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भारत के पराक्रम के आगे सबसे कम समय में सरेंडर हो गया था पाकिस्‍तान : वायुसेना चीफ विवेक राम चौधरी

भारत के पराक्रम के आगे सबसे कम समय में सरेंडर हो गया था पाकिस्‍तान : वायुसेना चीफ विवेक राम चौधरी

एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने बेंगलुरू में स्‍वर्णिम विजय वर्ष समारोह को संबोधित किया.

एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने बेंगलुरू में स्‍वर्णिम विजय वर्ष समारोह को संबोधित किया.

भारतीय सेना (indian army) ने हवा, जमीन और समुद्र में अपना कौशल दिखाकर 1971 में पाकिस्‍तान (pakistan) को कम समय में ही आत्‍मसमर्पण करने को मजबूर कर दिया था. यह बात एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने बेंगलुरु में आयोजित स्‍वर्णिम विजय वर्ष समारोह में कही. यह समारोह 1971 में भारतीय सेना की पाकिस्तान पर यादगार जीत के 50 साल पूरे होने पर आयोजित किया जा रहा है.

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    बेंगलुरु. भारतीय सेना (Indian Army) ने हवा, जमीन और समुद्र में अपना कौशल दिखाकर 1971 में पाकिस्‍तान (pakistan) को कम समय में ही आत्‍मसमर्पण करने को मजबूर कर दिया था. यह बात एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने बेंगलुरु में आयोजित स्‍वर्णिम विजय वर्ष समारोह (Golden Victory Year Celebrations) में कही. इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defense Minister Rajnath Singh) भी शामिल हुए.

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 1971 का युद्ध इतिहास के उन कुछ युद्धों में से एक है, जो किसी क्षेत्र का अधिग्रहण या सत्‍ता हथियाने के लिए नहीं लड़ा गया था. इस युद्ध का मुख्‍य उद्देश्‍य मानवता और लोकतंत्र की गरिमा की रक्षा करना था. यह समारोह 1971 में भारतीय सेना की पाकिस्तान पर यादगार जीत के 50 साल पूरे होने पर आयोजित किया जा रहा है. भारतीय सेना इस साल स्वर्णिम विजय वर्ष के तौर पर सेलिब्रेट कर रही है. युद्ध में भाग लेने वाले बहादुरों को सम्मानित करने के लिए देशभर में समारोह का आयोजन किया जा रहा है.

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    वहीं, वायुसेना प्रमुख विवेक राम चौधरी ने कहा कि 1971 का युद्ध, सैन्‍य युद्ध के इतिहास में अब तक का सबसे छोटा और सबसे तेज जीत में से एक है. इसमें 93,000 पाकिस्‍तानी सैनिकों का आत्‍मसमर्पण हुआ था जो द्वितीय विश्‍व युद्ध के बाद सेना द्वारा अब तक के सबसे बड़े आत्‍मसमर्पण का प्रतिनिधित्‍व करता है. वायुसेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय सेना, नौ सेना और वायु सेना ने युद्ध के सभी क्षेत्रों में पाकिस्‍तान सेना को कम से कम समय में आत्‍मसमर्पण करने के लिए मजबूर कर दिया था.

    गौरतलब है कि 1971 में भारतीय सेना की पाकिस्तान पर यादगार जीत को 50 साल पूरे हो चुके हैं, जिसे भारतीय सेना इस साल स्वर्णिम विजय वर्ष के तौर पर सेलिब्रेट कर रही है. वर्ष 1971 के सफल अभियान में भाग लेने वाले बहादुरों को सम्मानित करने के लिए देशभर में आयोजित होने वाले ‘स्वर्णिम विजय वर्ष’ समारोह के तहत यह आयोजन किया जा रहा है.

    Tags: Defense Minister Rajnath Singh, Golden Victory Year Celebrations, Indian army, Pakistan

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