के लिए सभी उपाय करेगी."

भारत के उप उच्चायुक्त तलब किए गए
पाकिस्तान ने भारत के उप उच्चायुक्त को तलब किया और नियंत्रण रेखा के पार भारतीय सैनिकों द्वारा कथित "संघर्ष विराम उल्लंघन" की निंदा की है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने उप उच्चायुक्त गौरव अहलूवालिया को बुलाया और नियंत्रण रेखा के साथ भारतीय सुरक्षा बलों के द्वारा कथित संघर्ष विराम उल्लंघन की निंदा की. इस बात की पुष्टि पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने अपने स्टेटमेंट में की है.

बता दें कि पाकिस्तान की तरफ से हुए सीजफायर उल्लंघन के बाद दोनों ओर से भारी मात्रा गोले दागे गए हैं. 2003 के युद्धविराम समझौते के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच दूसरी बार गोले दागे गए हैं. इससे पहले ऐसा 2017 में हुआ था.
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First published: August 2, 2019, 12:58 PM IST
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